गेंद से छेड़छाड़ होने पर कप्तान होंगे ज़िम्मेदार

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नए नियमों के मुताबिक़ अगर किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर को गेंद से छेड़छाड़ का पता चलता है तो इसके लिए टीम के कप्तान को ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा. हालाँकि उन्हें दोषी नहीं माना जाएगा.
आईसीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अगर कोई अंपायर मैच के दौरान गेंद से छेड़छाड़ को पकड़ता है, तो वो पहली और आख़िरी चेतावनी कप्तान को देगा और गेंद बदल दी जाएगी.
अगर गेंद से फिर छेड़छाड़ होती है तो गेंदबाज़ी टीम के ख़िलाफ़ पाँच पेनल्टी रन दिए जाएँगे. इसके अलावा अंपायर न सिर्फ़ गेंद बदल देंगे बल्कि इसके लिए टीम के कप्तान को ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा.
डीआरएस यानी अंपायर के फ़ैसले की समीक्षा वाली व्यवस्था में भी छह महीने के लिेए थोड़े बदलाव किए गए हैं. इसे अगले साल अप्रैल तक आज़माया जाएगा.
डीआरएस

इसके मुताबिक़ अब टीमें टेस्ट मैच की एक पारी में 80 ओवर पूरे होने के बाद भी दो बार अंपायर के फ़ैसले की समीक्षा की मांग कर सकती हैं. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐशेज़ सिरीज़ के दौरान कई विवादास्पद फ़ैसले के बाद डीआरएस की समीक्षा की मांग उठी थी.
नए नियम बुधवार से बांग्लादेश और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ चटगाँव में शुरू हुए टेस्ट मैच से लागू हो गए हैं.
इसके अलावा आईसीसी ने कहा है कि अगर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच किन्हीं कारणों से घटाकर 25 ओवरों या उससे कम का कर दिया जाता है, तो हर पारी में सिर्फ़ एक ही गेंद का इस्तेमाल होगा.
50 ओवरों के मैच में हर पारी के दौरान दो गेंदों का दोनों छोरों से इस्तेमाल होता है.
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