आईपीएल 2023: यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ख़िलाफ़ क्या हुआ

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रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम राजस्थान रॉयल्स
- बैंगलोर ने राजस्थान को 112 रन से हराया
- आरसीबी-171/5 (20 ओवर), फ़ाफ डुप्लेसी- 55 रन, एडम जंपा-2/25
- आरआर- 59/10 (10.3 ओवर), शिमरॉन हेटमायर, वेन पार्नेल-3/10
- वेन पार्नेल मैन ऑफ़ द मैच


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यशस्वी जायसवाल- दो गेंद कोई रन नहीं
जोस बटलर- दो गेंद कोई रन नहीं
संजू सैमसन- पांच गेंद चार रन
राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़ों की ये वो तिकड़ी है जिसका डंका आईपीएल 2023 में लगातार गूंजता रहा है लेकिन रविवार को इन तीन होनहार बल्लेबाज़ों का तिलिस्म उस वक़्त टूट गया जब टीम को इनके दमदार प्रदर्शन की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी.
रविवार को मुक़ाबला रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ख़िलाफ था. फॉफ डुप्लेसी की अगुवाई में खेल रही बैंगलोर की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 171 रन बनाए थे.
यशस्वी जायसवाल और संजू सैमसन जिस तरह की फ़ॉर्म में हैं और जोस बटलर में जैसा टैलेंट है, उसे देखते हुए ये चुनौती राजस्थान के लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं मानी गई थी.
यशस्वी जायसवाल 575 रन के साथ आईपीएल 2023 में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं. बटलर ने 392 रन के साथ आठवें और संजू सैमसन 360 रन बना चुके हैं.
रविवार को बैंगलोर की टीम ने इन तीन बल्लेबाज़ों की शोहरत और रुतबे को ज़्यादा भाव नहीं दिया और राजस्थान की पारी के पहले दो ओवरों में ही कहानी में ट्विस्ट ला दिया.
सिर्फ़ तीन दिन पहले (11 अप्रैल को) कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ 13.1 ओवरों में 151 रन का लक्ष्य हासिल कर चुके राजस्थान के ये धाकड़ बल्लेबाज़ अपने घरेलू मैदान पर हथियार डाल बैठे.

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बैंगलोर का बोलबाला
ऑरेंज कैप की रेस को दिलचस्प बनाने की कोशिश में जुटे यशस्वी जायसवाल को पहले ही ओवर में मोहम्मद सिराज ने विदा कर दिया.
दूसरे ओवर में वेन पार्नेल ने जोस बटलर और संजू सैमसन की छुट्टी कर दी. राजस्थान के तीनों दमदार बल्लेबाज़ आउट होकर लौटे तो टीम के खाते में सिर्फ़ सात रन जुड़े थे.
टीम के बाकी बल्लेबाज़ इस टोटल में सिर्फ़ 52 रन और जोड़ सके. इनमें तीन अतिरिक्त रनों का भी योगदान था. बैंगलोर के गेंदबाज़ों ने राजस्थान की पूरी टीम को 10.3 ओवरों में 59 रन के मामूली स्कोर पर समेट दिया और 112 रन के बड़े अंतर से मुक़ाबला अपने नाम कर लिया.
प्लेऑफ़ का गणित
बैंगलोर ने इस जीत के साथ आपने खाते में न सिर्फ़ दो अंक जुटाए बल्कि अपना रनरेट भी बेहतर कर लिया. अब बैंगलोर की टीम 12 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर है और उसे दो मैच और खेलने हैं. यानी अगर ये टीम अगले दोनों मैच जीत लेती है तो अपने खाते में 16 प्वाइंट जुटा सकती है और प्लेऑफ़ का दरवाज़ा खोल सकती है.
वहीं, राजस्थान के खाते में भी 12 अंक हैं लेकिन ये टीम रनरेट के आधार पर छठे नंबर पर है. राजस्थान का अब सिर्फ़ एक मैच बाकी है यानी वो अधिकतम 14 प्वांइट हासिल कर सकती है और इस टीम के लिए प्लेऑफ़ का रास्ता अपने प्रदर्शन से ज़्यादा दूसरी टीमों के खेल पर निर्भर करेगा.

