You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
T20 World Cup India v Pakistan: पाकिस्तान को भारत पर जीत दिला सकते हैं ये पाँच कारण
भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीम आज टी20 विश्व कप का पहला मुक़ाबला खेलने जा रही हैं. ये मैच संयुक्त अरब अमीरात में दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा.
दोनों ही टीम जीत की रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं और पूरी ताकत झोंक देना चाहती हैं.
विश्व कप में देखें तो पाकिस्तान के साथ मैच के मामले में भारत का पलड़ा भारी रहा है और पाकिस्तान को अमूमन हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में हर विश्व कप मैच रिकॉर्ड बनाने और तोड़ने की संभावना के साथ दबाव को लेकर आता है.
पाकिस्तानी टीम पर भी ये दबाव है और दोनों देशों के मौजूदा संबंधों के बीच ये दबाव और बढ़ जाता है.
भारतीय टीम के हालिया प्रदर्शन और विश्व कप के पिछले मैचों को देखते हुए उनका मोनबल ऊंचा हो सकता है लेकिन कुछ ऐसे भी कारण हैं जो पाकिस्तानी टीम को जीत की ओर ले जा सकते हैं.
यूएई की स्थितियों का अनुभव
पाकिस्तान के खिलाड़ियों को संयुक्त अरब अमीरात में खेलने का काफ़ी अनुभव रहा है.
पाकिस्तान ने यूएई में 36 टी20 मैच खेले हैं, इनमें से 25 मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले थे और रविवार का मैच भी यही होने वाला है.
लेकिन, भारत ने ना सिर्फ़ दुबई में बल्कि पूरे यूएई में एक भी टी20 मैच नहीं खेला है. इसका फ़ायदा पाकिस्तान को मिल सकता है.
हालांकि, भारत के पक्ष में एक बात ये जाती है कि भारतीय खिलाड़ियों ने हाल ही में आईपीएल के मैच यूएई में ही खेले हैं.
बाबर और रिज़वान की जोड़ी
बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान की शुरुआती जोड़ी को बेहद भरोसेमंद बताया जाता है.
पाकिस्तानी मीडिया में इसे सईद अनवर और आमिर सोहेल के बाद से पाकिस्तान की सबसे बेहतर ओपनिंग जोड़ी भी बताई जा रही है.
बाबर-रिज़वान की जोड़ी का औसत 52.10 रन और रन रेट 9.16 का रहा है.
पाकिस्तान के ओपनिंग बल्लेबाज अभी तक भारतीय टीम को कड़ी चुनौती नहीं दे पाए हैं लेकिन इस बार नज़ारा अलग हो सकता है.
धोनी का टीम में ना होना
पाकिस्तान के साथ हुए सभी आठ टी20 मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व एमएस धोनी ने किया है. इन आठ मैचों में से भारत को सात में जीत मिली जिसका श्रेय एमएस धोनी की कप्तानी को जाता है.
धोनी के अनुभव और उनके नेतृत्व का फ़ायदा फ़िलहाल इस मैच में भारतीय टीम को नहीं मिल पाएगा.
हालांकि, विराट कोहली ने भी भारतीय कप्तान के तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया है लेकिन बदले कप्तान के साथ बदली स्थितियां भी साथ आएंगी.
विराट कोहली पर दबाव
भारतीय कप्तान विराट कोहली टी20 विश्व कप के बाद टी20 की कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं. इसी के साथ उनका नौ साल लंबा कप्तानी का दौर समाप्त हो जाएगा.
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 का पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को ख़िताबी जीत का इंतज़ार है.
ये विराट कोहली की कप्तानी में आख़िरी टी20 विश्व कप होने जा रहा है जिसे जीतना उनके लिए बेहद मायने रखता है.
विराट कोहली अपनी कप्तानी के नाम ये विश्व कप ज़रूर दर्ज करना चाहेंगे.
साथ ही पिछले कुछ समय में वो कोई बड़ा स्कोर भी नहीं बना पाए हैं. ऐसे में उन पर अपने प्रदर्शन और टीम के प्रदर्शन का दबाव हो सकता है.
कुछ घंटों का बेहतर खेल
टी20 मैचों में पाकिस्तान के मुक़ाबले भारत का पलड़ा भारी रहा है. लेकिन, टी20 मैचों का फॉर्मेट पाकिस्तान की टीम के लिए मददगार भी साबित हो सकता है.
ये एक ऐसा फॉर्मेट में जिसमें तीन से चार घंटों तक लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करना और फॉर्म बरकरार रखना ज़रूरी नहीं होता.
कुछ अच्छे ओवर या आधे घंटे का बेहतरीन खेल मैच को आपके पक्ष में ला सकता है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)