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'युवराज सिंह माफ़ी मांगो' ट्विटर पर क्यों ट्रेंड हुआ
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह क्रिकेट मैदान से दूर होने के बाद सोशल मीडिया पर ख़ासे सक्रिय हैं.
लॉकडाउन के दौरान वो लगातार साथी खिलाड़ियों के साथ लाइव आ रहे हैं और कई मुद्दों पर खुलकर बात कर रहे हैं.
लेकिन सोमवार रात से ट्विटर पर युवराज सिंह से माफ़ी मांगने को कहा जा रहा है. शेयर किए जा रहे लाइव चैट के एक वीडियो में युवराज एक जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं, जिसके बाद से लोग उनसे बेहद नाराज़ हैं.
दरअसल, युवराज सिंह टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा के साथ इंस्टाग्राम पर लाइव चैट कर रहे थे तभी उन्होंने एक जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया इसके बाद से ही टि्वटर पर #युवराज_सिंह_माफी_मांगो ट्रेंड करने लगा.
हालाँकि ये दिलचस्प है कि जिस लाइव चैट पर विवाद हो रहा है, वो अप्रैल महीने में हुई थी. इस चैट के दौरान भारतीय टीम के स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल भी कमेंट कर रहे थे, जिसके बाद युवराज और रोहित ने चहल के टिकटॉक वीडियो पर उनकी खिंचाई की थी.
युवराज सिंह की टिप्पणी
इसी चैट के दौरान युवराज सिंह ने एक जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर फैंस ने आपत्ति जताई है और अब वो उनके माफ़ी मांगने को कह रहे हैं.
एक यूजर सत्य प्रकाश ने ट्वीट किया, "युवी सर, आपको नहीं लगता कि युजवेंद्र चहल भी भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं. आपको कोई हक नहीं है कि उनके ख़िलाफ़ इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करें. आपको माफ़ी मांगनी होगी."
एक और यूजर ने ट्वीट किया, "युवराज सिंह ने जो कहा है वो संविधान के ख़िलाफ़ है और अनुच्छेद 15 का उल्लंघन है."
@MonuBharati2 ने लिखा, "युवराज सिंह की टिप्पणी देखने के बाद मुझे काफी बुरा लग रहा है. उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए. इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वो कौन है, क़ानून सभी के लिए एक समान होना चाहिए. किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं है."
रवि रतन ने ट्वीट किया, "युवराज सिंह, क्या यही आपकी परवरिश है कि आप जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करते हैं और उस पर हंसते हैं? क्या होगा अगर आपके बच्चे भी यही सीखेंगे. और रोहित शर्मा जब युवराज ये कह रहे थे तो आप हंस रहे थे? आप दोनों को शर्म आनी चाहिए."
हरीश पिहल ने लिखा, "युवराज सिंह अच्छे इंसान बनो, सामने आओ और अपनी ग़लती की माफ़ी मांगो."
मनीषा शुक्ला ने लिखा, "अगर युवराज ने जानबूझकर ऐसा कहा है तो मैं इसकी निंदा करती हूं, लेकिन अगर दोस्ती में तो अलग बात है. लेकिन फिर भी टिक टॉक, यू-ट्यूब या किसी दूसरे सोशल मीडिया पर इस तरह का शब्द इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.
"वीरेंद्र कुमार ने ट्वीट किया, "कोई भी सभ्य समाज इसकी इजाज़त नहीं देता, वाल्मीकि समाज का मज़ाक है. युवराज सिंह को माफ़ी मांगनी चाहिए"
हालाँकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका कहना है कि युवराज ने मज़ाक में ऐसा कहा था, इसलिए इस पर बवाल नहीं मचाया जाना चाहिए.एक यूजर प्रताप सिंह ने ट्वीट किया, "क्या हम लोग दोस्तों के साथ बातचीत में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन हमारा मतलब वो नहीं होता, जो हम कहते हैं. मुझे लगता है ये युवराज और युजवेंद्र के बीच की बात है."
सोशल मीडिया पर मचे इस बवाल के बीच अभी तक युवराज, रोहित और युजवेंद्र चहल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
युवराज सिंह इससे पहले पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी की मदद करने के लिए सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए थे. इसके बाद युवराज सिंह ने कहा था कि उन्होंने मानवता के नाते शाहिद अफरीदी के पक्ष में अपील की थी, लेकिन फिर कभी ऐसा नहीं करेंगे.
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