
भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों के सामने बड़ी चुनौती है
भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की सिरीज का पहला टेस्ट आज हैदराबाद में शुरू हो रहा है. भारत के लिए यह टेस्ट परीक्षा की तरह है क्योंकि लंबे समय बाद टीम राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की गैर मौजूदगी में कोई टेस्ट खेलेगी.
सौरभ गांगुली, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़ और हाल ही में वीवीएस लक्ष्मण के संन्यास लेने के बाद सचिन तेंदुलकर ही पुराने स्टार खिलाड़ियों में बच गए हैं, जिन पर टीम की उम्मीदें टिकी हुई हैं.
अब भारतीय टीम के लिए असली चुनौती यही है कि इन शीर्ष खिलाड़ियों की ग़ैर मौजूदगी में अच्छा प्रदर्शन हो.
भारतीय टीम सात महीने बाद कोई टेस्ट मैच खेलने जा रही है. इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के हाथों टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा था और टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान भी गँवाना पड़ा था.
अब सात महीने बाद टेस्ट खेलने आ रही भारतीय टीम के दो दिग्गज खिलाड़ी मैदान पर नहीं होंगे. राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय बल्लेबाज़ी की रीढ़ माना जाता था. पिछले 16 वर्षों के दौरान इन दोनों खिलाड़ियों ने 298 टेस्ट मैचों में 22 हज़ार से ज़्यादा रन जोड़े थे.
संन्यास

वीवीएस लक्ष्मण ने सिरीज़ से ठीक पहले संन्यास की घोषणा की
राहुल द्रविड़ ने तो मार्च में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. लेकिन लक्ष्मण ने हाल ही में संन्यास लेकर सबको चौंका दिया. खासकर उस स्थिति में जब उन्हें टेस्ट टीम में रखा गया था.
भारत की टीम इस समय टेस्ट रैंकिंग में पाँचवें स्थान पर पहुँच गई है. अब ये टीम के युवा खिलाड़ियों पर निर्भर करता है कि वे टेस्ट टीम को किस दिशा में ले जाएँगे.
पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में चल रहे विराट कोहली टेस्ट टीम में भी तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आ सकते हैं. लेकिन टीम के सबसे बड़ी चुनौती है पाँचवें और छठे स्थान को भरना.
इन स्थानों के लिए सुरेश रैना, चेतेश्वर पुजारा और सुब्रह्मण्यम बद्रीनाथ को दावेदार माना जा रहा है. घुटने के सफल ऑपरेशन के बाद पुजारा को टीम में जगह मिली है, तो श्रीलंका में एक दिवसीय सिरीज़ के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन से सुरेश रैना ने भी ध्यान खींचा है.
माना जा रहा है कि वीरेंदर सहवाग और गौतम गंभीर ही पारी की शुरुआत करेंगे और टेस्ट मैच खेलने के लिए अजिंक्य रहाणे को अभी और इंतज़ार करना पड़ सकता है.
गेंदबाज़ी

वेटोरी की अनुपस्थिति में रॉस टेलर न्यूज़ीलैंड की कप्तानी कर रहे हैं
गेंदबाज़ी की बात करें, तो भारतीय आक्रमण की कमान ज़हीर ख़ान के पास होगी. लंबे समय बाद ईशांत शर्मा की भी टीम में वापसी हुई है.
माना जा रहा है कि हैदराबाद के मैदान पर स्पिनरों को भी कुछ फ़ायदा हो सकता है. अब ये आर अश्विन, प्रज्ञान ओझा और पीयूष चावला पर निर्भर करेगा कि वो इसका कितना फायदा उठा सकते हैं.
हरभजन सिंह की अनुपस्थिति में आर अश्विन की टेस्ट टीम में जगह पक्की हुई है. माना जा रहा है कि इस टेस्ट में प्रज्ञान ओझा को भी मौका मिल सकता है. लेकिन पीयूष चावला के चयन पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है.
ये भी तय है कि भारतीय टीम घरेलू मैदान का फायदा उठाना चाहेगी. जबकि न्यूजीलैंड की टीम दक्षिण अफ़्रीका और वेस्टइंडीज़ से हारने के बाद दबाव में रहेगी.
कप्तान रॉस टेलर का कहना है कि मार्टिन गुप्टिल और ब्रैंडन मैकुलम न्यूज़ीलैंड की ओर से पारी की शुरुआत करेंगे.
लेकिन डेनियल वेटोरी की अनुपस्थिति में न्यूज़ीलैंड की टीम को स्पिन आक्रमण के लिए जीतन पटेल और तरुण नेथुला पर निर्भर रहना पड़ेगा.
तेज़ गेंदबाज़ी की कमान टिम साउदी के पास होगी, जिन्होंने वेस्टइंडीज़ में काफ़ी प्रभावी गेंदबाज़ी की थी.
भारतीय टीम (इनमें से चुनी जाएगी):
महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), गौतम गंभीर, वीरेंदर सहवाग, विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, चेतेश्वर पुजारा, सुरेश रैना, आर अश्विन, प्रज्ञान ओझा, ज़हीर ख़ान, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, अजिंक्य रहाणे, सुब्रह्मण्यम बद्रीनाथ और पीयूष चावला.
न्यूज़ीलैंड टीम (इनमें से चुनी जाएगी):
रॉस टेलर (कप्तान), ट्रेंट बोल्ट, डग ब्रेसवेल, डेनियल फ्लिन, जेम्स फ़्रैंकलिन, मार्टिन गुप्टिल, क्रिस मार्टिन, ब्रैंडन मैकुलम, तरुण नेथुला, जीतन पटेल, टिम साउदी, क्रुगर वैन विक, नील वैंगर, बीजे वॉटलिंग, केन विलियम्सन.








