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पाकिस्तान को टी-20 वर्ल्ड कप में इसलिए याद आ रहा है 1992 का विश्व कप
- Author, पंकज प्रियदर्शी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
कुछ दिन पहले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और अब कमेंट्री करने वाले नासिर हुसैन, पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे थे.
वजह थी कमेंट्री के दौरान पाकिस्तान को लेकर उनकी की गई टिप्पणी. लेकिन वो पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों को नाराज़ करने वाली तो कतई नहीं थी.
दरअसल, शुरुआती मैचों में पाकिस्तान के ख़राब प्रदर्शन और फिर तीसरे मैच से जीत की शुरुआत करने वाले पाकिस्तान को लेकर नासिर हुसैन ने 1992 के क्रिकेट विश्व कप की याद दिलाई थी.
पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों को नासिर हुसैन की टिप्पणी दिल को सुकून देने वाली थी.
और अब पाकिस्तान ने सेमीफ़ाइनल में जगह बनाकर एक बड़ा रास्ता तो तय कर ही लिया है.
ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का सेमी फ़ाइनल में पहुंचना ख़ुद वहां के क्रिकेट प्रेमियों को सपने की तरह लग रहा है.
पाकिस्तान की टीम इस विश्व कप में अपने पहले दोनों मैच हार गई थी.
दोनों मैच क़रीबी रहे, लेकिन पाकिस्तान की टीम ने ये दोनों मैच गंवा दिए.
पहले पाकिस्तान भारत से हारा और फिर ज़िम्बाब्वे ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए पाकिस्तान को एक रन से हरा दिया.
पाकिस्तान का पूरा मीडिया, पूर्व क्रिकेटर्स और क्रिकेट के जानकार पाकिस्तान पर पिल पड़े और ग्रुप मैच से ही पाकिस्तान की वापसी की भविष्यवाणी करने लगे.
लेकिन इस विश्व कप में तो अभी काफ़ी उलटफेर होना बाकी था और बारिश की भी अहम भूमिका थी.
पहले दो मैच गँवाने के बाद पाकिस्तान ने आलोचकों को जवाब देते हुए टूर्नामेंट में वापसी की. बाक़ी के तीनों मैच वे जीते और छह अंक हासिल किए.
लेकिन पाकिस्तान की सबसे अधिक मदद की नीदरलैंड्स ने. नीदरलैंड्स ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए दक्षिण अफ़्रीका को मात दे दी.
नीदरलैंड्स की इस जीत ने पाकिस्तान के सेमी फ़ाइनल में पहुंचने का रास्ता साफ़ किया. क्योंकि अगर दक्षिण अफ़्रीका की टीम जीत जाती, तो पाकिस्तान बांग्लादेश को हराने के बाद भी सेमीफ़ाइनल में नहीं पहुँच पाता.
लेकिन भाग्य ने भी पाकिस्तान का साथ दिया और पाकिस्तान की टीम सेमी फ़ाइनल में पहुँच गई.
जैसा कि पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने कहा- अगर पाकिस्तान की टीम फ़ॉर्म में आ गई तो उसे हराना किसी भी टीम के लिए मुश्किल होगा.
यानी एक समय ग्रुप स्टेज से बाहर हो जाने का ख़तरा झेल रही पाकिस्तान की टीम अब ख़िताब की तगड़ी दावेदार हो गई है.
दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमी और जानकार इस विश्व कप में पाकिस्तान के प्रदर्शन की तुलना 1992 के विश्व कप से कर रहे हैं. हालाँकि वो वनडे विश्व कप था और ये टी-20 वर्ल्ड कप है.
उस विश्व कप में पाकिस्तान कुछ ऐसी ही स्थिति में था, लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए विश्व कप का ख़िताब जीत लिया था. उस समय पाकिस्तान के कप्तान इमरान ख़ान थे.
30 साल पहले 1992 के विश्व कप की मेज़बानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने मिलकर की थी और मेज़बान देश ऑस्ट्रेलिया सेमी फ़ाइनल में भी नहीं पहुँच पाया था.
इस विश्व कप में भी ऑस्ट्रेलिया की यही हालत हुई और वो सेमी फ़ाइनल की रेस से बाहर हो चुका है.
इस टी-20 वर्ल्ड कप की तरह उस विश्व कप में भी न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड की टीमें सेमी फ़ाइनल में पहले पहुँची थी.
उस विश्व कप में भी पाकिस्तान का मुक़ाबला सेमी फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से था और इस विश्व कप में नौ नवंबर को पाकिस्तान की टीम पहले सेमी फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से भिड़ेगी.
क्रिकेट के जानकार, पूर्व क्रिकेटर्स और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमी भी इस विश्व कप की तुलना 1992 के वर्ल्ड कप से कर रहे हैं.
