पाकिस्तान में जन्में उस्मान ख़्वाजा कैसे बने ऑस्ट्रेलिया के टॉप बैटर

'मैंने इससे पहले भारत के दो दौरे किए थे, और उन आठ टेस्ट मैचों में मैं ग्राउंड पर सिर्फ़ ड्रिंक्स लेकर गया, मेरे लिए ये सफ़र लंबा रहा है.'

उस्मान ख्वाजा गुरुवार की शाम जब ये बात कह रहे थे तो उनके चेहरे पर एक सुकून साफ़ नज़र आ रहा था.

विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम (नरेंद्र मोदी स्टेडियम) में शानदार 180 रनों की पारी खेलने वाले उस्मान ख्वाजा के इस सफ़र में कई उतार चढ़ाव आए हैं.

साल 1986 में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जन्मे ख्वाजा जब चार साल के थे तब उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया चला गया था.

एक इंटरव्यू में ख़्वाजा बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट देखने का काफी शौक था.

वो पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी जैसे वकार युनूस, सईद अनवर, वसीम अकरम को काफी पसंद करते थे.

पॉन्टिंग हुए चोटिल, ख्वाजा को मिला मौका

साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मशहूर एशेज सिरीज़ चल रही थी.

इसी सिरीज़ के आखिरी यानी सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम के अहम खिलाड़ी रिकी पॉन्टिंग चोट की वजह से बाहर हो गए थे.

उनकी जगह तब उस्मान ख्वाजा को अंतिम 11 में मौका मिला और वो तीसरे नंबर पर खेलने के लिए उतरे.

उस्मान ख्वाजा पहले मुसलमान खिलाड़ी थे जिन्हें ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने का मौका मिला था.

इस मैच की पहली पारी में उन्होंने 37 रन और दूसरी पारी में 21 रन बनाए.

हालांकि इसके बाद ख्वाजा टीम से अंदर बाहर होते रहे.

उस्मान ख्वाजा के बैटिंग रिकॉर्ड

लेफ्ट हैंड बैटर उस्मान ख्वाजा ने कुल 59 टेस्ट मैच खेले हैं.

उन्होंने 50.89 के औसत से चार हज़ार से ज़्यादा रन बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 14 शतक जड़ दिए हैं.

मौजूदा बॉर्डर गावस्कर सिरीज़ की बात करें तो इसमें उस्मान ख्वाजा टॉप स्कोरर हैं.

उन्होंने अभी तक इस सिरीज़ में कुल 333 रन बना दिए हैं.

इससे पहले जब ऑस्ट्रेलिया की टीम पाकिस्तान के दौर पर गई थी, वहां भी ख्वाजा ने अपनी बैटिंग का जलवा बिखेरा था.

अपने कमबैक मैच की दोनों पारियों में उन्होंने शतक जड़ा था. इस साल जनवरी में टेस्ट टीम में कमबैक करने के बाद से ख्वाजा ने कुल छह शतक जड़ दिए हैं.

बीते 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया की टीम श्रीलंका, पाकिस्तान और भारत के दौरे पर आई. जिसमें ख्वाजा ने 74 से ज़्यादा की औसत से रन बनाए हैं.

भारत के ख़िलाफ़ 180 रनों की पारी के दौरान ख्वाजा ने एक अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

इस पारी में उन्होंने कुल 422 गेंदों का सामना किया. भारत की ज़मीन पर किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ ने पहली बार एक पारी में इतनी ज़्यादा गेंदों का सामना किया है.

उन्होंने 1979 में बने ग्राहगम येलॉप के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है.

उस्मान ख्वाजा बने पायलट

क्रिकेट के अलावा उस्मान ख्वाजा को हवाई जहाज़ उड़ाने का भी शौक है.

उन्होंने न्यू साउथ वेल्स के एविएशन स्कूल से पायलट की ट्रेनिंग ली है.

वो एक क्वालीफ़ाइड पायलट हैं और उनके पास एयरप्लेन चलाने का लाइसेंस है.

साल 2019 में उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो दुनिया के सबसे बड़े पैसेंजर एयरक्राफ्ट एयरबस ए380 को उड़ा रहे थे.

क्रिकेट और हवाई जहाज़ के अपने शौक के तालमेल के बारे में ख्वाजा कहते हैं, 'प्लेन उड़ाने से मुझे क्रिकेट में काफी मदद मिली. मैंने अनुशासन सीखा, मुझे अहसास हुआ कि जीवन में जो भी उतार-चढ़ाव आएं हम उन्हें पार कर ऊपर पहुंच सकते हैं.'

कॉपी - नवीन नेगी

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