ICC महिला विश्व टी-20 क्रिकेट: सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हरा पाएगा भारत?

भारतीय महिल क्रिकेटर

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    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

वेस्ट इंडीज़ में चल रहे महिला वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफ़ाइनल में भारत का मुक़ाबला इंग्लैंड से हो रहा है.

पहले सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्ट इंडीज़ को 71 रनों से हराकर फ़ाइनल में जगह बना ली है.

अब देखना होगा कि फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भारत की भिड़ंत होगी या इंग्लैंड की.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम इससे पहले दो बार सेमीफ़ाइनल तक पहुंची है.

ऐसे में आज सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराकर भारत इतिहास बना सकता है.

भारतीय खिलाड़ी

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भारत का शानदार प्रदर्शन

भारतीय महिला क्रिकेट टीम पूल बी में अपने सभी चार मैच जीतकर सेमीफ़ाइनल में पहुंची है. उसने पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, पूर्व उप विजेता न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान पर धमाकेदार जीत दर्ज की है.

टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय महिला टीम से इस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद शायद ही किसी को रही होगी.

बीते शनिवार को भारत ने पूल बी के अपने चौथे और आखिरी मुक़ाबले में साल 2010, 2012 और 2014 की चैंपियन रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को 48 रन से करारी मात दी. इसके साथ ही भारतीय महिला टीम ने साल 2010 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में भी जगह बना ली. भारतीय टीम अपने पूल में पहले नंबर पर रही.

आईसीसी महिला विश्व टी-20 टूर्नामेंट पहली बार साल 2009 में इंग्लैंड में आयोजित किया गया. तब भी भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में पहुंची. लेकिन इसके बाद साल 2012, 2014 और 2016 में वह ग्रुप दौर से आगे नही बढ़ सकी.

मिताली राज

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इंडिया का पावर पंच

इस बार भी उसे अपेक्षाकृत कठिन पूल मिला जिसमें न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल थी. पाकिस्तान के अलावा बाकी तीनों टीमें टी-20 में ताक़तवर मानी जाती हैं. लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर, पूर्व कप्तान मिताली राज, युवा बल्लेबाज़ स्मृति मंधना, जेमीमा रोड्रिग्स और लैगब्रेक गुगली गेंदबाज़ पूनम यादव के पंच के दम पर भारतीय टीम ने हर मुश्किल को आसान करते हुए 8 साल बाद सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई.

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराने से पहले न्यूज़ीलैंड को 34 रन से, पाकिस्तान को सात विकेट से और आयरलैंड को 52 रन से मात दी.

अब भारत के अब तक के सफ़र की क़ामयाबी में अपने खेल से छाने वाली खिलाड़ियों की बात.

हरमन प्रीत कौर

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कप्तान का करिश्मा

कामयाबी की कहानी की अगुवाई भी कप्तान हरमनप्रीत कौर कर रही हैं. उन्होंने पूल बी के पहले ही मैच में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ केवल 51 गेंदों पर सात चौके और आठ छक्कों की मदद से 103 रन ठोक दिये.

ये टी-20 क्रिकेट में किसी भी भारतीय महिला खिलाड़ी का पहला शतक था. बाद में उन्होंने राज़ खोला कि उनकी कमर में दर्द था जिसकी वजह से उन्होंने एक-एक रन लेने की जगह गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर भेजकर आराम से रन बनाने की रणनीति बनाई.

खैर जो भी हो उनका प्लान कामयाब रहा. इसके बाद हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ भी 43 रन बनाकर टीम को संभाला. वो अब तक टूर्नामेंट में 12 छक्के जड़ चुकी हैं जो एक रिकॉर्ड है.

मिताली राज

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मिताली का योगदान, लेकिन सेमीफ़ाइनल में जगह नहीं

पूर्व कप्तान मिताली राज को सेमीफ़ाइनल केलिए टीम में जगह नहीं मिल पाई है मगर अभी तक के सफ़र में उनके योगदान का ज़िक्र ना किया जाए तो यह शायद उनके साथ ही नही वरन टीम के साथ भी अन्याय होगा.

दरअसल कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान के ख़िलाफ हुए मुक़ाबले में टीम के अहम खिलाडियों और कोच से बात करने के बाद यह निर्णय लिया कि मिताली राज स्पिन को अच्छा खेलती है इसलिए उन्हे मध्यम क्रम के स्थान पर सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर इस्तेमाल किया जाए.

मिताली राज ने भी इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए 56 रनों की पारी खेली. भारत के सामने जीत के लिए 134 रनों का लक्ष्य था जो उसने 19वें ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल किया. इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हरमनप्रीत कौर का अनुमान कितना सही था.

इसके बाद मिताली राज ने आयरलैंड के ख़िलाफ भी 51 रन बनाए. लगातार दो अर्धशतक जमाने के बाद उन्होंने अपने आलोचकों को भी जवाब दे दिया जो उन्हे केवल टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट की बल्लेबाज़ मानते थे.

ये भी कमाल की बात है कि उन्होंने टी-20 के 85 मैचों में 17 अर्धशतक की मदद से 2283 रन बनाए है. इतने रन तो रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी नही बनाए है.

भारतीय बल्लेबाज़

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बल्ले से चमकीं स्मृति

भारत के वेस्टइंडीज़ रवाना होने से पहले जिस एक और बल्लेबाज़ पर टीम को पूरा भरोसा था वो हैं उपकप्तान स्मृति मंधना. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ 83 रनों की पारी ने इस भरोसे को सही भी साबित किया.

भारत ने ये मैच भले ही 48 रन से जीता लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी कितना दमदार थी इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि स्मृति मंधना के 83 और कप्तान हरमनप्रीत कौर के 43 रन के अलावा बाकी कोई भी बल्लेबाज़ दहाई तक भी नही पहुंच सकीं.

स्मृति मंधना ने इसके अलावा आयरलैंड के ख़िलाफ 33 और पाकिस्तान के ख़िलाफ उपयोगी 26 रन बनाए. उन्हें मलाल था कि अच्छी शुरूआत के बाद भी बड़ा स्कोर नही बन रहा था.

भारतीय टीम

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जेमीमा और पूनम का कमाल

युवा बल्लेबाज़ जेमीमा रोड्रिग्स ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ 59 रन बनाकर टीम की नैया पहले ही मैच में पार लगाने में अपना अहम योगदान दिया. पाकिस्तान के ख़िलाफ उन्होंने 16 और आयरलैंड के ख़िलाफ 18 रन ऐसे समय में बनाए जब विरोधी गेंदबाज़ हावी हो रहे थे.

गेंदबाज़ी में लैगब्रेक गुगली गेंदबाज़ पूनम यादव ने चार मैचों में 8 विकेट लेकर भारत की जीत में अपना अहम रोल अदा किया है. ख़ासकर न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ उन्होंने 33 रन देकर तीन विकेट झटके. इन पांच खिलाडियों के बंद हाथ का प्रहार विरोधियों पर अभी तक ऐसा पड़ा है कि उसे उठने का मौक़ा नही मिला है.

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