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आदिपुरुष के रावण को लेकर क्यों नाराज़ हैं बीजेपी और हिंदू महासभा
ओम राउत निर्देशित फ़िल्म 'आदिपुरुष' अपने टीज़र रिलीज़ होने के साथ ही सोशल मीडिया यूज़र्स के ग़ुस्से का शिकार हो गई है. इस फ़िल्म में और सैफ़ अली रावण, प्रभास राम और कृति सैनन सीता की भूमिका में हैं.
फ़ेसबुक से लेकर ट्विटर और यूट्यूब पर सोशल मीडिया यूज़र्स इस फ़िल्म में दिखाए गए रावण के लुक की निंदा कर रहे हैं.
इनमें बीजेपी और हिंदू महासभा से जुड़े नेता भी शामिल हैं.
फ़िल्म में रावण का किरदार सैफ़ अली ख़ान निभा रहे हैं, जिन्हें क्रोधित और काले रंग की पोशाक में दिखा गया गया है.
टीज़र के एक दृश्य में वह ड्रैगन जैसे किसी विशालकाय जीव की सवारी करते दिख रहे हैं.
इसके साथ ही रावण की नगरी 'लंका' को भी अंधेरे और भयाक्रांत करने वाली जगह का लुक दिया गया है, जिस पर लोग आपत्ति दर्ज करा रहे हैं. पौराणिक कथाओं में 'लंका' को सोने की नगरी के रूप में बताया गया है.
फ़िल्म आदिपुरुष पर एक नज़र
- आदिपुरुष को फ़िल्म तानाजी के निर्देशक ओम राउत ने निर्देशित किया है
- यह फ़िल्म अगले साल 12 जनवरी को रिलीज़ होगी
- इस फ़िल्म में प्रभास राम, सैफ़ अली ख़ान रावण और कृति सैनन सीता की भूमिका में हैं
- दक्षिणपंथी रावण के किरदार को लेकर नाराज़ हैं
बीजेपी और विहिप ने किया विरोध
विश्व हिंदू परिषद की नेता डॉ प्राची साध्वी ने इस फ़िल्म के टीज़र में दिखाए गए रावण के लुक की निंदा की है.
बीजेपी प्रवक्ता अजय सेहरावत ने भी ट्विटर पर रावण के लुक की तुलना ऐतिहासिक किरदार अलाउद्दीन खिलजी से करते हुए सवाल उठाया है.
इसके साथ ही कुछ अन्य लोगों ने भी रावण के लुक पर सवाल उठाए हैं.
ट्विटर यूज़र गायत्री लिखती हैं कि 'रावण एक ब्राह्मण था, ज्ञानी था, जिसने शिव तांडव की रचना की है. उन्हें वेदों एवं ज्योतिष का ज्ञान था. सैफ़ अली ख़ान की ये तस्वीर रावण के किरदार के बिल्कुल भी क़रीब नहीं है. उस दौर का दक्षिण भारतीय ब्राह्मण अपने माथे पर चंदन लगाता...ये तैमूर की तस्वीर है.'
हिंदू महासभा के अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने ट्विटर पर लिखा है, 'भगवान शिव के अनन्य भक्त लंकापति रावण की भूमिका में दक्षिण भारत की फ़िल्म आदिपुरुष में सैफ़ अली ख़ान का चित्रण ऐसे किया गया है, जैसे इस्लामिक खिलजी या चंगेज खान या औरंगज़ेब है. माथे पर ना ही तिलक है ना ही त्रिपुंड, हमारे पौराणिक चरित्रों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं.'
आख़िर क्यों नाराज़ हैं लोग?
हिंदू धर्म की पौराणिक कहानियों पर किताबें लिखने वाले देवदत्त पटनायक ने इस विवाद की वजह का ज़िक्र किया है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ''अगर आप रावण को 'दुष्ट' और 'बुरा' या मुगल के रूप में दिखाएंगे तो ब्राह्मण नाराज़ होंगे.'
पौराणिक रूप से रावण को एक शिव भक्त, ज्ञानी एवं वेदों के ज्ञाता ब्राह्मण के रूप में दिखाया गया है.
तुलसीदास की 'रामचरित मानस' के मुताबिक़, रावण की मृत्यु से ठीक पहले राम अपने भाई लक्ष्मण को भी उनसे ज्ञान लेने के लिए भेजते हैं.
राम की रावण पर विजय को सत्य की असत्य पर विजय के रूप में देखा जाता है. इसी वजह से दशहरे के मौक़े पर भारत में कई जगहों पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है.
ट्विटर यूज़र सुमित इसी ओर ध्यान खींचते हुए लिखते हैं, 'कैसा दिन आ गया है, सिर्फ़ बेवकूफ़ बॉलीवुड की वजह से हमें दशहरे पर रावण का बचाव करना पड़ रहा है.'
बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने इस फ़िल्म में पौराणिक देवता हनुमान के लुक का विरोध करते हुए कहा है -
'इस टीज़र में आपत्तिजनक दृश्य हैं. हनुमान जी को चमड़े के बने हुए कपड़े पहने हुए दिखाया गया है. इस तरह के दृश्य धार्मिक भावनाएं आहत करते हैं.
मैं ओम राउत को पत्र लिखकर इस तरह के सीन हटाने के लिए कह रहा हूँ. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो हम कानूनी कार्रवाई के बारे में सोचेंगे.'
फ़िल्म के वीएफ़एक्स पर भी विवाद
फ़िल्म का वीएफ़एक्स भी सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बना हुआ है.
लोग इस फ़िल्म के वीएफ़एक्स की तुलना साल 2001 में रिलीज़ हुई फ़िल्मों से भी ख़राब बता रहे हैं.
कुछ लोग इसकी तुलना साल 2011 की फ़िल्म रा वन से भी कर रहे हैं.
फ़िल्म के निर्देशक ओम रावत ने अपने ट्वीट में अजय देवगन के वीएफ़एक्स स्टूडियो 'एनवाई वीएफ़एक्स वाला' के सह-संस्थापक प्रसाद सूतर को टैग किया है.
सूतर भी पिछले कुछ दिनों से आदिपुरुष से जुड़े ट्वीट्स को रीट्वीट कर रहे थे.
लेकिन आदिपुरुष के वीएफ़एक्स की आलोचना होने के बाद 'एनवाई वीएफ़एक्स वाला' ने कहा है कि उसने इस फ़िल्म पर काम नहीं किया है.
फ़िल्म समीक्षक तरन आदर्श ने ट्वीट करके ये स्पष्टीकरण साझा किया है.
इसमें लिखा है, ''वीएफ़एक्स स्टूडियो एनवाई वीएफ़एक्सवाला ने स्पष्टीकरण दिया है कि उसने आदिपुरुष के सीजी और स्पेशल इफ़ेक्ट पर काम नहीं किया है और न ही कर रहा है. उनकी ओर से जारी नोट में बताया गया है कि हम ये बात इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हमसे कई मीडियाकर्मियों ने ये सवाल पूछा है.'
इस स्टूडियो ने पद्मावत, बाहुबली 2, शिवाय, दंगल और ताना जी जैसी फ़िल्मों के लिए वीएफ़एक्स तैयार किए हैं.
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