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भारत के लिए टी-20 वर्ल्ड कप में बजी ख़तरे की घंटी, उठे कई सवाल
- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
जिम्बाब्वे की पाकिस्तान पर एक रन से सनसनीखेज़ जीत के बाद बाबर आज़म की टीम के तमाम फैन्स दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ रविवार के मैच में भारत की जीत की आस लगाए थे.
लेकिन, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख़्तर की राय कुछ अलग थी. उन्होंने टूर्नामेंट में भारतीय टीम से लगाई जा रही उम्मीदों को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया था.
शोएब अख़्तर ने भविष्यवाणी की थी, " मैं पहले भी कह चुका था कि पाकिस्तान इस हफ़्ते पाकिस्तान वापस आ जाएगी और अगले हफ़्ते इंडिया वापस आ जाएगी. वो भी इतने तीसमार खां नहीं हैं."
शोएब अख़्तर ने ये अनुमान तब जाहिर किया था, जब भारतीय टीम पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हरा चुकी थी और जीत का जोश उसके साथ था.
पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ भारतीय टीम की कमज़ोरियां उजागर हुई थीं. रविवार को रोहित शर्मा के खिलाड़ियों के पास मौका था कि वो अपने खेल से शोएब अख़्तर और दूसरे आलोचकों के मुंह पर ताला लगाते लेकिन दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पांच विकेट से मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के समंदर में उतरकर दुनिया जीतने का इरादा बनाए टीम इंडिया के जहाज में कई और छेद उभर आए.
पर्थ के सर्द मौसम में जब अपने प्रदर्शन से माहौल और वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीदों को गर्म करने का मौका था तब भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी, फ़ील्डिंग, गेंदबाज़ी और रणनीति के मोर्चे पर कई खामियां उजागर हुईं.
गेम प्लान पर सवाल
भारत के ख़िलाफ़ दक्षिण अफ़्रीका का गेमप्लान कितना सटीक था, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार के मैच में उन्होंने अपनी टीम में सिर्फ़ एक बदलाव किया. तरबेज़ शम्सी की जगह लुंगी एनगिडी को टीम में जगह दी.
इस एक फ़ैसले ने भारतीय टीम का भाग्य तय कर दिया. मैन ऑफ़ द मैच चुने गए एनगिडी ने चार ओवर में 29 रन देकर चार विकेट लिए. उनके चार शिकार थे रोहित शर्मा (15 रन), केएल राहुल (नौ रन) , विराट कोहली (12 रन) और हार्दिक पांड्या (2 रन).
एनगिडी ने अपने पहले स्पैल में ही भारत के हाथ से टॉस जीतने का फ़ायदा छीन लिया और पूरी टीम को दवाब में ला दिया. भारतीय बल्लेबाज़ों के पास उनकी तेज़ और उठती हुई गेंदों का कोई जवाब ही नहीं था.
भारतीय टीम ने भी अपनी प्लेइंग इलेवन में एक ही बदलाव किया था. अक्षर पटेल की जगह दीपक हुड्डा को चुना गया. वो बल्ले से कोई रन नहीं बना सके और कप्तान रोहित शर्मा ने उनसे गेंदबाज़ी नहीं कराई.
भारतीय टॉप आर्डर को तहस नहस करने वाले एनगिडी ने बताया कि उन्हें मिली कामयाबी कोई तुक्का नहीं थी.
उन्होंने कहा, "हम जानते थे कि वो (भारतीय बल्लेबाज़ रन बनाने में) हमारी रफ़्तार को इस्तेमाल करना चाहेंगे. इसलिए हमने कोशिश की कि अपनी (गेंद की) लाइन को सीधा रखें. प्लान ये था कि उन्हें मुश्किल लेंथ पर बॉल डालें और बांधें रखें."
इसके उलट भारतीय टीम के पास ऐसा कोई प्लान नहीं था. 60 गेंद में 76 रन की साझेदारी करने वाली डेविड मिलर और एडन मार्करम की जोड़ी जब जम गई तब भारतीय गेंदबाज़ पूरी तरह कन्फ्यूज़ नज़र आए.
जीत भले ही आखिरी ओवर में मिली हो लेकिन अपनी पारी के 11वें ओवर से अफ़्रीकी बल्लेबाज़ों ने मैच की कमान अपने हाथ में ले ली.
राहुल, कार्तिक टीम में और पंत बाहर क्यों?
क्रिकेट एक्सपर्ट हों या फिर फैन्स, हर कोई इस सवाल का जवाब जानना चाहता है.
क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन ने ट्विटर पर लिखा, "(केएल) राहुल का टॉप ऑर्डर और (दिनेश) कार्तिक का 6/7 नंबर पर रन न बनाना चिंता का मामला है."
ओपनर केएल राहुल लगातार तीन मैचों में नाकाम हो चुके हैं और उनके प्लेइंग इलेवन में रहने को बार-बार पूछे जा रहे हैं. हर नाकामी के साथ उन पर दबाव बढ़ रहा है.
