
वीवीएस लक्ष्मण के अचानक रिटायरमेंट लेने से उनके और धोनी के संबंधों के बारे में कयास लग रहे हैं.
हाल ही में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले वीवीएस लक्ष्मण ने मंगलवार रात को पार्टी में अपने कई पुराने साथी क्रिकेटरों को बुलाया लेकिन उस पार्टी में टीम के कप्तान एमएस धोनी नहीं नज़र आए.
धोनी की इसी नामौजूदगी से मीडिया में एक विवाद शुरु हो गया है और अब धोनी और लक्ष्मण के बीच संबंधों के बारे में कयास लगाए जा रहे हैं.
बुधवार को भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच पहले टैस्ट मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जब धोनी से पूछा गया कि क्या उन्हें लक्ष्मण ने न्यौता दिया था, तो उन्होंने साफ़ कहा, "नहीं."
जबकि पिछले हफ़्ते न्यूज़ीलैंड श्रंखला के लिए पहले ही चयनित वीवीएस लक्ष्मण ने श्रंखला शुरु होने से ठीक पहले खेल से संन्यास लेने की घोषणा कर सबको चौंका दिया था.
"संपर्क करना आसान नहीं"
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान लक्ष्मण ने कहा था कि उन्होंने अपना फ़ैसला मुख्य चयनकर्ता और चयन समिति को बता दिया था.
उन्होंने कहा था, "मेरे पास सुबह से मेरे साथियों के फ़ोन आ रहे हैं और वे सब मेरे फ़ैसले से हैरान हैं. जहां तक धोनी की बात है, मैं उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा था लेकिन सब जानते हैं ये काम कितना मुश्किल है."
ख़ुद धोनी भी मानते हैं कि उनसे संपर्क करना आसान नहीं होता.
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "आपको भले ही ये एक विवाद लगता हो लेकिन जो लोग मुझे जानते हैं उन्हें हमेशा शिक़ायत रहती है कि मुझसे संपर्क करना बहुत मुश्किल है. यही वजह थी कि लक्ष्मण भाई मुझसे बात नहीं कर पाए. ये कोई नई बात नहीं है. मैंने ख़ुद को सुधारने की बहुत कोशिश की है लेकिन साफ़ है कि ऐसा हुआ नहीं है."
कप्तान और लक्ष्मण के बीच तनाव की अफ़वाहों को इसलिए भी हवा मिली क्योंकि लक्ष्मण ने कहा था कि वे पिछले तीन-साढ़े तीन महीने से आने वाले सीज़न के लिए तैयारी कर रहे थे और रिटायरमेंट का फ़ैसला लेना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने अपनी 'अंदर की आवाज़' सुनी और ये फ़ैसला लिया.
ज़बरदस्ती का विवाद?
"आपको भले ही ये एक विवाद लगता हो लेकिन जो लोग मुझे जानते हैं उन्हें हमेशा शिक़ायत रहती है कि मुझसे संपर्क करना बहुत मुश्किल है. यही वजह थी कि लक्ष्मण भाई मुझसे बात नहीं कर पाए."
एमएस धोनी,
लक्ष्मण की रिटायरमेंट से पहले इस साल मार्च में राहुल द्रविड़ ने संन्यास की घोषणा की थी.
न्यूज़ीलैंड श्रंखला में इन दोंनो के न होने के बारे में कप्तान धोनी ने कहा कि टीम में इन दोंनो की कमी खलेगी लेकिन साथ ही इससे युवा खिलाड़ियों को अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा.
वीवीएस लक्ष्मण के संन्यास की घोषणा की चर्चा तो आने वाले कुछ समय तक चलेगी और इस बात पर भी कि क्यों उन्होंने धोनी को अपनी पार्टी में नहीं बुलाया.
वैसे लक्ष्मण ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है. ऐसे में लक्ष्मण का अपनी पार्टी में धोनी को न बुलाना क्या वाकई कोई विवाद का मुद्दा है या फिर मीडिया ने इसे विवाद की शक्ल दी है?








