ओलंपिक में कुश्ती को मिली 'पटखनी'

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड ने वर्ष 2020 के ओलंपिक खेलों से कुश्ती को हटाने की सिफ़ारिश की है.
स्विट्ज़रलैंड के लुज़ैन में हुई बैठक में यह फ़ैसला किया गया है. आईओसी का यह फ़ैसला नए खेलों को ओलंपिक में शामिल करने के लिए है.
इस ख़बर को भारत के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि लंदन में हुए पिछले ओलंपिक में भारतीय पहलवानों ने अच्छा प्रदर्शन किया था.
भारत ने लंदन ओलंपिक में कुश्ती में दो पदक जीते थे. भारत की ओर से सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त ने दो पदक जीते थे. वैसे अभी तक ओलंपिक में भारत ने कुश्ती में चार पदक जीते हैं.
आईओसी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कार्यकारी बोर्ड ने 25 नए खेलों को 2020 के ओलंपिक खेलों में शामिल करने का प्रस्ताव आईओसी के 125वें सत्र में रखा जाएगा.
फ़ैसला
आईओसी का 125वाँ सत्र सात से 10 सितंबर तक अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में होगा और इसी सत्र में नए खेलों को शामिल किए जाने के बारे में आखिरी फ़ैसला होगा.
कार्यकारी बोर्ड के इस फ़ैसले के बाद कुश्ती को ओलंपिक के कोर स्पोर्ट्स से हटा दिया गया है.
अब कुश्ती को सात अन्य खेलों बेसबॉल/सॉफ़्टबॉल, कराटे, रोलर स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग, स्क्वैश, वेकबोर्डिंग और वूशू के साथ 2020 के ओलंपिक में शामिल होने की दौड़ में हिस्सा लेगा.
अगर ऐसा हुआ तो कुश्ती अतिरिक्त खेल के रूप में ओलंपिक में शामिल होगा.
ओलंपिक में कुश्ती 1896 के एथेंस ओलंपिक से खेली जा रही है. कुश्ती में दो तरह की प्रतियोगिताएँ होती हैं. एक ग्रीको-रोमन और दूसरा फ़्री स्टाइल.
पिछले साल के लंदन ओलंपिक में 344 एथलीटों ने हिस्सा लिया था. फ्री-स्टाइल मुकाबले में 11 मेडल थे, जबकि ग्रीको-रोमन में सात.












