क्रिकेट नहीं व्यापार है आईपीएल: मोहिंदर अमरनाथ

आईपीएल का छठा संस्करण तीन अप्रैल को शुरू हुआ.
इमेज कैप्शन, आईपीएल का छठा संस्करण तीन अप्रैल को शुरू हुआ.

इस सप्ताह शुरू हुआ इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का छठा संस्करण. इसका रंगारंग उद्घाटन समारोह कोलकाता में हुआ जिसमें शाहरुख खान, कटरीना कैफ, दीपिका पादुकोण और पिटबुल जैसे सितारों ने शिरकत की.

1983 विश्व कप क्रिकेट की चैंपियन भारतीय टीम के हीरो रहे मोहिंदर अमरनाथ की आईपीएल पर क्या राय है. पढ़िए

<link type="page"><caption> उद्घाटन समारोह की तस्वीरें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/04/130402_ipl_opening_ceremony_gallery_aa.shtml" platform="highweb"/></link>

आईपीएल अलग तरह का टूर्नामेंट है. इसमें विशुद्ध रूप से मनोरंजन है. इसकी तुलना मैं फिल्मों से कर सकता हूँ जिसमें इमोशन भी है, क्लाइमेक्स भी है लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसके माध्यम से आप किसी टैलेंट को सामने नहीं ला सकते हैं.

इसका उद्घाटन समारोह ऐसे होता है जैसे ये कोई फिल्मी उत्सव हो, कोई रॉक म्यूज़िक का शो होने वाला हो, लेकिन मेरा मानना है कि क्रिकेट तो वैसे भी बहुत लोकप्रिय है. इसके लिए इस तरह के ताम-झाम की भला क्या ज़रूरत है.

वैसे आईपीएल अगर लोकप्रिय है तो वो भारतीय खिलाडियों के कारण ही है ना कि विदेशी खिलाडियों की वजह से.

भारत में आम लोग सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, धोनी, युवराज जैसे चहेते खिलाडियों को देखने आते हैं.

और देखिए भारतीयों के मन में राष्ट्रीय भावना होती है. अभी हमारा कल्चर नहीं है कि हम लोकल टीमों को सपोर्ट करें. अब विदेश में देखिए कि लोग एक क्लब के लिए कितने दीवाने होते हैं जैसे इंग्लिश प्रीमियर लीग में. ऐसा समय यहां आने मे अभी बहुत समय लगेगा.

भविष्य नहीं है आईपीएल

अगर कोई भी ये कहे कि टी-20 ही क्रिकेट का भविष्य है तो मैं उनसे कतई सहमत नहीं हूं.

मैं पुराने ख्याल का इंसान हूं. मैने पुरानी क्रिकेट देखी है और खेली है. ठीक है साइड में ये भी चलती रहे, लेकिन हमें इस क्रिकेट को इतनी अहमियत नहीं देनी चाहिए.

<link type="page"><caption> आईपीएल के सितारे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/04/130403_ipl_players_gallery_pk.shtml" platform="highweb"/></link>

अब देखने में ये आ रहा है कि नवयुवक खिलाडियों की क्रिकेट को लेकर सोच बदल रही है. वो आईपीएल को प्रमुखता देते है क्योंकि उन्हें लगता है कि इसी में उनका भविष्य है.

ठीक है पैसे के दृष्टिकोण से इसमें उनका भविष्य हो सकता है, लेकिन अगर उन्हें अपनी पहचान देश के लिए बनानी है तो आईपीएल उन्हें छह सप्ताह की पहचान दे सकता है इससे ज़्यादा की नहीं.

आईपीएल कोई क्रिकेट नहीं, पूरा व्यवसाय है. ज़ाहिर है जिसने पैसा लगाया है वो कमाना भी चाहेगा. सब इसमें सिर्फ व्यक्तिगत हित के लिए खेलते हैं.

(आदेश कुमार गुप्त से बातचीत पर आधारित)