भारत के बैटिंग कोच बोले, ऑस्ट्रेलिया के बढ़त लेने से परेशान नहीं, उन्हें खेलनी है चौथी पारी

खास बातें

  • इंदौर टेस्ट का पहला दिन
  • 109 रन पर सिमटी भारत की पहली पारी (विराट कोहली 22 रन, शुभमन गिल 21 रन, मैथ्यू कुनमन 5 विकेट)
  • ऑस्ट्रेलिया पहली पारी-156/4 (उस्मान ख्वाजा 60 रन, मार्क लबुशेन 21 रन, रवींद्र जडेजा 4 विकेट)
  • ऑस्ट्रेलिया के पास है 47 रन की बढ़त
  • रवींद्र जडेजा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांच हज़ार रन और 500 विकेट लेने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बने

भारत के बैटिंग कोच विक्रम राठौर ने कहा है कि इंदौर टेस्ट की पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के बढ़त लेने से टीम इंडिया परेशान नहीं है.

राठौर ने कहा, "चौथी पारी में उन्हें (ऑस्ट्रेलिया को ) बल्लेबाज़ी करनी है."

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों टेस्ट सिरीज़ का तीसरा मैच बुधवार से इंदौर में शुरु हुआ. मैच के पहले दिन भारतीय टीम 109 रन पर ऑल आउट हो गई. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोलकर 156 रन बना लिए हैं. ऑस्ट्रेलिया के पास 47 रन की बढ़त है.

इंदौर टेस्ट के पहले दिन स्पिन गेंदबाज़ों के सामने बल्लेबाज़ मुश्किल में दिखे. पहले दिन गिरे 14 विकेट में से ज़्यादातर स्पिनरों के खाते में गए. पहले सेशन से ही गेंद बहुत घूमती दिखी, इसे लेकर पिच की आलोचना शुरू हो गई है.

ऑस्ट्रेलिया के टॉप स्कोरर उस्मान ख्वाजा ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो ये एक आसान विकेट नहीं है."

टॉस के वक्त भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी विकेट को लेकर ऐसी ही आशंका जाहिर की थी.

टॉस जीतने के बाद रोहित शर्मा ने कहा, "ये (पिच) कुछ अलग है. ये (पिच) थोड़ी सूखी हुई लगती है तो हमें अपना कौशल दिखाना होगा और हर वक्त चौकस रहना होगा."

हालांकि, भारत के बल्लेबाज़ पिच से तालमेल बिठाने में नाकाम रहे.

बैटिंग कोच राठौर ने बल्लेबाज़ों का बचाव करते हुए कहा कि उनमें से कोई खराब शॉट खेलकर आउट नहीं हुआ.

राठौर ने कहा, "बल्लेबाज़ों के लिए ये एक ऑफ दिन था. "

वापसी का भरोसा

भारत के बैटिंग कोच ने पिच को लेकर भी बात की.

उन्होने कहा, "यकीनन बल्लेबाज़ी के लिए ये मुश्किल पिच है. ये विकेट हमारी उम्मीद से ज़्यादा सूखा है."

उन्होंने ये भी कहा कि घरेलू सिरीज़ में भारतीय टीम 'टर्निंग विकेट' पर ही खेलना चाहती है.

विक्रम राठौर ने भरोसा जताया कि भारतीय टीम मैच में वापसी करेगी.

उन्होंने कहा, 'हम उन्हें जल्दी से जल्दी आउट करना चाहेंगे. उसके बाद हमें दूसरी पारी में अच्छी बल्लेबाज़ी करनी होगी.'

तीसरे टेस्ट के पहले दिन क्या हुआ?

रोहित शर्मा ने इंदौर में सिरीज़ का पहला टॉस जीता लेकिन शायद किस्मत की मेहरबानी यहीं तक थी. पहले दिन कुल 14 विकेट गिरे और 265 रन बने. इनमें भारतीय टीम ने 109 रन बनाकर 10 विकेट गंवाए और ऑस्ट्रेलिया ने 156 रन बनाकर चार विकेट गंवाए.

ऑस्ट्रेलिया के पास 47 रन की बढ़त है. पहले दिन पांच विकेट लेने वाले मैथ्यू कुनमन और साठ रन बनाने वाले उस्मान ख्वाजा के नाम रहा.

पैट कमिंस के ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद कामचलाऊ कप्तान की भूमिका निभा रहे स्टीव स्मिथ जिस 'घाघ' अंदाज़ के लिए मशहूर हैं, उनकी कप्तानी एक बार फिर वही बात दिखाई दी.

स्मिथ ने मैच के छठे ओवर में ही स्पिनर को गेंद थमा दी. यहीं से ऑस्ट्रेलिया की किस्मत बदलने लगी.

मैच के छठे ओवर में स्पिनर मैथ्यू कुनमन ने कप्तान रोहित शर्मा को स्टंप्स करा दिया. रोहित गेंद को स्टेडियम से बाहर भेजने के इरादे में थे लेकिन टप्पा पड़ने के बाद बॉल इस कदर घूमी कि भारतीय कप्तान पूरी तरह चकमा खा गए. बाकी काम ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर कैरी ने कर दिया.

स्पिन के आगे चकराए, न विराट चले न गिल

अपने अगले ओवर में कुनमन ने केएल राहुल की जगह प्लेइंग इलेवन में आए शुभमन गिल (21 रन) को आउट किया. नवें ओवर में नैथन लायन ने पुजारा (1 रन) की छुट्टी कर दी.

