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शशि थरूर 'मलयाली तालिबान' ट्वीट पर क्यों घिरे?
अक्सर अंग्रेज़ी भाषा की वजह से चर्चा में रहने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस बार मलयालम भाषा की वजह से चर्चा में हैं.
तिरुअनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने 17 अगस्त को एक ट्वीट किया था. इस ट्वीट में दिख रहे वीडियो में एक तालिबान लड़ाका सड़क पर बंदूक के साथ भावुक दिख रहा है.
कैप्शन में दावा किया गया- काबुल के बाहर पहुँचने के बाद तालिबान लड़ाके ख़ुशी के आँसू रो रहे हैं.
इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए शशि थरूर लिखते हैं, ''ऐसा लगता है कि यहाँ कम से कम दो मलयाली तालिबान हैं. 8वें सेकेंड पर एक कहता है- Samsarikkette और दूसरा जो उसे समझ रहा है.''
Samsarikkette शब्द का अर्थ होता है- उसे बोलने दो. अपने इस ट्वीट में तालिबान को मलयाली भाषा बोले जाने वाले राज्य केरल से जोड़ने को लेकर थरूर की आलोचना हो रही है.
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे बयान ग़लत हैं.
शशि थरूर का स्पष्टीकरण
इस ट्वीट पर घिरने के बाद शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रियाएँ भी ट्विटर पर दी हैं.
थरूर के ट्वीट पर पत्रकार कोराह अब्राहम ने जवाब दिया, ''ऐसे वक़्त में जब जिहादी संगठनों से जुड़ने के मुद्दे पर दक्षिणपंथी केरल के लोगों के ख़िलाफ़ नफरत भरा अभियान चला रहे हैं तब ऐसे बयान दिए जा रहे हैं. ये बहुत दिक़्क़्त वाली बात है. केरल के सांसद होने के नाते आप ये ज़्यादा बेहतर जानते हैं.''
इस पर थरूर ने जवाब दिया, ''मेरे पास केरल से ऐसी कई माएँ आईं, जिनकी बेटियाँ गुमराह किए गए पति के कारण अफ़ग़ानिस्तान में फँसी थीं. मैंने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी से उनकी मुलाक़ातें करवाई. ज़ाहिर है कि मैं सांसद हूँ तो मैं ये जानता हूँ.''
इस पर थरूर को अब्राहम जवाब देते हैं, ''मैं आपका मतलब समझ रहा हूँ. ये बिलकुल चिंता का विषय है लेकिन एक सांसद सिर्फ़ शक के आधार पर ऐसे ट्वीट करता है तो ये पहले से लगी आग में घी का काम कर सकता है.''
कुछ दूसरे लोगों ने भी शशि थरूर से जवाब देते हुए कहा कि क्या आप इस बात पर गर्व कर रहे हैं?
वहीं कुछ लोगों ने ये भी लिखा, ''जब आईएसआईएस में जा सकते हैं तो तालिबान क्यों नहीं जा सकते?''
हालाँकि जिस ट्वीट को थरूर ने री-ट्वीट किया था, उस ट्वीट को करने वाले रमीज़ ने भी थरूर के किए ट्वीट को ग़लत बताया.
थरूर ने इस आपत्ति पर कहा कि ये भाषा के जानकार तय करेंगे.
जानकार क्या बोले?
ट्विटर पर मलयालम भाषा के लेखक एनएस माधवन ने कहा, ''ये वीडियो कई बार सुना. इस आदमी ने Samsarikkatte नहीं कहा. शायद ये ज़मज़म कह रहा है जिसका अरबी में मतलब होता है- पवित्र जल. या शायद तमिल में सामसारम यानी पत्नी कह रहा है. या शायद वो अपनी भाषा में कुछ कह रहा है. अगर पत्नी शब्द सांसद को परेशान कर रहा है तो इसमें मलयाली लोगों को क्यों घसीट रहे हैं?''
थरूर इस ट्वीट पर घिरने के बाद कुछ और ट्वीट भी करते हैं.
इनमें से एक ट्वीट में थरूर एक ऐसी ख़बर को शेयर करते हैं, जिसमें ये दावा किया गया, ''काबुल पर क़ब्ज़े के बाद तालिबान ने जेल से क़ैदी रिहा किए और इन क़ैदियों में से 8 क़ैदी केरल से थे जो तालिबान से जुड़ने के लिए अफ़ग़ानिस्तान गए थे.''
बीबीसी थरूर की ओर से शेयर की गई ख़बर की पुष्टि नहीं करता है.
इस ख़बर को शेयर करते हुए थरूर लिखते हैं, ''तालिबान में मलयाली लोगों के शामिल होने से जुड़े मेरे ट्वीट की जो लोग निंदा कर रहे थे, मुझे यकीन है कि वो अब उन लोगों पर ज़रूर गौर करेंगे जो अफ़ग़ानिस्तान की जेलों से रिहा किए गए.''
कॉपी - विकास त्रिवेदी
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