पूर्व फ़ीफ़ा अधिकारी ने रिश्वत लेना स्वीकारा

चक ब्लेज़र

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फ़ीफ़ा के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी चक ब्लेज़र ने माना है कि उन्होंने और कार्यकारी समिति के सदस्यों ने वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका को विश्व कप का मेज़बान देश चुने जाने को लेकर रिश्वत ली.

चक ब्लेज़र ने कहा कि 1998 में हुए कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रिश्वत दिए जाने को लेकर मदद भी की थी.

चक ब्लेज़र ने दस मामलों में आरोपों को स्वीकार किया है.

न्यूयॉर्क से पत्रकार सलीम रिज़वी के मुताबिक जांच संस्था एफबीआई के साथ एक समझौते के तहत 2013 में ब्लेज़र ने कई अहम मामलों में रिश्वत लेने की बात अदालत के बंद कमरे में स्वीकारी थी. और उसी समझौते के तहत ब्लेज़र ने एफ़बीआई के लिए फुटबाल की कई संस्थाओं के अधिकारियों की जासूसी भी की थी.

सलीम रिज़वी बताते हैं कि जो अदालती दस्तावेज़ सार्वजनिक किए गए हैं उनमें भी कई पन्नो पर जानकारी को गुप्त रखने के लिए काले रंग से छुपा दिया गया है.

आमतौर पर इस प्रकार के समझौतों के बदले में आरोपियों की सज़ा में कमी कर दी जाती है.

इसी बीच क़तर के विदेश मंत्री ने कहा है कि किसी भी स्थिति में 2022 विश्व कप की मेज़बानी उनके देश से नहीं छीनी जा सकती है.

सेप ब्लैटर

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इमेज कैप्शन, अमरीकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक एफ़बीआई की जाँच के दायरे में फ़ीफ़ा अध्यक्ष ब्लैटर भी हैं.

ख़ालेद-अल-अत्तिया ने आलोचकों पर अरब विरोधी 'पूर्वाग्रह और नस्लवाद' के आरोप लगाते हुए कहा कि उनके देश को बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है.

फ़ीफ़ा के भ्रष्टाचार स्कैंडल के बाद क़तर को विश्वकप की मेज़बानी देने पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं.

न्यूयॉर्क की अदालत में पेश दस्तावेज़ों में उन्होंने रिश्वत लेने, रैकेटबाज़ी और काले धन को वैध करने के आरोप स्वीकार किए हैं.

ब्लेज़र ने कहा कि उन्होंने और फ़ीफ़ा की कार्यकारिणी समिति के अधिकारियों ने 2010 विश्वकप की मेज़बानी दक्षिण अफ़्रीका को देने के बदले रिश्वत ली थी.

अमरीकी अभियोजकों ने पिछले हफ़्ते 14 अधिकारियों को रिश्वत लेने, रैकेटबाजडी और काले धन को सफ़ेद करने के मामले में आरोपित किया था. चक ब्लेज़र समेत चार अन्य पर पहले से ही मामला दर्ज था.

अमरीकी न्याय विभाग का आरोप है कि फ़ीफ़ा अधिकारियों ने बीते 24 सालों के दौरान क़रीब 15 करोड़ डॉलर की रिश्वत ली है.

चक ब्लेज़र

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इमेज कैप्शन, ब्लेज़र फ़ीफ़ा और कोनकाकाफ़ के शीर्ष अधिकारी रहे हैं.

ब्लेज़र 1997-2013 तक फ़ीफ़ा की कार्यसमिति में रहे. वे 1990 से लेकर 2011 तक फ़ीफ़ा की उत्तर और केंद्रीय अमरीका और कैरिबियाई क्षेत्र की समिति कोनकाकाफ़ के दूसरे नंबर के अधिकारी थे.

ब्लेज़र ने कहा, "2004 से शुरू होकर और 2011 तक मैंने और फ़ीफ़ा कार्यसमिति के अन्य सदस्य 2010 की मेज़बानी दक्षिण अफ़्रीका को दोने के बदले रिश्वत लेने पर राज़ी हो गए थे."

बुधवार को ही दक्षिण अफ़्रीका ने रिश्वत देने के आरोप नकार दिए थे.

ब्लेज़र ने यह भी कहा कि उन्होंने और अन्य सदस्यों ने प्रसारण और ब्रांडिंग अधिकार बेचने के बदले भी रिश्वत ली.

उन्होंने अमरीका में टैक्स चोरी के आरोप भी स्वीकार किए.

ब्लैटर

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इमेज कैप्शन, फ़ीफ़ा में भ्रष्टाचार स्कैंडल सामने आने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने पद छोड़ने की घोषणा की है.

बताया जा रहा है कि 70 वर्षीय के ब्लेज़र इस समय गंभीर रूप से बीमार हैं.

अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई फ़ीफ़ा में हुए भ्रष्टाचार की व्यापक जाँच कर रही है और कई अधिकारी गिरफ़्तार किए जा चुके हैं.

फ़ीफ़ा अध्यक्ष सैप ब्लैटर ने भ्रष्टाचार स्कैंडल के बाद मंगलवार को अपना पद छोड़ने की घोषणा की थी.

अमरीका में चल रहे मामले के अलावा स्विट्ज़रलैंड पुलिस भी 2018 और 2022 विश्वकपों की मेज़बानी देने में हुए कथित भ्रष्टाचार की जाँच कर रही है.

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