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IPL 2020: धोनी बोले तक़लीफ़ होती है ये साल हमारा नहीं
शारजाह में हुए मुक़ाबले में मुंबई इंडियंस ने पहले चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज़ों को रुलाया और फिर उसके गेंदबाज़ों की धज्जियां उड़ाई. नतीजा ये हुआ कि मुंबई इंडियंस अंक तालिका में शीर्ष पर आ गया और चेन्नई सुपर किंग्स सबसे निचले पायदान पर.
मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को विकेट और रनों के लिए कितना तरसाया, स्कोर कार्ड इसकी गवाही देता है. चेन्नई के बल्लेबाज़ ऋृतुराज और दीपक चाहर जहां अपना खाता भी नहीं खोल पाए, वहीं फ़ाफ़ डू प्लेसिस एक, अंबाती रायडू दो और रवींद्र जडेजा सात रन ही बना सके.
इसी तरह शार्दुल ठाकुर 11, इमरान ताहिर 13 और कप्तान धोनी सारा ज़ोर लगाकर भी 16 रन से आगे नहीं बढ़ पाए. सैम कुरैन ने सबसे अधिक 52 रन बनाए, वरना चेन्नई सुपर किंग्स के लिए हार से पहले बेहद कम स्कोर शर्म की वजह बन जाता.
फिर जब गेंदबाज़ी की बारी आई, चेन्नई सुपर किंग्स के सारे गेंदबाज़ एक अदद विकेट के लिए तरसते रहे. सलामी बल्लेबाज़ क्विंटन डिकॉक और ईशान किशन की जोड़ी ने चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाज़ों का दम निकालकर ही दम लिया.
दीपक चाहर, जोश हेज़लवुड, इमरान ताहिर, शार्दुल ठाकुर और रवींद्र जडेजा ने ख़ूब हाथ-पैर मारे, लेकिन क्विंटन डिकॉक और ईशान किशन पर ज़रा भी अंकुश नहीं लगा पाए. तभी तो कप्तान धोनी को कहना पड़ा- ''तक़लीफ़ होती है. सब गड़बड़ हो रहा है, ये साल हमारा नहीं है.''
कप्तान धोनी का अफ़सोस
कप्तान धोनी ने ये भी बताया कि गड़बड़ किस तरह हो रही है, ''जिन मैचों में हम पहले बल्लेबाज़ी करना चाहते थे, उनमें हम टॉस ही नहीं जीत पाए. यूं तो ओस नहीं होती, लेकिन जब हम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हैं तो ओस हो जाती है.''
कप्तान धोनी चाहे जो कहें, लेकिन अंक तालिका बता रही है कि उनकी टीम आईपीएल की आठ टीमों में अभी तक तो सबसे फिसड्डी साबित हुई है.
ये वही कप्तान धोनी हैं जिन्होंने साल 2019 के आईपीएल टूर्नामेंट में अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया था और चेन्नई सुपर किंग्स महज एक रन से ख़िताब से चूक गई थी. उस टूर्नामेंट में धोनी 416 रनों के साथ टॉप-स्कोरर बनने में कामयाब हुए थे.
लेकिन इस बार धोनी ने अभी तक 11 मैचों में 180 रन ही बनाए हैं जिसमें ना कोई शतक है ना कोई अर्धशतक. धोनी के बल्ले की ख़ामोशी बहुत कुछ कह रही है. बल्लेबाज़ी का पावर-हाउस कहे जाने वाले धोनी क्या आगे अपने बल्ले से कुछ कमाल दिखा पाएंगे, ये सवाल लाख टके का है.
क्विंटन डिकॉक और ईशान किशन की जोड़ी
मुंबई इंडियंस के सलामी बल्लेबाज़ क्विंटन डिकॉक भले ही 4 रनों से अर्धशतक बनाने से चूक गए, लेकिन 37 गेंद पर जिस तरह उन्होंने 46 रन बनाए, वो देखने लायक थे.
इसकी वजह ये थी कि चेन्नई के पांच-पांच गेंदबाज़ों को छकाना कोई आसान बात नहीं थी. इस तर्क पर ईशान किशन का प्रदर्शन ज़ाहिर तौर पर और अच्छा कहा जाएगा क्योंकि उन्होंने भी 37 गेदों पर 68 रन बनाए और चेन्नई के किसी भी गेंदबाज़ को अपना विकेट नहीं दिया.
इस जोड़ी का रन रेट रहा 9.4 जिसकी वजह से 13वें ओवर में ही जीत ने उनके कदम चूम लिए. ईशान किशन ने इस आईपीएल टूर्नामेंट में अभी तक 8 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने कुल 261 रन बनाए हैं.
वहीं क्विंटन डिकॉक ने अभी तक 10 मैचों से 368 रन बटोरे हैं. वो उन चंद खिलाड़ियों में शुमार हैं जो एक उम्दा विकेट-कीपर होने के साथ बेहतरीन बल्लेबाज़ भी हैं.
इसमें संदेह नहीं कि उनका 'फॉर्म' और 'परफोर्मेंस' मुंबई इंडियंस के लिए काफी मायने रखेगा. मुंबई इंडियंस साल 2013, 2015, 2017 और 2019 में आईपीएल टूर्नामेंट का ख़िताब अपने नाम कर चुकी है.
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मैन ऑफ द मैच
चेन्नई सुपर किंग्स के चार विकेट हासिल करने वाले ट्रेंट बोल्ट को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया. उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन दिए.
सबसे पहले उन्होंने सलामी बल्लेबाज़ ऋतुराज गायकवाड़ को एलबीडब्ल्यू आउट किया और उन्हें खाता तक नहीं खोलने दिया.
इसके बाद उन्होंने फ़ाफ़ डू प्लेसिस, रवींद्र जडेजा और सैम कुरैन को भी पवैलियन भेजा.
चेन्नई सुपर किंग्स ने ऋृतुराज गायकवाड़ और फ़ाफ़ डू प्लेसिस को एक बड़ी साझेदारी के इरादे से उतारा था, लेकिन ट्रेंट बोल्ट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
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