1992 के वर्ल्ड कप फ़ाइनल में इंग्लैंड की ओर से संघर्ष करने वाले नील फ़ेयरब्रदर ने भी ट्वीट कर 1992 की याद दिलाई है.
उस मैच में पाकिस्तान की ओर से बेहतरीन गेंदबाज़ी करने वाले वसीम अकरम ने भी हामी भरी.
इमरान ख़ान की पार्टी के नेता असद उमर ने ट्वीट कर कामना की है कि पाकिस्तान इस बार भी 1992 का प्रदर्शन दोहराएगा.
फ़ॉक्स क्रिकेट ने लिखा है कि पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों को 1992 के विश्व कप की याद आने लगी है.
वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने लिखा है कि क्या ये वर्ल्ड कप 1992 को दोहराएगा या फिर 2007 की तरह इस बार भी भारत और पाकिस्तान के बीच फ़ाइनल मैच होगा.
क्या हुआ था 1992 के विश्व कप में
पाकिस्तान की टीम इमरान ख़ान के नेतृत्व में 1992 का वर्ल्ड कप खेलने पाकिस्तान पहुँची थी.
इस विश्व कप में नौ टीमों ने हिस्सा लिया था. ये वर्ल्ड कप राउंड रॉबिन फ़ॉर्मेट में खेला गया था.
यानी सभी टीमों को सभी से खेलना था और टॉप चार टीमों को सेमी फ़ाइनल में पहुँचना था.
पाकिस्तान की शुरुआत काफ़ी ख़राब रही थी और वेस्टइंडीज़ ने उसे 10 विकेट के बड़े अंतर से हरा दिया था.
पाकिस्तान ने पहले बैटिंग की थी और 50 ओवरों में दो विकेट पर 220 रन बनाए थे. पीसीबी के मौजूदा प्रमुख रमीज़ राजा ने 102 रन बनाए थे.
लेकिन डेसमेंड हेंस की नाबाद 93 रनों की पारी की बदौलत वेस्टइंडीज़ ने 47वें ओवर में ही ये मैच 10 विकेट से जीत लिया.
इस टी-20 वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तान भारत से अपना पहला मैच हार गया था.
इस विश्व कप की तरह 1992 के विश्व कप में भी पाकिस्तान का दूसरा मुक़ाबला ज़िम्बाब्वे से था. लेकिन 1992 में पाकिस्तान की टीम ने ज़िम्बाब्वे को 53 रनों से हरा दिया था.
जबकि इस टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम ज़िम्बाब्वे से एक रन से हार गई थी.
पाकिस्तान का अगला मैच इंग्लैंड से था और यही मैच उसके लिए निर्णायक साबित हुआ.
इस मैच में पाकिस्तान बहुत बुरी स्थिति में था, लेकिन बारिश ने उसे बचा लिया और उसे एक महत्वपूर्ण अंक भी मिल गया, जो उसके सेमी फ़ाइनल में पहुँचने के लिए तुरुप का इक्का साबित हुआ.
इस मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी की और पूरी टीम सिर्फ़ 74 रन बनाकर आउट हो गई. सबसे ज़्यादा 17-17 रन सलीम मलिक और मुश्ताक़ अहमद ने बनाए थे.
जबकि डेरेक प्रिंगल ने आठ रन देकर तीन विकेट लिए थे. इंग्लैंड के लिए आसान था ये मैच और उसने आठ ओवर में एक विकेट पर 24 रन भी बना लिए थे.
लेकिन तभी बारिश आ गई और मैच रद्द हो गया. इंग्लैंड और पाकिस्तान को 1-1 अंक मिल गया.
उस समय भी पाकिस्तान की अपने देश और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ख़ूब आलोचना हुई.
उस पर से पाकिस्तान अपना अगला मैच चिर प्रतिद्वंद्वी भारत से हार गया. आलोचनाओं ने और ज़ोर पकड़ा.
पाकिस्तान अपना अगला मैच दक्षिण अफ़्रीका से हार गया. इसके बाद तो लगने लगा कि पाकिस्तान का सेमी फ़ाइनल में पहुँचना लगभग असंभव है.
लेकिन होना तो कुछ और ही था. पाकिस्तान ने अपने अगले मैच में मेज़बान ऑस्ट्रेलिया को 48 रनों से पीट दिया.
उस मैच में आमिर सोहेल ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी की थी. जबकि आकिब जावेद और मुश्ताक अहमद ने तीन-तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को हराने में अहम भूमिका निभाई.
वसीम अकरम और कप्तान इमरान ख़ान को दो-दो विकेट मिले थे. ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद पाकिस्तान के कैंप में उत्साह की लहर दौड़ गई.
