कोरोना: अरामको में इंसान को बनाया हैंड सैनिटाइज़र, क्यों हुई आलोचना? #SOCIAL

  • सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के मुख्यालय में एक शख्स ह्यूमन सैनिटाइज़र डिस्पेंसर पहना नज़र आया
  • सोशल मीडिया पर तस्वीर हुई वायरल
  • तस्वीर में दिखा शख्स दक्षिण एशिया का बताया जा रहा है
  • लोगों ने कहा- सऊदी अरब समेत खाड़ी के कई देशों में दक्षिण एशियाइयों के साथ नस्लभेद आम बात
  • बाद में कंपनी ने ट्विटर पर मांगी माफ़ी और कहा कि दोबारा ऐसा नहीं होगा

सऊदी अरब में भी दुनिया के दूसरे देशों की तरह कोरोना वायरस का ख़ौफ़ है और लोग सतर्क हैं.

लेकिन सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको को उस वक्त आलोचना का सामना करना पड़ा, जब सोशल मीडिया पर उसके मुख्यालय में एक व्यक्ति को ह्यूमन सैनिटाइज़र डिस्पेंसर पहना दिया गया.

तस्वीरों में दिख रहा है कि मास्क पहना ये व्यक्ति लॉबी और बिल्डिंग के बाहर खड़े लोगों के पास जाता है. इस पर 'हैंड सैनिटाइज़र' लिखा हुआ है और वो लोगों के पास खड़ा दिखाई देता है.

सोशल मीडिया पर चर्चा थी कि सऊदी अरब में आप्रवासी कामगारों के साथ ऐसा ही सलूक किया जाता है. सोशल मीडिया पर देखते ही देखते ये तस्वीरें वायरल हो गई. सऊदी अरब के एक व्यक्ति ने तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, "गल्फ़ क्लासिज़्म: अरामको की तरफ़ से एक तोहफ़ा"

इसके बाद लोगों ने विदेशी कामगारों के साथ ऐसे सलूक के लिए अरामको की तीखी आलोचना की.

@NaserMestarihi हैंडल से ट्वीट किया गया, "गुलामी यहाँ से कभी नहीं गई. बस इसका रूप बदल गया है."

डॉक्टर अब्बास कदीम ने ट्वीट किया, "सऊदी की कंपनी अरामको का हैंड सैनिटाइज़र का मतलब है- एक ग़रीब देश का एक विदेशी कामगार. कंपनी ने हालांकि भारी आलोचना के बाद माफ़ी मांग ली ही, कुछ खाड़ी देशों में विदेशी कामगारों के साथ गलत व्यवहार लगातार बढ़ता जा रहा है."

तारेक फ़तह ने भी इस ख़बर को ट्वीट किया है.

उन्होंने लिखा, "सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको में मानवीय मर्यादा का घोर अपमान. तस्वीर दिखाती है कि एक भारतीय कर्मचारी अरामको के अमरीकी अधिकारी के लिए मोबाइल हैंड सैनिटाइज़र डिस्पेंसर पहने हुए है."

कई लोगों ने इसे मानवता के प्रति बेहद ख़राब व्यवहार बताया तो कुछ ने इसे नस्लभेद, शर्मनाक बताया.

@PKRIndoAmerican हैंडल से लिखा गया, "अगर भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होती तो ये ग़रीब लोग सऊदी अरब नहीं जाते और उनके हैंड सैनिटाइज़र नहीं बनते"

भारी आलोचना के बाद अरामको ने ट्वीट किया, "सोशल मीडिया पर हमारे एक कर्मचारी की हैंड सैनिटाइज़र पहने हुए जो तस्वीरें सर्कुलेट हो रही हैं, कंपनी इसे बिल्कुल गलत ठहराती है. हम यहाँ यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ये कंपनी की सहमति के बगैर किया गया है."

अरामको ने एक और ट्वीट किया, "कंपनी ने इसे तुरंत रोक दिया है और भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए कदम उठाए गए हैं. कंपनी अपने कर्मचारियों की गरिमा और प्रतिष्ठा पर कोई समझौता नहीं करती है."

मोहम्मद अल क़ादी ने एक कार्टून ट्वीट करते हुए अरामको के लिए लिखा, "इसे रोकना ही काफी नहीं है, जो लोग इस अमानवीय कृत्य के पीछे थे, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए. साथ ही हैंड सैनिटाइज़र पहने शख्स से भी कंपनी को माफी मांगनी चाहिए."

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