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टी 20 वर्ल्ड कप: वेस्ट इंडीज़ के बाद क्या इंग्लैंड भी बाहर होगा? आयरलैंड ने किया उलटफेर
- Author, मैथ्यू हेनरी
- पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड से
- आयरलैंड - 157, एंडी बेलबर्नी - 62(47), लोरकाम टकर 34(27)
- इंग्लैंड - 105/5, डेविड मलान - 35(37), मोईन अली-24(12)
- डकवर्थ लुईस नियम के तहत आयरलैंड ने मैच पांच रन से जीता
ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी 20 वर्ल्ड कप में भारी उलटफेर करते हुए आयरलैंड ने टूर्नामेंट की फ़ेवरेट मानी जा रही टीम इंग्लैंड को हरा दिया है. भले ही बारिश के कारण मैच का निर्णय डकवर्थ लुईस नियम से हुआ हो पर आयरलैंड मैच के दौरान एक बेहतर टीम लगी.
साल 2019 के वन-डे वर्ल्ड कप में टूर्नामेंट जीतने के लिए फ़ेवरेट माना जा रहा इंग्लैंड पाकिस्तान, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद, लगभग चैंपियनशिप से बाहर हो गया था.
लेकिन तीन सप्ताह बाद रविवार के दिन लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर, तमाम चुनौतियों को पार पाते हुए इसी टीम ने वर्ल्ड कप विजेता की ट्रॉफ़ी उठाई थी.
इस बार इंग्लैंड के पास टी 20 वर्ल्ड कप में अपनी राह तय करने के लिए महज़ 48 घंटे हैं. शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच में अगर इंग्लैंड की टीम चूकी तो उनकी वर्ल्ड कप कैंपेन महज़ सात दिन में ख़त्म हो जाएगी.
उधर आयरलैंड के कैप्टन एंडी बेलबर्नी ने अपनी जीत पर ख़ुशी का इज़हार कुछ यूँ किया, "उम्मीद है आज की जीत से आयरलैंड में क्रिकेट के लिए दिलचस्पी बढ़ेगी. वहाँ क्रिकेट कोई बड़ा खेल नहीं है. प्रैक्टिस के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता था.
इंग्लैंड के कैप्टन जोस बटलर ने भी माना कि आईसीसी रैंकिंग में 12वें स्थान वाली टीम उनसे हर हाल में बेहतर खेली है.
खेल में तेज़ी से बदलते हालात
बीते शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान पर जीत, उससे पहले वॉर्म अप मैच में ऑस्ट्रेलिया को हराना और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ श्रृंखला में जीत के बाद इंग्लैंड की टीम को ख़ासा मोमेंटम मिला हुआ था.
इन गर्मियों में भारत और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी 20 सिरीज़ हारने के बावजूद इंग्लैंड की टीम टी 20 वर्ल्ड कप की दावेदार मानी जा रही थी.
लेकिन बुधवार को आयरलैंड के समर्थकों के शोर के बीच इंग्लैंड पांच रनों से हार गया. बारिश की वजह से भले ही मैच का फ़ैसला डकवर्थ लुईस नियम के ज़रिए हुआ हो लेकिन इंग्लैंड का मैच मज़बूत बिल्कुल नहीं दिखा.
टीम के टॉप बॉलर्स ने काफ़ी रन दिए. टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ लय की तलाश में दिखे. बेन स्टोक्स ने बीते डेढ़ साल में बमुश्किल ही कोई टी 20 इंटरनेशनल मैच खेला है.
इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड की टीम का चयन भी मैदान के बाहर की घटनाओं से प्रभावित रहा है. जेसन रॉय का आउट ऑफ़ फ़ॉर्म होना और जॉनी बेयरस्टो का गोल्फ़ खेलते गिरना भी टीम के लिए नुक़सानदेह साबित हुआ है.
