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गुरुवार, 25 दिसंबर, 2003 को 05:17 GMT तक के समाचार
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दबाव में होगी ऑस्ट्रेलियाई टीम
स्टीव वॉ
स्टीव वॉ की टीम पर सिरीज़ बचाने का दबाव होगा

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबॉर्न में 26 दिसंबर से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम निश्चित रूप से एक दबाव के तहत खेलने उतरेगी.

उस पर दबाव होगा क्योंकि कहीं अगर भारत ने ये टेस्ट जीत लिया तो वह सिरीज़ जीत जाएगा.

चार टेस्ट मैचों की इस सिरीज़ में भारत ने एडीलेड टेस्ट जीतकर 1-0 की बढ़त ले ली है.

ऑस्ट्रेलियाई टीम में तेज़ गेंदबाज़ ब्रैट ली की वापसी हुई है हालाँकि भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने कहा है कि ग्लेन मैक्ग्रा की ग़ैर-मौजूदगी में ली उतने प्रभावशाली नहीं हो सकेंगे.

एडीलेड टेस्ट मैच से बाहर रहने के बाद भारत के प्रमुख गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान की वापसी की संभावना है.

इधर ब्रैट ली ने चार साल पहले भारत के विरुद्ध ही खेल जीवन शुरू किया था और भारत के विरुद्ध उनका प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है.

मगर गांगुली तो जैसे ली पर ही पलटवार करने पर तुले थे. उन्होंने कहा, "ली में कुछ तेज़ी तो है. मगर मेरे ख़्याल से गेंदबाज़ी भी बल्लेबाज़ी जैसी ही है जहाँ आप दो लोग मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं."

गांगुली ने कहा, "अब ऐसे में अगर दूसरे छोर पर मैक्ग्रा नहीं हैं तो बात कुछ बदल जाती है. वैसे निश्चित तौर पर ली प्रमुख गेंदबाज़ के तौर पर उतरेंगे."

बल्लेबाज़ी है जान

भारत की जान उसकी बल्लेबाज़ी मानी जाती है मगर भारत के स्टार बल्लेबाज़ और मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने फ़ॉर्म से ही जूझ रहे हैं.

सौरभ गांगुली
गांगुली को उम्मीद है कि सचिन फ़ॉर्म में लौट आएँगे

उन्होंने अब तक तीन पारियों में शून्य, एक और 36 रन बनाए हैं.

गांगुली ने इस बारे में कहा कि उन्हें तो याद नहीं आता जब सचिन ने एक बड़ा स्कोर किए बिना कोई सिरीज़ खेली हो.

भारतीय कप्तान ने उम्मीद ज़ाहिर करते हुए कहा कि ये काफ़ी अच्छा भी है क्योंकि अभी दो टेस्ट बचे हैं और अगर सचिन बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं तो इससे भारतीय टीम अच्छी स्थिति में होगी.

उधर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वॉ ने कोच जॉन बुकनन की ओर से हुई टीम की आलोचनाओं के बारे में कहा कि उस बारे में सब कुछ स्पष्ट कर लिया गया है.

मगर वॉ ने कहा कि वह बुकनन की कई टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि चार टेस्ट की सिरीज़ में दो टेस्ट बाक़ी रहते टीम 1-0 से पिछड़ने की आदी नहीं है इसलिए टीम के लिए ये बेहतरीन मौक़ा है कि वह दिखा दे कि वह क्या कर सकती है.

स्टीव वॉ के अनुसार, "भारत के लिए वह परिणाम निश्चित रूप से काफ़ी अच्छा था मगर इसे बहुत गहराई से नहीं देखना चाहिए क्योंकि हमारा भी कभी ख़राब दिन आ जाता है."

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