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सोशलः मोदी के 'चौकीदार' बनते ही कोई 'बेरोजगार' तो कोई 'चौकीदार का मालिक' बना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले अपना ट्विटर अकाउंट का नाम बदलकर चौकीदार नरेंद्र मोदी कर लिया.
आगामी लोकसभा चुनाव के लिए यह भारतीय जनता पार्टी के अभियान का एक हिस्सा है. इस अभियान का नाम है 'मैं भी चौकीदार'.
प्रधानमंत्री के नाम के आगे चौकीदार जोड़ने के साथ ही मोदी कैबिनेट के लगभग हर एक मंत्री और भाजपा नेता ने अपने ट्विटर अकाउंट के आगे चौकीदार जोड़ दिया.
देखते ही देखते पूरी मोदी सरकार चौकीदार नाम से भर गई, तमाम भाजपा समर्थक भी अपने नाम के आगे चौकीदार जोड़ते चले गए इसके अलावा हैशटैग #मैंभीचौकीदार लगातार ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा.
कई लोगों ने बदले अपने नाम
भाजपा के इस अभियान का जवाब देते हुए विपक्ष के कई नेताओं और सरकार की आलोचना करने वाले लोगों ने भी अपने ट्विटर अकाउंट का नाम बदलना शुरू कर दिया है.
ये नाम काफी रोचक और अलग-अलग तरीके से लिखे गए हैं.
पाटीदार नेता और हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हार्दिक पटेल ने अपने नाम के आगे बेरोजगार जोड़ दिया है.
उन्होंने ताज़ा ट्वीट किया है, '' गुजरात में भाजपा डर गई हैं. मेरे चुनाव लड़ने के फ़ैसले पर पिछले दस दिन से हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही हैं लेकिन सरकारी वक़ील तारीख़ पे तारीख़ ले रहे हैं. भाजपा के नेताओं पर पांच साल की सज़ा है फिर भी चुनाव लड़ सकते हैं और हमें चुनाव लड़ने से रोकने का हर संभव प्रयास भाजपा कर रही हैं.''
आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली से विधायक अलका लांबा ने अपने नाम के आगे 'मोदी राज में असुरक्षित भारत की बेटी' जोड़ लिया है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है कि अपने को चौकीदार बोलने और लिखने वाले अपनी आयकर रिटर्न की कॉफी भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करें.
इसी तरह कांग्रेस की नेता पंखुड़ी पाठक ने भी अपने नाम के आगे असुरक्षित बेटी लिखा है. अब ट्विटर पर उनका नाम हो गया है 'असुरक्षित बेटी-पंखुड़ी पाठक'.
उन्होंने ट्विटर पर इसका जवाब भी लिखा है, ''लोग सवाल करेंगे कि मैंने अपने नाम के आगे 'असुरक्षित बेटी' क्यूँ लिखा है. वजह इतनी सी है कि पिछले 5 सालों में भारत में महिलाओं पर अत्याचार लगातार बढ़ा है. मैं हमेशा ख़ुद को सुरक्षित समझती थी लेकिन कुछ महीने पहले सत्ताधारी गुंडों द्वारा जानलेवा हमले ने मेरी भी सोच बदल दी.''
आम आदमी पार्टी का सोशल मीडिया संभालने वाले अंकित लाल ने भी ट्विटर पर अपना नाम बदल दिया है. उन्होंने अब अपना नाम 'चौकीदार का मालिक़' लिख दिया है. उन्होंने चौकीदार शब्द और प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कई ट्वीट्स को रीट्वीट किया है.
एक ट्विटर यूज़र कुंदन कुमार यादव ने अपने नाम के आगे थानेदार जोड़ा है. कुंदन कुमार यादव ने अपने के साथ आरजेडी भी लिखा है. इससे उनके राजनीतिक झुकाव का अंदेशा भी लगता है. उन्होंने बीजेपी के विरोध वाले कई ट्वीट्स किए हैं.
राहुल गांधी के नारे की काट
भाजपा के 'मैं भी चौकीदार' अभियान को असल में राहुल गांधी के 'चौकीदार चोर है' नारे की काट के तौर पर देखा जा रहा है.
राहुल गांधी बीते कई महीनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रफ़ाल सौदे में हुई कथित गड़बड़ी में सीधे शामिल होने के आरोप लगाते रहे हैं.
अपने इन्हीं आरोपों को धार देने के लिए राहुल गांधी अपनी हर रैली या सभा में 'चौकीदार चोर है' का नारा दोहराते रहते हैं.
इससे पहले भाजपा लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र 'मोदी है तो मुमकिन है' नारा भी चला चुकी है. इससे जुड़े कई विज्ञापन सोशल मीडिया से लेकर टीवी पर लगातार प्रसारित हुए.
हालंकि इस नारे को उम्मीद के मुताबिक़ कामयाबी नहीं मिल सकी और इसीलिए भाजपा अब 'मैं भी चौकीदार' अभियान के साथ मैदान में उतरी है.
इस बीच 'मैं भी चौकीदार' अभियान पर विपक्ष की ओर से बढ़ते हमले के बीच बीजेपी ने इसे और आगे बढ़ाने की घोषणा की है.
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 31 मार्च को 500 जगहों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए अभियान का समर्थन देने वालों से संवाद करेंगे.
उन्होंने दावा किया कि 'मैं भी चौकीदार अभियान' एक जनआंदोलन बन गया है क्योंकि शुरू होते ही लाखों लोग इससे जुड़ गए.
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