IPL 2019: क्या अंपायर की ग़लती से हार गए कोहली?

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आईपीएल-12 में गुरूवार को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मेज़बान रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लोर और मुंबई इंडियंस के रूप में दोनों ऐसी टीमें थीं जिनकी शुरूआत हार के साथ हुई थी.
ख़ैर किसी को तो जीतना था ही और मुंबई इंडियंस ने रॉयल चैलेंजर्स को पांच रन से हरा दिया.
रॉयल चैलेंजर्स के सामने जीत के लिए 188 रनों का लक्ष्य का लेकिन वह निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 181 रन बना सके.
एबी डिविलियर्स की 41 गेंदों पर चार चौके और छह छक्कों से सजी नाबाद 70 रनों की पारी धरी की धरी रह गई.
उनके अलावा कप्तान विराट कोहली ने भी 32 गेंदों पर छह चौको के सहारे 46 रन बनाए.
लेकिन मैच का मूड तब खराब हो गया जब मैच की आखिरी गेंद पर रॉयल चैलेंजर्स को जीत के लिए सात रनों की जरूरत थी.
लसिथ मलिंगा गेंद कर रहे थे. उनका सामना कर रहे शिवम दूबे से कोई रन नहीं बना.

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क़िस्मत ने साथ दिया मलिंगा का
एक्शन रिप्ले में साफ नज़र आया कि आख़िरी बॉल, नो बॉल थी.
ऐसे में अपनी टीम के साथ बैठे रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली का चेहरा तमतमा गया.
अब मैच का फ़ैसला क्या होता.
अगर नो बॉल हो जाती तो फ्री हिट मिलती और अगर डिविलियर्स जैसे खिलाड़ी को स्ट्राइक मिल जाती तो भला क्या नहीं हो सकता था.
ऐसे में अंपायर एस रवि चर्चा का केंद्र बन गए.
मैच के बाद विराट कोहली ने सीधे-सीधे कहा कि ''हम आईपीएल खेल रहे हैं कोई क्लब क्रिकेट नहीं, आखिरी गेंद थी और अंपायर को अपनी आंखें खोल कर रखनी चाहिए थी. एक इंच से नो बॉल थी. मैच का निर्णय इससे बदल सकता था. यह खेल बहुत कम अंतर का है. अंपायर को अधिक सावधानी की ज़रूरत है.''
अब भला दो अंकों से जिस टीम का अंतिम चार में पहुंचने का खेल ही बिगड़ सकता हो तो वहां चौथे अंपायर के पास जाने में क्या बुराई है.
मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने भी माना कि ऐसा नहीं होना चाहिए. ऐसी ग़लतियां खेल के लिए ठीक नहीं हैं.
जो भी हो, इस घटना ने मैच के रोमांच का स्वाद कड़वा कर दिया.

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तीन ओवर 40 रन
इस मैच में बदलाव तब आया जब रॉयल चैलेंजर्स को बचे हुए तीन ओवर में जीत के लिए 40 रन चाहिए थे.
ऐसे में 17वें ओवर में हार्दिक पांड्या आए और एबी डिविलियर्स ने इस ओवर में दिखा दिया कि क्यों कहा जाता है कि वह 360 डिग्री पर क्रिकेट खेल सकते हैं.
उन्होंने पांड्या की पहली ही गेंद पर चौका लगाया और उसके बाद उनकी चौथी और पांचवी गेंद पर छक्का लगाकर मुंबई की सांस ही रोक दी.
कानों के बीच आते ज़बरदस्त शोर के बीच एक ही आवाज़ सुनाई दे रही थी....एबी-एबी-एबी-एबी-एबी.
लेकिन अगले ही ओवर में जसप्रीत बुमराह ने कमाल की गेंदबाज़ी की.
उन्होंने अपने ओवर में केवल पांच रन दिए.
बुमराह ने इसी ओवर में ग्रैंडहोम को भी क्रुणाल पांड्या के हाथों कैच कराया.
यह ओवर अगर महंगा होता तो मुंबई के हाथ से जीत फिसल जाती.
बुमराह प्लेयर ऑफ द मैच
जसप्रीत बुमराह ने केवल 20 रन देकर तीन विकेट हासिल किए. वह प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे.
इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया.
इसके बाद मुंबई ने निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 187 रन बनाए.

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मुंबई की सलामी जोड़ी कप्तान रोहित शर्मा और क्विंटन डी कॉक ने पहले विकेट के लिए 6.3 ओवर में 54 रनों की शानदार शुरुआत दी.
डी कॉक 20 गेंदों पर 23 रन बनाकर युजवेन्दर चहल की गेंद पर बोल्ड हो गए.
इसके बाद तो चहल ने तीन और बल्लेबाज़ों को टहलाया.
उन्होंने सूर्यकुमार यादव, युवराज सिंह और किरेन पोलार्ड के विकेट भी अपने नाम किए.
उनके अलावा उमेश यादव ने 26 रन देकर दो और मोहम्मद सिराज ने 38 रन देकर दो विकेट हासिल किए.
इस मैच में रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और युवराज सिंह को शानदार शुरुआत मिली लेकिन वह उसे बड़े स्कोर में नही बदल सके.
रोहित शर्मा ने 33 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्के की मदद से 48 रन बनाए.
युवराज सिंह भी अच्छी फॉर्म ने नज़र आ रहे थे.
उन्होंने चहल के ओवर में लगातार तीन छक्के जमाकर स्टेडियम में अपने नाम की गूंज उठा दी.
यह मुंबई की पारी का 14वां ओवर था. चहल भी कहां डरने वाले थे.
उनकी अगली गेंद पर चौथा छक्का जड़ने की कोशिश में युवराज सिंह मोहम्मद सिराज को कैच दे बैठे.
युवराज सिंह ने 23 रन बनाए.
युवराज सिंह के बाद सूर्यकुमार यादव भी 38 रन बनाकर चहल का शिकार बने.
इसके बाद तो ऐसा लगा जैसे रॉयल चैलेंजर्स ने मुंबई के रन बनाने की रफ्तार को थाम लिया है, लेकिन हार्दिक पांड्या ने केवल 14 गेंदों पर दो चौके और तीन छक्के जमाकर नाबाद 32 रन ठोक दिए.
उनकी इस पारी ने कप्तान रोहित शर्मा को राहत की सांस दी.

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चार विकेट लेने के बाद चहल ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि जब युवराज सिंह ने उनकी गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाए, तब भी वह घबराए नहीं. उन्होंने कहा कि वह विकेट लेने की कोशिश करते रहते हैं.
चहल ने यह भी माना कि इतने महत्वपूर्ण चार विकेट लेकर वह बहुत खुश हैं. उनकी कोशिश गेंद को स्टंप पर और थोड़ा ऑफ स्टंप के बाहर रखने की थी.
चहल वैसे भी कई बार तो ऑफ स्टंप के बाहर होती वाइड गेंदों पर भी विकेट ले चुके हैं.
अब इसे समय का फेर कहिए या कुछ और कि चहल और बुमराह की शानदार गेंदबाज़ी, डिविलियर्स की तूफ़ानी पारी और युवराज सिंह के छक्के अंपायर के एक खराब निर्णय की भेंट चढ़ गए.
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