राहुल के शुरुआती ओवरों में तेज़ी से रन न बना पाने और फिर छोटे स्कोर पर आउट हो जाने से बाद के बल्लेबाज़ों पर दवाब बढ़ जाता है. बीते दो मैचों में टीम इस बोझ से उबर गई लेकिन दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ ये भारी पड़ा.
भारतीय टीम मैनेजमेंट कार्तिक को ऋषभ पंत पर वरीयता दे रहा है. कार्तिक पाकिस्तान के ख़िलाफ़ फेल हो गए थे. फिर भी उन पर भरोसा कायम रखा गया.
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच में उनके पास खुद को साबित करने का मौका था. वो 15 गेंद तक क्रीज़ पर रुके भी. इस दौरान उनके और सूर्यकुमार यादव के बीच 52 रन की साझेदारी हुई लेकिन इसमें कार्तिक का योगदान सिर्फ़ छह रन का था.
अगर दूसरी तरफ अफ़्रीकी टीम की ओर से मिलर और मार्करम की साझेदारी की तुलना करें तो 76 रन की साझेदारी में से मिलर ने 31 और मार्करम ने 40 रन का योगदान दिया.
सवालों के घेरे में आर अश्विन भी हैं. रविवार को उन्होंने चार ओवर में 43 रन दे दिए.
अफ़्रीकी पारी के 18वें ओवर में मिलर ने अश्विन की लगातार दो गेंदों पर छक्के लगाए और वो ट्विटर पर ट्रोल होने लगे. कई यूज़र युजवेंद्र चहल के टीम से बाहर होने पर सवाल खड़े कर रहे थे.
उन्हें 18वां ओवर दिए जाने पर भी सवाल उठा. इस पर कप्तान रोहित शर्मा ने सफ़ाई दी, " मैंने देखा है कि आखिर (20वें ओवर) में स्पिनर्स के साथ क्या होता है. इसलिए मैं अश्विन का ओवर पहले ख़त्म करा लेना चाहता था. ये अश्विन से गेंदबाज़ी कराने का परफेक्ट टाइम था."
हालांकि, रोहित शर्मा का ये दांव नहीं चला. दक्षिण अफ़्रीका को आखिरी तीन ओवर में 25 रन की ज़रूरत थी. अश्विन ने 18वें ओवर में ही 13 रन लुटा दिए.
फील्डिंग में फेल क्यों?
विराट कोहली की गिनती टीम इंडिया के उम्दा फील्डर्स में होती है लेकिन 12वें ओवर में अश्विन की गेंद पर उन्होंने मार्करम का हाथ आया कैच टपका दिया.
सोशल मीडिया पर टीम के कई फैन्स ने इसे लेकर सवाल उठाए और कुछ ने दिलचस्प अंदाज़ में चुटकी ली.
इसके पहले कप्तान रोहित शर्मा रन आउट के मौके गंवा चुके थे. मार्करम और मिलर की जोड़ी टूटती तो भारत को मैच में वापसी का मौका मिल सकता था.
क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने इस खामी को हार की बड़ी वजह माना.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "छोटी छोटी चीजों ने भारत को चोट दी. कैच छोड़ना और रन आउट से चूकना."
फ़ील्डिंग के मोर्चे पर हुई ग़लतियों का बचाव कप्तान रोहित शर्मा ने भी नहीं किया. उन्होंने कहा, "फ़ील्ड पर हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं था. हम इन हालात में खेले हैं ऐसे में पस्थितियों को लेकर बहाना नहीं बना सकते. हम मौके पकड़ नहीं पाए, हमने रनआउट के भी कुछ मौके गंवाए."
हार में जीत का संकेत?
टीम इंडिया के लिए रविवार को सबकुछ निराशाजनक ही नहीं था. सूर्यकुमार यादव ने बल्ले से अकेले दम पर संघर्ष किया और 40 गेंदों में 68 रन की शानदार पारी खेली. उन्होंने छह चौके और तीन छक्के लगाए. एनगिडी पर लगाया गया छक्का लंबे समय तक याद रह जाएगा.
अर्शदीप सिंह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार ने भी गेंद से दम दिखाया.
दक्षिण अफ़्रीका से मिली हार के बाद टीम इंडिया के कुछ फैन्स साल 2011 के वर्ल्ड कप को याद कर रहे हैं. तब लीग राउंड में दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को हराया था बाद में टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब रही.
ये याद दिलाने वालों में 2011 टीम का हिस्सा रहे वीरेंद्र सहवाग भी शामिल हैं.
सहवाग ने उम्मीद जाहिर की है, "आशा है यहां से आगे सारे मैच जीतेंगे."
लेकिन, जानकारों का कहना है कि सहवाग और दूसरे फैन्स की उम्मीद तभी पूरी होगी जब टीम इंडिया रविवार को नज़र आई खामियों को दुरुस्त कर ले.
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