You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
छह बार विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनीं मेरी कॉम
पांच बार की विश्व बॉक्सिंग चैंपियन एम.सी. मेरी कॉम छठवीं बार विश्व चैंपियन बन गई हैं.
उन्होंने 48 किलोग्राम के लाइट फ़्लाइवेट कैटेगिरी में यूक्रेन की हेना ओखोटा को हराया.
35 वर्षीय मेरी कॉम ने शनिवार को नई दिल्ली के केडी जाधव इंडोर स्टेडियम में हेना को एकतरफ़ा मैच में 5-0 से हराया.
विश्व चैंपियनशिप में मेरी कॉम ने आख़िरी बार 2010 में स्वर्ण पदक जीता था. इसके अलावा वह 2002, 2005, 2006 और 2008 में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं.
इसी रिकॉर्ड के साथ मेरी कॉम ने आयरलैंड की केटी टेलर का पांच बार विश्व चैंपियनशिप का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. साथ ही उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में पुरुष बॉक्सर फेलिक्स सेवन के छह बार के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.
यूक्रेन की हेना केवल 22 साल की हैं. उनके और मेरी कॉम के बीच में 13 साल की आयु का अंतर है. 'हंटर' उपनाम से प्रसिद्ध हेना ने यूरोपियन यूथ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था.
मेरी का बचपन
मणिपुर में एक ग़रीब परिवार में जन्मी मेरी कॉम के परिवार वाले नहीं चाहते थे कि वो बॉक्सिंग में जाए. बचपन में मेरी कॉम घर का काम करती, खेत में जाती, भाई बहन को संभालती और प्रैक्टिस करती.
दरअसल डिंको सिंह ने उन दिनों 1998 में एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता था. वहीं से मेरी कॉम को भी बॉक्सिंग का चस्का लगा. काफ़ी समय तक तो उनके माँ-बाप को पता ही नहीं था कि मेरी कॉम बॉक्सिंग कर रही है.
साल 2000 में अख़बार में छपी स्टेट चैंपियन की फोटो से उन्हें पता चला. पिता को डर था कि बॉक्सिंग में चोट लगी तो इलाज कराना मुश्किल होगा और शादी में भी दिक्कत होगी.
लेकिन मेरी कॉम नहीं मानी. माँ-बाप को ही ज़िद्द माननी पड़ी. मेरी ने 2001 के बाद से चार बार वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती. इसी बीच मेरी कॉम की शादी हुई और दो जुड़वा बच्चे भी.
मेरी कॉम के जीवन पर बॉलीवुड में बायोपिक भी बन चुकी है, जिसमें प्रियंका चोपड़ा ने मेरी कॉम की भूमिका अदा की थी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)