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हरमनप्रीत कौर के पिता ने कहा- बेटी ने लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था
आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में भारतीय टीम की शानदार जीत की बुनियाद हरमनप्रीत कौर ने रखी.
टीम की जीत और हरमनप्रीत के शानदार प्रदर्शन पर उनके पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर ने खुशी जाहिर की.
पंजाब के मोगा में पैदा हुई हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ धमाकेदार पारी 171 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर खेलप्रेमियों का दिल जीत लिया.
बीबीसी से बातचीत में हरमनप्रीत के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था.
उन्होंने कहा, "वह मेरे साथ ग्राउंड जाती थी खेलने के लिए. वहां कोई लड़की नहीं आती थी. वह लड़कों के साथ खेलती थी.'
हरमनप्रीत कौर के पिता ने बेटी के प्रदर्शन पर कहा, "देख के बहुत अच्छा लगा. परमात्मा से दुआ करूंगा कि वह आगे भी नाम रोशन करती रहे."
2009 में पहला वनडे
ऑस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम के ख़िलाफ खेलते हुए हरमनप्रीत ने महज 115 गेंदों पर नाबाद 171 रनों की पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 20 चौके और 7 छक्के भी जड़े.
हरमनप्रीत ने 12 चौके और दो छक्के की मदद से 90 गेंदों में शतक लगाया. यह उनका तीसरा एक दिवसीय शतक है. इसके साथ ही यह महिला एक दिवसीय क्रिकेट का पांचवा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है.
हरमनप्रीत कौर ने अपना पहला वनडे 2009 में खेला. 2013 में इंग्लैंड के ख़िलाफ वर्ल्ड कप मैच में शतक जड़ अपनी काबिलियत दिखाई थी.
इसके पहले सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया का मुक़ाबला न्यूजीलैंड से था। इस मैच में भी हरमनप्रीत ने 60 रन की शानदार पारी खेली थी.
फ़ाइनल
सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में सबकी नज़रें हरमनप्रीत की बल्लेबाजी पर टिकी थीं. सबको उनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी.
फ़ाइनल में अब भारत का मुक़ाबला रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड से होगा. महिला क्रिकेट के विश्वकप के फ़ाइनल में भारत दूसरी बार पहुंचा है.
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