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BBC ISWOTY: पीटी ऊषा ने कहा, महिला खिलाड़ियों की एक्सपायरी डेट नहीं होती
टोक्यो ओलंपिक खेलों का आयोजन कुछ ही महीनों के बाद होना है. जानीमानी एथलीट पीटी ऊषा के मुताबिक़ बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और महिला बॉक्सिंग का जानामाना चेहरा एमसी मैरी कॉम इस ओलंपिक में भारत के लिए पदक के सबसे ज़ोरदार दावेदार हैं.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवार्ड, 2020 के लिए नमांकित खिलाड़ियों की घोषणा के मौक़े पर बीबीसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीटी ऊषा ने ये उम्मीद जताई.
ख़ास बात यह है कि पीवी सिंधु और मैरी कॉम, दोनों ही खिलाड़ी भारत के लिए पहले भी ओलंपिक मेडल जीत चुकी हैं.
टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए क्या उम्मीदें होंगी पूछे जाने पर पीटी ऊषा ने कहा, "पीवी सिंधु और मैरी कॉम टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीत सकती हैं. सिंधु के पास पहले से सिल्वर मेडल है इसलिए मुझे उम्मीद है कि वह इस बार गोल्ड जीतेंगी. मैरी कॉम का प्रदर्शन भी लगातार अच्छा रहा है, उनके पास भी अपने मेडल का रंग बेहतर करने का अच्छा मौक़ा होगा."
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर के दूसरे संस्करण के लिए नामांकित खिलाड़ियों की घोषणा सोमवार को दिल्ली में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई.
यह सम्मान भारतीय महिला खिलाड़ियों के योगदान को रेखांकित करने और खेल जगत में उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए बीबीसी की ओर से भारत में एक पहल है.
2021 में इस सम्मान के लिए जिन पांच खिलाड़ियों को नामांकित किया गया है वो हैं निशानेबाज मनु भाकर, एथलीट दुती चंद, शतरंज खिलाड़ी कोनरु हंपी, कुश्ती चैंपियन विनेश फोगाट और भारतीय हॉकी टीम की कप्तान रानी.
इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भारतीय खेल जगत की लीजेंड एथलीट पीटी ऊषा और पैराबैडमिंटन चैंपियन मानसी जोशी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर, 2020 भारत की असाधारण महिला खिलाड़ी को दिया जाएगा. इसके अलावा पैरा एथलीट सहित सभी खेल वर्गों को मिलाकर एक उभरती प्रतिभा को भी सम्मानित किया जाएगा.
इस वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न भाषाओं के खेल पत्रकार शामिल हुए. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डिजिटल स्पेस में भारतीय महिला खिलाड़ियों के एक्सपोज़र के बारे में मानसी जोशी ने कहा, "इंटरनेट पर महिला खिलाड़ियों के बारे में बहुत कम लिखा गया है. इसमें भारतीय महिला खिलाड़ियों का हिस्सा और भी कमतर है. इस अंतर को पाटने के लिए हमें नागरिक के रूप में भी महिला एथलीटों, उनके संघर्षों और उनकी उपलब्धियों की बात ज़्यादा करनी चाहिए."
उन्होंने यह भी कहा, "बीबीसी की इस पहल से महिला खिलाड़ियों के बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ रही है. इससे निश्चित तौर पर लोग मेरे खेल यानी पैरा बैडमिंटन के बारे में जानने को उत्सुक होंगे."
पिछले कुछ सालों में खेल की दुनिया में क्या कुछ बदला है, इस बारे में पीटी ऊषा ने बताया, "जब मैं एथलीट थी तब बहुत सुविधाएं नहीं थीं. विदेशी एक्सपोजर नहीं होने के चलते मैं मेडल जीतने से चूक गई थी. अब स्थिति सुधर रही है. अब विदेशी कोच हमारे एथलीटों को ट्रेनिंग दे रहे हैं. अब उन्हें अच्छी सुविधाएं मिल रही हैं लेकिन इस पर अभी भी काम करने की जरूरत है. मेरे ख़याल से हर छोटे स्कूल में कम से कम एक रनिंग ट्रैक और एक छोटा-सा मैदान होना चाहिए."
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल एक पत्रकार ने यह पूछा कि क्या खेलों में महिला एथलीटों के लिए कोई एक्सपायरी डेट भी होती है? इस सवाल को पूछने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि शादी के बाद लड़की के जीवन में काफ़ी बदलाव आता है और उसे खेल के साथ साथ निजी जीवन में तालमेल बिठाना होता है.
इसके जवाब में पीटी ऊषा ने अपना उदाहरण दिया और कहा, "मुझे नहीं लगता कि महिला खिलाड़ियों के लिए कोई एक्सपायरी डेट होती है. मैंने अपना करियर 1976-77 से शुरू किया था. 1990 तक मैं एथलीट के तौर पर सक्रिय थी. इस दौरान मैंने 102 इंटरनेशनल मेडल हासिल किए. इसके बाद मैंने अपना स्पोर्ट्स स्कूल खोला."
"अब तक मैंने सात इंटरनेशनल एथलीट तैयार किए हैं जिन्होंने 76 से ज़्यादा इंटरनेशनल मेडल हासिल किए हैं. मेरे दो छात्र ओलंपिक में हिस्सा ले चुके हैं. मेरी शादी 1980 में हुई थी. मेरे पति, मेरा मां और मेरा बेटा साथ रहते हैं. मैंने परिवार और करियर दोनों संभाला. वास्तव में मुझे लगता है कि शादी के बाद भी खिलाड़ी के तौर पर अपना करियर जारी रखना चाहे तो उसे परिवार के समर्थन की जरूरत होती है."
BBC ISWOTY अवार्ड के विनर का फ़ैसला, बीबीसी की भारतीय भाषाओं के प्लेटफॉर्म पर ऑडिएंस के ऑनलाइन वोटों से होगा.
इसके अलावा बीबीसी एक उभरते खिलाड़ी को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवार्ड और भारतीय खेलों में योगदान के लिए एक लीजेंड को लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित करेगी.
ऑडिएंस 24 फरवरी, बुधवार भारतीय समयानुसार रात 11.30 बजे तक ऑनलाइन वोटिंग कर सकेंगे. इन वोटों के आधार पर अवार्ड के विनर का फ़ैसला आठ मार्च को दिल्ली में एक वर्चुअल समारोह में होगा.
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