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राजस्थान ने गंवाया बेहतरीन मौका
प्लेऑफ़ की रेस के लिहाज से रविवार का मैच अहम है, ये बात दोनों टीमों को पता थी. राजस्थान टीम ने पिछला मैच जीता था और लय उनके साथ थी. उनके पास घरेलू मैदान में खेलने का एडवांटेज भी था.
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम घर के बाहर उतना अच्छा प्रदर्शन करने के लिए नहीं जानी जाती है. ये बात भी राजस्थान रॉयल्स के हक़ में थी, फिर ग़लती कहां हुई?
राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन कहते हैं, " (रविवार के मैच में) हमारा जो प्रदर्शन रहा है, उसकी समीक्षा करने में कुछ वक़्त लगेगा."
जाहिर है, हार का झटका इतना ज़बरदस्त है कि कप्तान और टीम मैनेजमेंट को सोचने, समझने और किसी फैसले पर पहुंचने के लिए वक़्त चाहिए.
ऐसा नहीं है कि टीम ने रविवार के मैच के लिए कोई प्लान तैयार नहीं किया था.
संजू सैमसन ने बताया, "ट्वेंटी-20 क्रिकेट में आप ऐसा करते हैं. आपको पता होता है कि विकेट बाद में धीमा हो जाएगा तो आप पावरप्ले में तेज़ी से रन बनाने की कोशिश करते हैं. आज ये रणनीति काम नहीं आई."

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आगे निकली बैंगलोर की टीम
संजू सैमसन ने ये भी माना कि प्लानिंग और उस पर अमल करने के मामले में बैंगलोर की टीम उनसे आगे थी.
राजस्थान के कप्तान ने कहा, "आरसीबी के गेंदबाज़ों और दूसरे खिलाड़ियों को इसका श्रेय देना होगा. उनकी एनर्जी कमाल की थी और ये गेम जीतना चाहते थे."
संजू ये भी मानते हैं कि अगर पावर प्ले में उनकी टीम अच्छा स्कोर कर पाती तो मुक़ाबला कड़ा हो सकता था. यानी अगर दोनों ओपनरों और कप्तान संजू सैमसन के बल्ले से रन निकलते तो कहानी का रुख बदल सकता था.
राजस्थान ने जिन भी मैचों में जीत हासिल की है, उनमें से ज़्यादातर में जीत की पटकथा टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ों ने ही लिखी है लेकिन क्या सिर्फ़ इस रणनीति के भरोसे कोई टीम ट्रॉफी तक पहुंच सकती है?
टीम के बाकी बल्लेबाज़ों ने रविवार के मैच में बिना लड़े ही हथियार क्यों डाल दिए. 35 रन बनाने वाले शिमरॉन हेटमायर के अलावा किसी बल्लेबाज़ ने न रन बनाने की कोशिश की और न ही विकेट पर टिकने की. जब राजस्थान टीम ऑलआउट हुई, उस वक़्त टीम के कोटे के 9.3 ओवर बाकी थे.
ये सवाल उठ रहे हैं लेकिन संजू सैमसन टीम के दूसरे बल्लेबाज़ों को कठघरे में खड़ा नहीं करना चाहते.
उन्होंने कहा, "उन्होंने जिस तरह से बल्लेबाज़ी की उसके लिए आप उन पर तोहमत नहीं लगा सकते हैं. हमें एक टीम के तौर पर ज़िम्मेदारी लेनी होगी."

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जीत ने बढ़ाया जोश
वक़्त पर ज़िम्मेदारी लेने की खूबी बैंगलोर के कप्तान फ़ाफ डुप्लेसी ने दिखाई. करो या मरो के मुक़ाबले में वो 55 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे.
फ़ाफ डुप्लेसी के मुताबिक जयपुर की पिच बल्लेबाज़ी के लिए मुश्किल थी.
उन्होंने कहा, " ये वाकई एक मुश्किल पिच थी. पावरप्ले में भी गेंद नीची रह रही थी और हमें लगा कि 160 रन एक अच्छा स्कोर होगा."
बैंगलोर के कप्तान का अनुमान सही साबित हुआ लेकिन असल कमाल उनके गेंदबाज़ों ने किया. ख़ासकर सिर्फ़ 10 रन देकर तीन विकेट लेने वाले वेन पार्नेल ने.
हालांकि, कप्तान डुप्लेसी का कहना है कि सिर्फ़ एक खिलाड़ी ही नहीं बल्कि पूरी टीम जोश में थी.
उन्होंने कहा, "हर किसी ने दीवानगी के साथ (जीत का) जश्न मनाया. ये देखना अच्छा लगता है."
डुप्लेसी के मुताबिक अच्छी बात ये भी है कि उनकी टीम के लिए प्लेऑफ़ का रास्ता कुछ आसान हुआ है. वो कहते हैं, "ये टीम के लिए अच्छा है और मुझे भरोसा है कि हर खिलाड़ी अगले दो मैच के लिए प्रेरित हो गया होगा."
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