यही कारण है कि अलेक्स हेल्स ओपनिंग कर रहे हैं लेकिन लगातार तीसरे मैच में दस से कम स्कोर के कारण टीम में उनकी जगह पर भी ख़तरा मंडरा रहा है.
अगर जोफ़रा आर्चर और रेसी टॉपली घायल न होते तो बेन स्टोक्स को गेंदबाज़ी ओपन करने की ज़रूरत नहीं होती. दूसरा, ख़राब फॉर्म के बावजूद इंग्लैंड बेन स्टोक्स जैसे ऑल राउंडर को टीम से बाहर नहीं रख सकता क्योंकि उसके टॉप गेंदबाज़ घायल हैं.
उधर इस महीने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ डेविड मलान का बल्ला आग उगल रहा था लेकिन अब वो वैसी फॉर्म में नहीं दिख रहे.
आयरलैंड से हार से पहले अफ़ग़ानिस्तान के विरुद्ध भी टीम लगभग लड़खड़ा गई थी जब एक वक्त स्कोर 97-5 हो गया था.
अब भी है अवसर
इंग्लैंड के पास अब भी अवसर हैं.
हालांकि टीम बिल्कुल परफ़ेक्ट तो नहीं है फिर भी इसमें कई मैच विनर हैं. लेकिन टी 20 फ़ॉर्मेट ही ऐसा है जिसमें कोई भी टीम किसी पर भी भारी पड़ सकती है.
टूर्नामेंट के ग्रुप ए में इंग्लैंड को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना है.
पिछली बार के विजेता ऑस्ट्रेलिया को पहले मैच में ही न्यूज़ीलैंड ने धूल चटा दी थी. ऑस्ट्रेलिया श्रीलंका के ख़िलाफ़ भी डगमगा रहा था. तब उसकी नैय्या को मार्कस स्टॉइनिस ने पार लगाया था.
लेकिन पिछली बार भी संयुक्त अरब अमीरात में टी 20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के हाथों हारने के बाद टूर्नामेंट जीता था.
और इंग्लैंड ने 2010 में ग्रुप स्टेज में वेस्ट इंडीज़ से हारने के बाद भी वर्ल्ड कप अपने नाम किया था.
स्टोक्स, बटलर और इंग्लैंड कई अन्य खिलाड़ी मौजूदा मुश्किल स्थिति का अतीत सामना कर चुके हैं.
मैच के बाद बटलर ने 2019 की जीत की याद दिलाते हुए कहा, "हमारे ड्रेसिंग रूम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने करियर में काफ़ी उतार-चढ़ाव देखे हैं. उन्हें इसका अनुभव है. उनके पास इस हार के निराशा भरे जज़्बातों से लड़ने की क्षमता है. इसका सामना करने की समझ है."
"अपने जज़्बातों पर काबू पाकर हमें ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैच पर ध्यान देना है."
शुक्रवार को मेलबर्न में इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच में 70 हज़ार दर्शकों के आने की उम्मीद है. इसी ग्राउंड पर बीते शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक मैच हुआ था. 90 हज़ार दर्शकों ने उतार-चढ़ाव भरे उस मैच ख़ूब लुत्फ़ उठाया था. शायद वो इस स्टेडियम की सबसे बड़ी शाम थी.
मेलबर्न से उम्मीद
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता का लंबा इतिहास रहा है. तो ये शनिवार भी कम यादगार होने वाला नहीं है.
अगर इंग्लैंड शनिवार को हारकर सेमीफ़ाइनल से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाता है तो फ़ैन निराश ही होंगे. इसका ये भी अर्थ होगा कि तीन कोशिशों में इंग्लैंड एक ही बार ट्रॉफी अपने नाम कर पाया है.
लेकिन इंग्लैंड अब भी हारा नहीं है.
आयरलैंड से हार के कारण उसके आगे बढ़ने की राह मुश्किल तो हुई है पर उम्मीद अब भी बाक़ी है.
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