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ फ़ॉर्म में आ चुके थे और स्पिनर्स भी ज़बरदस्त गेंदबाज़ी कर रहे थे.
पाकिस्तान ने अपने दोनों अगले मैचों में शानदार जीत हासिल की. पाकिस्तान ने पहले श्रीलंका को चार विकेट से हराया और फिर न्यूज़ीलैंड के सात विकेट से.
जब रॉउंड रॉबिन मैच ख़त्म हुए, तो पाकिस्तान की टीम सेमी फ़ाइनल में पहुँचने वाली आख़िरी टीम थी.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच में पाकिस्तान को मिला एक अंक उसके लिए संजीवनी साबित हुआ. एक अंक के अंतर से पाकिस्तान ने सेमी फ़ाइनल में जगह बनाई और मेज़बान ऑस्ट्रेलिया चूक गया.
पाकिस्तान को आठ मैचों में नौ अंक मिले, जबकि ऑस्ट्रेलिया को आठ.
सेमी फ़ाइनल में पहुँचने वाली चार टीमें थी- न्यूज़ीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका और पाकिस्तान.
इस विश्व कप में भारत की टीम पाँच अंक के साथ सातवें नंबर पर थी. भारत अपना दो मैच ही जीत पाया था, जिसमें एक मैच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ था.
सेमी फ़ाइनल और फ़ाइनल
पहला सेमी फ़ाइनल 21 मार्च 1992 को पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया था.
स्थान था ऑकलैंड. न्यूज़ीलैंड के कप्तान मार्टिन क्रो ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी चुनी.
न्यूज़ीलैंड ने 50 ओवरों में सात विकेट पर 262 रन बनाए.
कप्तान मार्टिन क्रो ने 91 रनों की पारी खेली और केन रदरफ़ोर्ड ने 50 रन बनाए.
वसीम अकरम और मुश्ताक़ अहमद को दो-दो विकेट मिले. कप्तान इमरान एक भी विकेट नहीं ले पाए.
पाकिस्तान को इस मैच से एक हीरो मिला, जो आगे चलकर पाकिस्तान का कप्तान भी बना.
और इस मैच में उसे अनुभवी जावेद मियाँदाद का साथ मिला.
वो थे- इंज़माम-उल-हक़. इंज़माम ने 60 रनों की पारी खेली और रन आउट हुए. लेकिन उनकी पारी निर्णायक साबित हुई.
दूसरे छोर पर जावेद मियाँदाद डटे रहे. उनका 57 रन भी उतना ही महत्वपूर्ण था, क्योंकि वो नाबाद रहे. पाकिस्तान ने एक ओवर पहले ही छह विकेट पर ये मैच जीत लिया और फ़ाइनल में जगह बनाई.
दूसरे सेमी फ़ाइनल में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ़्रीका को 19 रनों से हरा दिया.
25 मार्च 1992 को पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न में फ़ाइनल मैच खेला गया.
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी.
ख़राब शुरुआत के बावजूद कप्तान इमरान ख़ान, जावेद मियाँदाद, इंज़माम-उल-हक़ और वसीम अकरम की अहम पारियों की मदद से पाकिस्तान ने छह विकेट पर 249 रन बनाए.
इमरान ख़ान ने सर्वाधिक 72 रन बनाए. जावेद मियाँदाद ने 58 और इंज़माम ने 42 रनों की पारी खेली.
जबकि वसीम अकरम ने भी फटाफट 33 रन बनाए.
पाकिस्तान के गेंदबाज़ फ़ॉर्म में आ चुके थे और उन्होंने ये साबित किया कि वे क्यों दुनिया की ख़तरनाक़ गेंदबाज़ी में शुमार किए जाते हैं.
इंग्लैंड ने संघर्ष तो किया, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे. नील फ़ेयरब्रदर ने सर्वाधिक 62 रन बनाए. एलेन लैंब ने 31 और कप्तान ग्राहम गूच की 29 रनों की पारी कोई काम नहीं आई.
इंग्लैंड की पूरी टीम 227 रन बनाकर आउट हो गई और पाकिस्तान ने ये मैच 22 रन से जीतकर इतिहास रचा.
वसीम अकरम, आक़िब जावेद और मुश्ताक़ अहमद इंग्लैंड पर बहुत भारी पड़े. वसीम और मुश्ताक़ ने तीन-तीन विकेट लिए. जबकि आक़िब को दो विकेट मिले.
वर्ल्ड कप उठाए कप्तान इमरान ख़ान की वो तस्वीर आज भी पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों के मन में रोमांच भर देती है.
तो क्या इस बार पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप में ख़िताबी जीत हासिल कर पाएगा?
सवाल आसान नहीं है, लेकिन पाकिस्तान की ज़बरदस्त वापसी कुछ भी नतीजा ला सकती है.
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