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अभिनेता सिद्धार्थ की माफी, साइना नेहवाल ने दी नसीहत-महिला को नहीं करना चाहिए टारगेट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मुद्दे को लेकर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल पर अभिनेता सिद्धार्थ के कमेंट को लेकर शुरु हुआ विवाद सुझलने के आसार दिख रहे हैं.
सिद्धार्थ इस मामले में माफी मांग चुके हैं और इसे लेकर साइना नेहवाल ने खुशी जाहिर की है.
साइना नेहवाल ने कहा है कि सिद्धार्थ के माफी मांगने से वो ख़ुश हैं.
साइना ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पहले उन्होंने मेरे बारे में कुछ कहा और फिर माफ़ी मांग ली. मुझे नहीं पता कि ये मामला वायरल क्यों हुआ. ख़ुद को ट्विटर पर ट्रेंड करता देख मैं हैरान थी."
साइना ने कहा, "आपको किसी महिला को इस तरह टारगेट नहीं करना चाहिए. मुझे इससे फ़र्क नहीं पड़ता. ईश्वर उनकी मदद करें."
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब, साइना नेहवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले के साथ पंजाब में हुई सुरक्षा चूक को लेकर चिंता जाहिर की थी और एक्टर सिद्धार्थ ने उस पर जो कहा, उसे लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. महिला आयोग ने अभिनेता के ख़िलाफ़ केस दर्ज करने का आदेश दिया.
साइना नेहवाल ने ट्विटर पर कहा था, "कोई भी देश अपने सुरक्षित होने का दावा नहीं कर सकता है अगर उसके अपने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हो जाए. अराजकतावादियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कायराना हमले की मैं कड़े से कड़े शब्दों में इसकी निंदा करती हूं."
बता दें कि साइना नेहवाल साल 2020 की जनवरी में भारतीय जनता पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल हो गई थीं.
साइना नेहवाल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए एक्टर सिद्धार्थ ने कहा, "सटल कॉक (SUBTLE COCK) चैम्पियन ऑफ़ द वर्ल्ड... शुक्र है कि हमारे पास भारत के संरक्षक हैं. करबद्ध प्रार्थना. रिहाना शर्म करो."
अंग्रेज़ी शब्द SUBTLE के साथ कॉक के इस्तेमाल करने से कई लोगों ने सिद्धार्थ के ट्वीट पर आपत्ति जताई और इसके द्विअर्थी होने की बात कही.
इसके अलावा सिद्धार्थ के ट्वीट में रिहाना के जिक्र को समझा जा सकता है.
पिछले साल फरवरी में जानी मानी अंतरराष्ट्रीय गायिका रिहाना ने भारत के किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए एक ट्वीट किया था जिसके बाद भारत की तरफ़ से कई सेलीब्रेटीज़ ने सरकार का पक्ष लेते हुए ट्विटर के प्लेटफॉर्म पर उन पर भारत के मामलों में दखल देने का इलज़ाम लगाया था.
लेकिन सिद्धार्थ के ट्वीट में साल भर बाद रिहाना के जिक्र को एक तरफ़ रख दें तो राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा को उनका कमेंट ख़ास पसंद नहीं आया.
उन्होंने कहा, "इस आदमी को एक-दो सबक सीखने की ज़रूरत है. ट्विटर इस शख़्स का एकाउंट अभी भी क्यों बना हुआ है?...संबंधित पुलिस विभाग के पास इस मामले को उठाया जा रहा है."
हालांकि सिद्धार्थ ने अपने बयान पर सफ़ाई दी है और ये कहा है कि उनके कहने का वो मतलब नहीं है जो निकाला जा रहा है.
अपनी सफ़ाई में एक्टर सिद्धार्थ ने कहा, "कॉक एंड बुल (अंग्रेज़ी कहावत जिसका अर्थ है मनगढ़ंत कहानी). यही संदर्भ है. किसी और तरह से इसे पढ़ना ग़ैरवाजिब और भ्रामक है. किसी का अनादर करने का कोई मक़सद नहीं था. न तो ये कहा गया और न ही ये भावना थी. विराम."
सिद्धार्थ के ट्वीट के बाद साइना नेहवाल ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी.
उन्होंने इंडिया टुडे से बात करते हुए एक्टर सिद्धार्थ के ट्वीट पर कहा, "मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकती कि उनके कहने का क्या मतलब था... मैं उन्हें एक एक्टर के तौर पर पसंद करती थी लेकिन उन्होंने जो कहा, वो ठीक नहीं लगा. वे और बेहतर शब्दों के साथ अपनी बात रख सकते थे लेकिन मुझे लगता है कि ट्विटर के प्लेटफॉर्म पर आपने ऐसी टिप्पणियों और शब्दों का इस्तेमाल करने पर उनकी नज़र में आ जाते हैं. अगर बात भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का है तो इस देश में क्या सुरक्षित है?"
रेखा शर्मा के ट्वीट के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस मामले पर बयान आ गया.
बयान में कहा गया, "राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है. महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को इस मामले में एफ़आईआर दर्ज करने और जांच करने के लिए लिखा है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने ट्विटर इंडिया को भी एक्टर सिद्धार्थ के एकाउंट को ब्लॉक करने और ऐसे कमेंट पोस्ट करने के लिए उनके ख़िलाफ़ ज़ूरूरी कदम उठाने को कहा है.
हालांकि ट्विटर पर कुछ लोगों ने इसे बीजेपी का टूलकिट बताया है और कहा कि साइना नेहवाल उस पर बस अमल कर रही थीं.
फ़िल्ममेकर राकेश शर्मा ने साइना नेहवाल को जवाब देते हुए कहा, "एक बार फिर व्हॉट्सऐप कट-पेस्ट टूलकिट काम कर गया? किसी ने उन पर हमला नहीं किया था. कुछ ओर पोस्ट करने से पहले एक बार वीडियो देख लें. वहां नारेबाज़ी कर रही भीड़ के हाथों में भारतीय जनता पार्टी के झंडे थे जो उनके समर्थक थे. सुश्री नेहवाल आपको एक अंध समर्थक में बदलते हुए देखकर दुख हो रहा है."
इस बीच सोशल मीडिया पर साइना नेहवाल की तरफ़ से कई लोग अपनी बात रख रहे थे.
आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के सदगुरु ने कहा कि साइना नेहवाल देश की गौरव हैं. ये टिप्पणी अभद्र है. हम सार्वजनिक बहस को किस दिशा में ले जा रहे हैं.
विवेक ने लिखा है, "अगर किसी स्पोर्ट्स पर्सन और सिने एक्टर के बीच किसी को चुनना हुआ तो मैं स्पोर्ट्स पर्सन को चुनूंगा. साइना नेहवाल एक अचीवर है और लाखों भारतीयों की प्रेरणास्रोत."
अभिजीत राव लिखा है, "उम्मीद है कि ट्विटर इंडिया और पराग अग्रवाल एक्टर सिद्धार्थ के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेंगे. इस तरह के लोगों को ट्विटर के प्लेटफॉर्म से हटाने का समय आ गया है."
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