वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल: पांच बातें जिन्होंने ताज्जुब में डाला

उरुग्वे के ख़िलाफ़ मैच में कोस्टा रिका के खिलाड़ी जश्न मनाते हुए नज़र आ रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, उरुग्वे के ख़िलाफ़ मैच में कोस्टा रिका के खिलाड़ी जश्न मनाते हुए नज़र आ रहे हैं.
    • Author, स्टीफ़न फॉटरेल
    • पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट्स

ब्राज़ील में चल रहे वर्ल्ड कप को शुरू हुए एक सप्ताह बीत रहा है. प्रत्येक टीम कम से कम एक मुक़ाबला खेल चुकी है. पहले सप्ताह के दौरान वर्ल्ड कप में ऐसा क्या-क्या हुआ, जिसने लोगों को चौंकाया है. इस पर एक नज़र डाल लेते हैं.

कोस्टा रिका

मध्य अमरीकी देश कोस्टा रिका को फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के दौरान सबसे कठिन ग्रुप में जगह मिली. कोस्टा रिका के ग्रुप में इंग्लैंड, इटली और 2010 के वर्ल्ड कप में चौथे नंबर पर रही उरुग्वे की टीम थी. लेकिन कोस्टा रिका ने शानदारशुरुआत की है.

पहले ही मुक़ाबले में उरुग्वे के हाथों पिछड़ने के बाद कोस्टा रिका ने यह मैच 3-1 से जीत लिया. ग्रुप-डी में शीर्ष पर रहते हुए टीम दूसरे दौर में जगह पक्की कर चुकी है.

कोस्टा रिका की जीत में आर्सेनल के फॉरवर्ड जोएल कैंपबेल का अहम योगदान रहा है. हालांकि 2011 में आर्सेनल के साथ अनुबंध करने के बाद कैंपबेल अभी तक क्लब के लिए कोई मैच नहीं खेल पाए हैं.

दे दनादन गोल!

वर्ल्ड कप 2014 का पहला गोल उद्घाटन मैच के 11वें मिनट में बना. ब्राज़ील के डिफ़ेंडर मार्सेलो ने आत्मघाती गोल कर डाला. उसके बाद तो मानो वर्ल्ड कप में गोलों की बरसात हो गई. पहले चार मैच में 15 गोल बने.

मैक्सिको के गोलकीपर ने ब्राज़ील के ख़िलाफ़ मैच में कई बेहतरीन बचाव किए.

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इमेज कैप्शन, मैक्सिको के गोलकीपर ने ब्राज़ील के ख़िलाफ़ मैच में कई बेहतरीन बचाव किए.

अब तक टूर्नामेंट में प्रति मैच तीन से ज़्यादा गोलों का औसत है. यह 1958 के बाद किसी भी टूर्नामेंट के अंदर सबसे प्रति मैच गोल का सबसे ज़्यादा औसत है.

इस बार वर्ल्ड कप में गोलों की बरसात देखना इसलिए भी सुखद है क्योंकि 2010 में दक्षिण अफ़्रीका में हुए वर्ल्ड कप के दौरान सबसे कम गोल देखने को मिले थे.

गोलकीपर का कमाल

ब्राज़ील और मेक्सिको के बीच मुक़ाबला गोलरहित बराबर रहा. इस मैच में मेक्सिको के गोलकीपर गुलिर्मो ओटचो ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया. ओटचो अभी किसी क्लब की ओर से नहीं खेलते. लेकिन उन्होंनेब्राज़ील के ख़िलाफ़ कई ख़ूबसूरत बचाव किए.

इसमें नेमार के हेडर का बचाव तो बेहद उम्दा था. इसकी तुलना 1970 के वर्ल्ड कप में लीजेंड फ़ुटबॉलर पेले के हेडर पर इंग्लैंड के गोलकीपर गॉर्डोन बैंक के बचाव से की जाने लगी है.

ग़ायब होने वाला स्प्रे

दुनिया भर के फ़ुटबॉल फ़ैंस मैदान के अंदर रेफ़री को ग़ायब होने वाले स्प्रे का इस्तेमाल करते देख शायद यही सोच रहे होंगे कि स्प्रे का ऐसा इस्तेमाल उन्होंने क्यों नहीं सोचा?

वर्ल्ड कप के दौरान गायब होने वाले स्प्रे का इस्तेमाल फ़ैंस को ख़ूब पसंद आ रहा है.

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इमेज कैप्शन, वर्ल्ड कप के दौरान गायब होने वाले स्प्रे का इस्तेमाल फ़ैंस को ख़ूब पसंद आ रहा है.

इस वर्ल्ड कप के दौरान रेफ़री पेनल्टी क्षेत्र में फ़्री किक लगाने के दौरान गेंद को रखने के लिए और रक्षापंक्ति को खड़ा करने के लिए निशान बनाने के लिए इस स्प्रे का इस्तेमाल कर रहे हैं. एक मिनट बाद इसके निशान ग़ायब हो जाते हैं.

ऐसे स्प्रे का इस्तेमाल दक्षिण अमरीकी फ़ुटबॉल की दुनिया में कई साल से हो रहा है लेकिन वर्ल्ड कप में पहली इसे आजमाया गया है. फ़ैंस इस उपाय को पसंद कर रहे हैं लेकिन नीदरलैंड्स के डिफ़ेंडर ब्रुनो मार्टिंस इंडी ने इसके इस्तेमाल को लेकर शिकायत दर्ज कराई है.

रहीम स्टर्लिंग

इंग्लिश प्रीमियर लीग को फ़ॉलो करने वाले लिवरपूल के 19 साल के सितारे रहीम स्टर्लिंग से ख़ूब परिचित होंगे. रहीम को इंग्लैंड का नया सुपरस्टार माना जा रहा है. अपने बेहतरीन खेल की बदौलत उन्होंने इटली के ख़िलाफ़ डेब्यू मुक़ाबले में लोगों को आकर्षित किया है.

इंग्लैंड की टीम इटलीसे भले हार गई हो, लेकिन रहीम ने लोगों का दिल जीत लिया. जमैका में जन्मे रहीम वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के अंदर गूगल पर सबसे ज़्यादा सर्च किए जा रहे टॉप तीन सर्च में शामिल हैं.

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