पहले ही मैच में सचिन का विकेट सबसे यादगार: मॉन्टी पनेसर

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- Author, वंदना
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लंदन
भारत के अलावा किसी और देश की तरफ़ से टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले मॉन्टी पनेसर चंद सिख खिलाड़ियों में से एक हैं.
इंग्लैंड के लिए 2006 में अपना पहला मैच खेलने वाले मॉन्टी पनेसर का करियर उतार चढ़ाव वाला रहा है. फ़िलहाल काउंटी क्रिकेट खेल रहे मॉन्टी सचिन तेंदुलकर के विकेट झटकने को अपने करियर का सबसे बेहतरीन पल मानते हैं.
<italic><link type="page"><caption> (पनेसर को फटकार)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2011/07/110727_flower_panesar_ms.shtml" platform="highweb"/></link></italic>
नागपुर में हुआ वो मॉन्टी के करियर का पहला टेस्ट मैच था और सामने थे उनके बचपन के क्रिकेटिंग होरी सचिन तेंदुलकर. एंड्रयू फ्लिटॉफ, मुरलीधरन, सचिन तेंदुलकर और शेन वॉर्न उनके पसंदीदा क्रिकेट खिलाड़ी हैं.
मॉन्टी के पूर्वज 70 के दशक में भारत से इंग्लैंड आए थे. उनका पूरा नाम मदसूदन सिंह पनेसर हैं. ज़ाहिर है परिवार का नाता जहाँ भारत से है वहीं इंग्लैंड से भी है. तो क्रिकेट मैच में दोनों देशों में से किसे उनके परिवार का समर्थन मिलता है?
लंदन में हुई मुलाक़ात में जब मैंने मॉन्टी से ये सवाल पूछा तो शरारती मुस्कान के साथ उन्होंने बताया, "जब इंग्लैंड के साथ भारत का मैच होता है तो मेरे घर के लोग मेरा समर्थन करते रहते हैं क्योंकि मैं इंग्लैंड से हूँ. पर साथ ही साथ वे भारत का भी समर्थन करते हैं क्योंकि वे मूल रूप से भारत से आए हैं. इसलिए चाहे भारत जीते या इंग्लैंड- आख़िरकर जीत हमारे पूरे परिवार की ही होती है."
ब्रिटेन में एशियाई क्रिकेटर

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मॉन्टी पनेसर ने जब इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया था तो शुरुआती दौरे में काफ़ी वाहवाही मिली. लेकिन साल 2009 तक आते-आते उनका करियर ढलान पर था. अभी काउंटी क्रिकेट में वे डटे हुए हैं. उन्होंने 50 टेस्ट मैचों में 167 विकेट लिए हैं तो 26 वनडे में 24.
<italic><link type="page"><caption> (पनेसर की इंग्लैंड टीम में वापसी)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2011/12/111209_monty_england_ac.shtml" platform="highweb"/></link></italic>
ब्रिटेन में यूँ तो क्रिकेट में एशियाई मूल के कई खिलाड़ी रहे हैं लेकिन फिर भी उनकी संख्या कम ही मानी जाती है.
इस पर मॉन्टी का कहना है, "ब्रिटेन में एशियाई मूल के लोगों के लिए काफ़ी अवसर हैं. मुझे देखिए मैं अभी एमबीए भी कर रहा हूँ, खेलता भी हूँ. मौके तो हैं लेकिन आपको मौका पहचानकर उसका फ़ायदा उठाना आना चाहिए."
मॉन्टी ने कहा, "हर काउंटी में कम से कम एक एशियाई मूल का खिलाड़ी है और ये अच्छा संकेत है. ब्रिटेन में क्रिकेट के बाहर भी आप दूसरे क्षेत्रों में देखें तो एशियाई लोग अच्छा कर रहे हैं."
'गायक' बनेंगे मॉन्टी!

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पर क्या एशियाई मूल के खिलाड़ियों के लिए ब्रितानी समाज में वातारण अनुकूल है, इस पर मॉन्टी कहते हैं कि आपको डटे रहना पड़ता है. हो सकता है कि कभी-कभी आपको वो सब न मिले जो आप चाहते हैं. लेकिन अगर आप डटे रहें तो रास्ता ज़रूर बन जाता है.”
<italic><link type="page"><caption> (लॉयल्टी टेस्ट)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/06/130627_new_cricket_fan_test_rd.shtml" platform="highweb"/></link></italic>
जब उनसे पूछा गया कि वे आगे क्या करना चाहते हैं तो मॉन्टी ने हम पर ही सवाल दाग़ते हुए पूछा, "मुझे सिंगर या एक्टर बन जाना चाहिए. आप क्या सोचती हैं?"
बॉलीवुड फ़िल्में देखने का तो उन्हें ज़्यादा मौका नहीं मिलता लेकिन मॉन्टी ने बताया कि उन्हें गाना गाना और एक्टिंग पसंद है और जस्टिन टिंबरलेक उनके पसंदीदा गायक हैं.
कुछ लोगों की गुज़ारिश के बाद मॉन्टी ने एक गाना गाकर भी सुनाया. क्या मालूम आने वाले दिनों में क्रिकेटर मॉन्टी किसी और ही अवतार में नज़र आएँ.
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