CAA पर समर्थन के लिए बीजेपी का मिस्ड कॉल कैंपेन, नंबर पर उठे सवाल

देश में कितने लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 का समर्थन करते हैं, इस संख्या को दर्शाने के मक़सद से भारतीय जनता पार्टी ने दो दिन पहले एक मोबाइल नंबर जारी किया था.

पार्टी की ओर से दावा किया गया था कि इस फ़ोन नंबर पर मिस्ड कॉल करके कोई भी नए नागरिकता क़ानून को लेकर मोदी सरकार के फ़ैसले पर अपना समर्थन दे सकता है.

लेकिन सोशल मीडिया पर बहुत से लोग इस फ़ोन नंबर पर अधिक से अधिक मिस्ड कॉल करवाने के लिए तरह-तरह के दावे कर रहे हैं.

ट्विटर, फ़ेसबुक और वॉट्सऐप समेत सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर इस नंबर पर कॉल करने के बदले कई तरह की सुविधाएं प्राप्त होने का दावा किया जा रहा है.

लड़कियों के नाम से सोशल मीडिया पर कई फ़र्ज़ी अकाउंट हैं जिनसे बीजेपी का दिया मोबाइल नंबर पोस्ट किया गया है और लिखा है कि इन लड़कियों से बात करने के लिए इस नंबर पर कॉल करें.

2 जनवरी 2020 को भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस नंबर की घोषणा की थी.

#IndiaSupportsCAA के साथ पार्टी ने इस ट्वीट में लिखा था, "नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 को अपना समर्थन देने के लिए 8866288662 पर मिस्ड कॉल करें."

इसके बाद 3 जनवरी को भारत के गृह मंत्री और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान के जोधपुर में हुई एक सभा में पार्टी का संदेश दोहराया.

उन्होंने कहा, "मैं एक नंबर बोलूँगा, उस नंबर पर कॉल करिएगा, कोई चार्ज नहीं लगेगा और आपका समर्थन नरेंद्र मोदी के पास पहुँच जाएगा. मेरी आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि ये राहुल बाबा, ममता और केजरीवाल की जो पूरी टोली लगी है उसे जवाब देने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों को न्याय व अधिकार देने वाले CAA पर अपना समर्थन देने के लिए 8866288662 डायल करें और अपना समर्थन मोदी जी तक पहुँचाएं."

कई तरह के भ्रामक संदेश

सोशल मीडिया पर बहुत से लोग सवाल उठा रहे हैं कि गृह मंत्री अमित शाह ने इस नंबर का प्रचार करते हुए पार्टी का मक़सद तो बताया है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि जो डेटा वो जमा कर रहे हैं, उसकी मान्यता क्या होगी? वो भी तब जब इस नंबर पर ग़लत तरीक़े से मिस्ड कॉल पाने के लिए सोशल मीडिया यूज़र कई तरह के पैंतरे आज़मा रहे हैं.

बीते दो दिनों में पार्टी के अधिकांश बड़े नेता इस नंबर का अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट से प्रचार कर चुके हैं.

लेकिन इस नंबर का अब सोशल मीडिया पर मज़ाक उड़ाया जा रहा है और काफ़ी लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं.

नेटफ़्लिक्स इंडिया को भी इस नंबर के साथ शेयर हो रहे एक भ्रामक संदेश का खंडन करना पड़ा है.

मुरली कृष्ण नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा था कि 'छह महीने तक फ़्री नेटफ़्लिक्स देखने के लिए 8866288662 पर कॉल करें. यह ऑफ़र कॉल करने वाले पहले हज़ार लोगों के लिए ही है.'

इसके जवाब में नेटफ़्लिक्स इंडिया ने लिखा, "यह एकदम फ़र्ज़ी ख़बर है."

शनिवार को ही मध्य प्रदेश के एक स्थानीय कांग्रेस नेता देवाशीष जररिया ने भी नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में एक अलग मोबाइल नंबर जारी किया. यह नंबर शनिवार को ट्विटर के टॉप ट्रेंड्स में शामिल रहा.

उन्होंने भी बीजेपी की तर्ज़ पर लोगों से अपील की और #99535_88585_AgainstCAA के साथ लिखा, "आइये मिलकर विरोध दर्ज करवाएं. #IndiaAgainstCAA_NPR_NRC इस नंबर पर मिस कॉल करें और मोदी-शाह को बता दें कि देश का क्या मूड है."

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