#IPL2019FINAL: फ़ाइनल में आख़िरी ओवर में मुंबई के चेन्नई को हराने की कहानी

लसित मलिंगा

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"आख़िरी गेंद थी. मैंने सोचा कि अगर उन्होंने एक रन बना लिया तो मैच सुपर ओवर में चला जाएगा, लेकिन मैं चाहता था कि हम जीतें. इसलिए मैंने विकेट लेने वाली गेंद फेंकना तय किया."

ये बयान और किसी का नहीं बल्कि मुंबई इंडियंस के उस गेंदबाज़ का है जिनकी वो एक गेंद उन्हें खलनायक भी बना सकती थी, जिसने उनकी टीम को चौथी बार आईपीएल का चैंपियन भी बना दिया.

श्रीलंका के 35 साल के मलिंगा को उस वक़्त गेंद थमाई गई थी, जब क्रीज़ पर चेन्नई के दिग्गज शेन वॉटसन मौजूद थे और अपनी टीम को जीत की राह पर ले जा रहे थे.

शेन वॉटसन

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मलिंगा की पहली यॉर्कर

चेन्नई को आखिरी ओवर में जीत के लिए नौ रन बनाने थे. कप्तान रोहित शर्मा ने गेंद लसित मलिंगा को थमाई. मलिंगा ने अपने तीसरे ओवर में 20 रन खर्च किए थे. ऐसे में निश्चित तौर पर मलिंगा पर अतिरिक्त दबाव था कि वह कप्तान रोहित के भरोसे पर खरे उतरें.

मलिंगा ने दबाव में सटीक गेंदबाज़ी की और मैच की सूरत ही बदल दी.

उन्होंने 20वें ओवर की पहली गेंद यॉर्कर डाली. इस पर वॉटसन एक रन ले सके. दूसरी गेंद फ़ुलटॉस थी जिस पर रविंद्र जडेजा ने एक रन लिया. तीसरी गेंद लेग स्टंप के बाहर डाली गई यॉर्कर थी जिस पर वॉटसन ने दो रन बनाए.

शेन वॉटसन

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बड़ी उम्मीद हुई रन आउट

अब तीन गेंदों में पांच रन की दरकार थी. मलिंगा ने चौथी गेंद मिडल स्टंप पर डाली. ये भी यॉर्कर थी. वॉटसन ने इस पर दो रन लेने की कोशिश की और रन आउट हो गए.

चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शेन वॉटसन के आउट होने के बाद फिर क्रिकेट समीक्षकों को चौंकाया और हरभजन सिंह, दीपक चाहर और इमरान ताहिर के ऊपर शार्दुल ठाकुर को तरजीह दी.

उनकी जगह आए शार्दुल ठाकुर ने पांचवीं गेंद को बैकवर्ड स्क्वैयर की तरफ़ खेला और दो रन लिए.

आख़िरी गेंद फ़ेंकने से पहले लसिथ मलिंगा की कप्तान रोहित शर्मा से लंबी चर्चा हुई. कौन सा फ़ील्डर किस जगह होना चाहिए. चेन्नई को जीत के लिए सिर्फ़ दो रनों की दरकार थी.

जसप्रीत बुमराह

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सुपर ओवर में जाने की स्थिति

रोहित और मलिंगा के पास एक ही विकल्प था और वो था इस आख़िरी गेंद पर चेन्नई का विकेट झटकना. अगर चेन्नई आख़िरी गेंद पर एक रन भी बना लेती और मुक़ाबला टाई रहता और फिर ट्रॉफ़ी किसके हाथ में जाएगी इसका फ़ैसला सुपर ओवर में होता.

कुछ सोच विचार करने के बाद मलिंगा भारी क़दमों से रनअप की तरफ़ बढ़ रहे थे, लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि आख़िरी गेंद उन्हें कैसे करनी है

अब चेन्नई को जीत के लिए दो रन बनाने थे. आख़िरी गेंद मलिंगा ने मिडिल स्टंप पर डाली. यह स्लो यॉर्कर थी. जो ठाकुर के पैड से टकराई और अंपायर ने उंगली उठा दी. मुंबई ने मैच एक रन से जीत लिया.

इसके साथ ही मलिंगा ने रोहित शर्मा के बतौर कप्तान सभी फ़ाइनल जीतने का रिकॉर्ड भी कायम रखा.

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी माना कि मलिंगा ने शानदार गेंदबाज़ी की और दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया. हालांकि सचिन ने कहा कि मैच का टर्निंग प्वाइंट धोनी का रन आउट होना रहा.

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