You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
टोक्यो ओलंपिक: जापान की 13 साल की खिलाड़ी और क़ुवैत के निशानेबाज़ क्यों हैं चर्चा में
जापान की 13 वर्षीय मोमिजी निशिया ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचा है. तो क़ुवैत के 57 वर्षीय अब्दुल्लाह अल रशीदी ने भी अपनी उपलब्धि से सबका ध्यान खींचा है.
सबसे पहले बात मोमिजी निशिया की. उन्होंने महिलाओं की स्ट्रीट स्केटबोर्डिंग में गोल्ड मेडल जीतकर सनसनी मचा दी.
मज़ेदार बात ये रही कि इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाली ब्राज़ील की रेयसा लीएल भी 13 साल की हैं, जबकि कांस्य पदक जीतने वाली जापान की फुना नाकायामा 16 साल की हैं.
माना जा रहा है कि ओलंपिक में किसी एक मुक़ाबले का तीनों पदक जीतने वाली ये सबसे युवा खिलाड़ियों की तिकड़ी है.
ओलंपिक में सबसे कम उम्र में पदक जीतने का रिकॉर्ड अमेरिका की मारजोरी गेस्ट्रिंग के नाम है, जिन्होंने 13 साल की उम्र में बर्लिन ओलंपिक के दौरान स्प्रिंगबोर्ड का ख़िताब जीता था.
ये कारनामा उन्होंने 1936 के बर्लिन ओलंपिक में कर दिखाया था. जब उन्होंने पदक जीता था, तब वे मोमिजी निशिया से सिर्फ़ 63 दिन छोटी थी.
मेज़बान देश जापान ने स्केटबोर्डिंग के स्ट्रीट इवेंट का सभी गोल्ड अपने नाम किया. पुरुषों के मुक़ाबले में जापान के युतो होरिगोम ने गोल्ड जीता.
निशिया की शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही, लेकिन बाद में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने सबसे ज़्यादा 15.28 अंक हासिल किए.
टोक्यो ओलंपिक के दौरान अब भी गेस्ट्रिंग का रिकॉर्ड टूट सकता है.
चार अगस्त को महिलाओं की पार्क स्केटबोर्डिंग में ब्रिटेन की स्काई ब्राउन हिस्सा ले रही हैं, इस समय उनकी उम्र 13 साल और 28 दिन है.
इसी प्रतियोगिता में जापान की कोकोना हिराकी भी भाग लेंगी और उनकी उम्र तो 12 साल 343 दिन है.
अब्दुल्लाह अल रशीदी का कमाल
एक ओर जहाँ कम उम्र में गोल्ड जीतने के लिए मोमिजी निशिया की चर्चा हो रही है, वहीं कुवैत के निशानेबाज़ अब्दुल्लाह अल रशीदी भी चर्चा में हैं.
निशानेबाज़ी के स्कीट मुक़ाबले में अल रशीदी ने कांस्य पदक जीता है. उनकी उम्र इस समय 57 साल है.
अब्दुल्लाह अल रशीदी ने फ़ाइनल में 46 अंक हासिल किए. इस प्रतियोगिता का गोल्ड अमेरिका के विन्सेंट हैनकॉक को मिला, जिन्होंने 59 अंक हासिल किए.
डेनमार्क के जेस्पर हैनसेन ने 55 का स्कोर करते हुए सिल्वर मेडल जीता.
ये अब्दुल्लाह अल रशीदी का दूसरा मेडल है. वर्ष 2016 में रशीदी ने व्यक्तिगत रूप से ओलंपिक में हिस्सा लिया था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कुवैत पर पाबंदी लगा दी थी.
रियो ओलंपिक में भी रशीदी ने कांस्य पदक जीता था. उस समय फ़ाइनल में इंग्लैंड के फ़ुटबॉल क्लब आर्सेनल की जर्सी पहनकर आने के कारण काफ़ी विवाद भी हुआ था.
अल रशीदी की कहानी भी खेल के प्रति उनके जज़्बे की कहानी है. पाँच बार वे ओलंपिक में पदक लेने में नाकाम रहे.
जब छठी बार उन्हें पदक मिला, तो उनके देश पर पाबंदी लगी हुई थी. लेकिन इस बार टोक्यो ओलंपिक में अपने देश के लिए उन्हें पदक जीतने में सफलता मिल ही गई और वो भी 57 साल की उम्र में.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)