तीन ओवर के अंदर तीन विकेट गंवाने के बाद भारतीय बल्लेबाज़ों के सिर घूमती गेंदों का ख़ौफ़ चढ़ा दिखाई देने लगा. पांचवें नंबर पर प्रमोट किए गए रवींद्र जडेजा (4 रन) और श्रेयस अय्यर (0) भी बिना लड़े सरेंडर कर गए.

भारतीय टीम ने मैच के पहले ही घंटे में सिर्फ़ 45 रन जोड़कर पांच विकेट गंवा दिए.

पिच पर विराट कोहली खड़े थे. टीम की उम्मीदें उन पर टिकी थीं लेकिन सोशल मीडिया पर फैन्स ने पिच को कोसना शुरू कर दिया था.

टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ों को आउट करने वाली गेंदें कितने कोण पर घूमी थीं, ये बताते हुए फैन्स दावा कर रहे थे कि ये मैच' ज्योमेट्री और टिग्नोमेट्री सिखा देगा.'

विराट कोहली (22 रन) के संघर्ष पर नए नवेले टॉड मर्फी ने ब्रेक लगाया. लंच तक भारतीय टीम सात विकेट गंवा चुकी थी और स्कोर बोर्ड पर 84 रन जुड़े थे.

भारतीय बल्लेबाज़ों में अक्षर पटेल (नाबाद 12 रन) सबसे भरोसे में खेलते दिखे. मोहम्मद शमी की जगह प्लेइंग इलेवन में आए उमेश यादव (17 रन) ने दो छक्के और एक चौका जड़ा और भारतीय टीम को सौ रन के पार ले गए.

लेकिन पूरी टीम सिर्फ़ 33.2 ओवर में 109 रन पर ढेर हो गई. ये 2017 के बाद से घरेलू ज़मीन पर भारतीय टीम का एक टेस्ट पारी में सबसे कम स्कोर है. 2017 में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ़ 105 रन पर ऑल आउट हो गई थी.

ऑस्ट्रेलिया की पारी

ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही. ओपनर ट्रेविस हेड (9 रन) को रवींद्र जडेजा ने दूसरे ही ओवर में आउट कर दिया.

लेकिन, दूसरे ओपनर उस्मान ख्वाजा (60) विकेट पर ऐसे जमे कि कई लोग दावा करने लगे कि लंच के बाद 'पिच सैटल' होने लगी है.

विरोधी टीम को जल्दी आउट करने की कोशिश में भारतीय टीम जमकर अपील करती रही. कुछ रिव्यू ऐसे लिए गए जिनका टीम को फ़ायदा नहीं मिला और रिव्यू भी गंवा दिए.

हालांकि, जडेजा पिच के सहारे अपना जादू चलाते रहे और बीच बीच में ऑस्ट्रेलिया टीम को झटके देते रहे.

मार्क लबुशेन (31 रन) उनका दूसरा, उस्मान ख्वाजा तीसरा और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ (26 रन) चौथा शिकार बने.

ऑस्ट्रेलिया टीम ने अपनी बढ़त (47 रन) मजबूत कर चुकी है और मैच में भारतीय टीम से आगे दिख रही है.

जडेजा का कमाल

रवींद्र जडेजा ने एक कीर्तिमान अपने नाम किया. वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 5000 हज़ार और 500 विकेट हासिल करने वाले भारत के दूसरे ऑलराउंडर बन गए हैं.

उनके पहले ये कमाल सिर्फ़ महान खिलाड़ी कपिल देव ही कर सके थे.

कपिल देव ने 356 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 9031 रन बनाए और 687 विकेट लिए. जडेजा 298 मैचों में 5527 रन बना चुके हैं और 503 विकेट ले चुके हैं.

फैन्स ने क्या कहा?

फैन्स को भी इसका अंदाज़ा है. ट्विटर पर #INDvAUS पूरे दिन टॉप ट्रेंड में रहा.

फैन्स पहले दिन भारतीय टीम की नाकाम के लिए पिच को कोसते रहे.

निखिल नाम के ट्विटर यूज़र ने विराट कोहली का एक वीडियो पोस्ट किया है और लिखा है, " आप सुन सकते हैं, बदतमीज पिच, बदतमीज़ पिच "

'भाई साहब' नाम के ट्विटर हैंडल से पिच पर चुटकी ली गई

एंथनी नाम के एक ट्विटर यूज़र ने भारतीय बल्लेबाज़ के आउट होने का वीडियो पोस्ट किया और लिखा, "मैं यकीन नहीं कर सकता कि कहीं भी पहले दिन की पिच कभी इतनी घूमेगी."

टॉप स्कोरर ख्वाजा उस्मान क्या बोले?

पहले दिन जिस बल्लेबाज़ ने सबसे भरोसे से विकेट पर खेल दिखाया, वो हैं ऑस्ट्रेलिया के ओपनर उस्मान ख्वाजा.

60 रन की पारी खेलने वाले ख्वाजा ने कहा, "मैंने अपने प्लान के मुताबिक बल्लेबाज़ी की. मैंने रन बनाने का हर मौका भुनाया."

उन्होंने कहा कि इंदौर की पिच बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं है.

ख्वाजा ने कहा, "गेदबाज़ लगातार सवाल पूछ रहे थे. मैं भी ऐसा ही कर रहा था. ये चूहे- बिल्ली के खेल की तरह था."

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