चौथी बाज़ी भी ड्रॉ, कार्लसन डरे थे आनंद से

शतरंज के अब तक चैंपियन विश्वनाथन चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप की तीसरी बाज़ी में चैलेंजर नार्वे के मैग्नस कार्लसन को अपनी चालों से डरा ही दिया था.
हालांकि यह मैच भी पहले दो मैचों की तरह ही ड्रॉ हुआ.
आनंद ने जिस तरह मध्य खेल में चालें चलीं, उसे कार्लसन नहीं समझ पाए और फंसते चले गए.
ग़नीमत बस इतनी थी कि दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कार्लसन ने बाद में बचने का रास्ता खोज लिया.
काले मोहरों से खेल रहे आनंद ने इस बाज़ी के साथ विरोधी दिग्गज पर मनोवैज्ञानिक बढ़त ज़रूर हासिल कर ली है.
51 चालों बाद बाज़ी ड्रॉ
मैच कड़ा रहा और 51 चालों के बाद बेनतीजाख़त्म हुआ.
मैच के बाद कॉन्फ्रेंस में कार्लसन ने कहा कि मैच के दौरान वह डर गए थे. उन्हें लगा था कि वह ख़तरे में पड़ गए हैं.
कार्लसन ने कहा, ''मैं बुरे हाल में था और मैंने हालात को ख़ुद ही और ख़राब कर दिया. मध्य खेल में कुछ आसान चालों पर मैं भटक गया. बेशक कुछ ख़तरनाक नहीं हुआ, लेकिन डर तो मैं गया ही था.''
चेन्नई के हयात होटल में मंगलवार को साफ़ दिखा कि शतरंज का युद्ध अब आकार लेने लगा है.
तीसरे मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों के 1.5–1.5अंक थे.
शतरंज में सफ़ेद मोहरे से खेलने वालों के बारे में माना जाता है कि वे बढ़त लिए हुए हैं. ऐसे में बुधवार को होने वाले चौथे गेम में आनंद को सफ़ेद मोहरों से खेलने का फ़ायदा मिल सकता है.
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