तपती गर्मी से बचने के लिए सर्दी में वर्ल्ड कप!

फीफा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अगर ये तय हो जाए कि गर्मी के मौसम में कतर में खेलना खतरनाक हो सकता है तो वहां 2022 में होने वाला <link type="page"> <caption> विश्व कप</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2010/12/101202_fifa_us_ac.shtml" platform="highweb"/> </link> सर्दियों में कराया जा सकता है.
फुटबॉल की विश्व संस्था फीफा का कहना है कि विश्व कप टूर्नामेंट को खिसकाने के लिए कतर को ही इस बारे में आग्रह करना होगा.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ बोर्ड की बैठक में <link type="page"> <caption> फीफा</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2012/03/120303_brazil_football_psa.shtml" platform="highweb"/> </link> के महासचिव जेरोम वॉल्क ने पहली बार माना कि अगर मेडिकल रिपोर्टों में टूर्नामेंट को सर्दी में कराने की पैरवी की गई तो ऐसा किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मेडिकल रिपोर्टों के आधार पर फीफा की कार्यकारी समिति अपनी बात कहे. हमें सचमुच विश्व कप गर्मियों की बजाय सर्दियों में खेलने के बारे में सोचना होगा.”
गर्मी

पारपंरिक तौर पर फुटबॉल विश्व कप जून में शुरू होता है. लेकिन मध्य पूर्व के देशों में जून के महीने में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. इसलिए इस टूर्नामेंट को खिसका कर सर्दियों में कराने की बात हो रही है.
इस खेल से जुड़े यूएफा और वर्ल्ड फुटबॉलर्स यूनियन जैसे संगठन इस प्रस्ताव का समर्थन कर चुके हैं.
हालांकि फीफा के अध्यक्ष सेप ब्लाटर के इस बारे में विरोधाभासी बयान देखने को मिले हैं. जनवरी में उन्होंने कहा था कि सर्दियों में विश्व कप शुरू हो सकता है लेकिन एक महीने बाद वो अपनी बात से पलट गए.
वैसे कतर का कहना है कि वो गर्मी से निटपने के लिए स्टेडियमों में एयर कंडीशन लगाएगा. साथ ही वहां कृत्रिम बादल तैयार करने की संभावना पर शोध चल रहा है.
वैसे कतर को 2022 के विश्व कप की मेजबानी दिए जाने पर शुरू से ही सवाल उठाए जाते रहे हैं. इस फैसले के आलोचकों में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल रहे हैं.












