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'लगा अंतिम टेस्ट नहीं खेल पाऊँगा'
ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के कप्तान स्टीव वॉ का कहना है कि एक समय तो उन्हें लगा था कि वह चोट की वजह से अपने खेल जीवन का अंतिम टेस्ट शायद खेल ही नहीं पाएँगे. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मेलबॉर्न टेस्ट में नौ विकेट से हराने के साथ ही चार टेस्टों की सिरीज़ में 1-1 की बराबरी कर ली है और अंतिम टेस्ट दो जनवरी से सिडनी में होना है. वह टेस्ट वॉ के खेल जीवन का अंतिम टेस्ट होगा क्योंकि उन्होंने इस सिरीज़ के बाद संन्यास लेने की घोषणा कर दी है. सिडनी टेस्ट वॉ का एक सौ अड़सठवाँ टेस्ट होगा और उन्होंने कहा कि रविवार को जब अजित अगरकर की गेंद पर उन्हें चोट लगी थी तो एक समय उन्हें लगा कि वह अंतिम टेस्ट शायद नहीं खेल पाएँ. तीसरे टेस्ट में जीत के बाद उन्होंने कहा, "ईमानदारी से, मुझे एक समय तो लगा कि मैं अपना हाथ तुड़वा बैठा हूँ." वॉ का कहना था कि उस समय उन्हें लगा कि बस पता नहीं वह सिडनी टेस्ट तक ठीक भी हो सकेंगे या नहीं. मगर अब वे अच्छा महसूस कर रहे हैं. वॉ का अंतिम टेस्ट स्टीव वॉ ने 56 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की और उसमें से 41 में टीम को जीत मिली. मेलबॉर्न टेस्ट के अंतिम दिन स्टेडियम में मौजूद लगभग 29,000 लोगों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी.
इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि सिडनी के अंतिम टेस्ट में क्या होगा. इस पर वॉ का कहना था कि निश्चित रूप से वह उनके लिए कठिन समय होगा मगर उन्होंने कहा कि वह सकारात्मक रुख़ रखना चाहते हैं क्योंकि ऐसा मौका जीवन में एक ही बार आता है. उधर भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली का कहना था कि वह नहीं समझते कि मेज़बान टीम पर वॉ के अंतिम टेस्ट होने का कोई असर होगा. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम काफ़ी पेशेवर तरीक़े से खेलती है और उन्हें पता है कि सिरीज़ 1-1 से बराबर है. गांगुली ने इस हार के लिए भारतीय टीम के निचले क्रम के बल्लेबाज़ों को दोषी ठहराया जिनकी वजह से ऑस्ट्रेलियाई टीम को इतनी आसानी से जीत मिल गई. |
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