You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
BUDGET 2019: भाषण के दौरान ग़लत कविता और 'वाह-वाह' से 'उड़ी बाबा' तक
2019 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार की ओर से पीयूष गोयल ने अंतिम और अंतरिम बजट पेश किया.
पहले जानते हैं बजट भाषण के दौरान ऐसे क्या वाक़ये हुए जिनकी चर्चा संसद में भी हुई और सोशल मीडिया पर भी रही. कुछ वाक़यों पर एक नज़र...
पीयूष गोयल की कविता?
भाषण के आख़िर में पीयूष गोयल ने एक कविता भी पढ़ी.
पीयूष गोयल ने कहा, ''एक मराठी भाषी कवि थे. उनकी कविता की दो पंक्तियां आपके समक्ष रखना चाहता हूं. ''एक पांव रखता हूं, हज़ार राहें फूट पड़ती हैं.''
पहला, पीयूष गोयल ने कविता पढ़ते हुए कवि का नाम नहीं बताया था, दूसरा कविता की जो दो लाइनें उन्होंने पढ़ीं वो भी ग़लत थीं.
गजानन माधव 'मुक्तिबोध' की कविता कुछ यूं थी,
''मुझे क़दम-क़दम पर
चौराहे मिलते हैं
बाँहे फैलाए!!
एक पैर रखता हूँ
कि सौ राहें फूटतीं
व मैं उन सब पर से गुज़रना चाहता हूँ
बहुत अच्छे लगते हैं
उनके तजुर्बे और अपने सपने...
सब सच्चे लगते हैं.''
यह भी पढ़ें:- आयकर छूट की सीमा पीयूष गोयल ने 5 लाख की
वाह...वाह...वाह
अगर आपने ये आम बजट सुना होगा तो याद कीजिए, बजट के दौरान लगातार वाह-वाह की आवाज़ें आ रही थीं. हालांकि ये सांसद कौन थे, ये साफ़ नहीं हो पाया है.
लेकिन कुछ लोग इसे पर चुटकी ले रहे हैं.
गणेश शंकर ने ट्विटर पर लिखा, "ये सांसद आख़िर कौन है जो लगातार वाह-वाह कहे जा रहा है."
@jpoomath लिखते हैं- कोई है जो पूरे बजट के दौरान वाह-वाह-वाह करता रहा.
राजकमल नाम के यूज़र ने लिखा, "पीयूष गोयल के बजट भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मेज़ थपथपाते रहे और वाह-वाह करते दिखे. इस बीच विपक्ष के हंगामे को बेअसर करने के लिए बीजेपी सांसदों ने विपक्ष की तरफ़ देखकर पूछा, 'हाउ इज़ द जोश?' बजट भाषण के दौरान ऐसा रोचक नज़ारा पहली बार देखने मिला."
डॉ पवन विजय ने ट्विटर पर लिखा, "ये वाह कौन चिल्ला रहा है. मज़ेदार है."
यह भी पढ़ें:- मिडिल क्लास, किसान और मजदूरों के लिए इस बजट में क्या है?
उड़ी फ़िल्म पर परेश रावल का जोश
पीयूष गोयल के बजट में फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी राहत मिली. बजट में मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया और शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस की बात कही गई.
पीयूष गोयल ने कहा, "हम सबको फ़िल्मों का बहुत शौक़ है. और ये भारत में और बाहर भी रोज़गार के कई अवसर प्रदान करते हैं. उन सबको रोज़गार के अवसर मिलेंगे. मैंने उड़ी फ़िल्म देखी है. थियेटर में काफी जोश था."
पीयूष गोयल जब ये बातें कह रहे थे, तब एक्टर सांसद परेश रावल पर भी कैमरा गया. वो हँसते हुए नज़र आए. परेश रावल के यूं मुस्कुराने की सोशल मीडिया पर चर्चा है.
लोकसभा टीवी के माइक से 'उड़ी बाबा' जैसी आवाज़ें भी सुनाई दीं. हालांकि ये साफ़ नहीं हो पाया कि ये किसने कहा था.
संतोष लिखते हैं, "उड़ी फ़िल्म को बजट में शामिल मत कीजिए."
तुषार धारा लिखते हैं, "पीयूष गोयल ने जब उड़ी फ़िल्म का ज़िक्र किया तो परेश रावल फ़ख़्र से भर गए और लगभग उछलने से लगे."
राहुल ने ट्वीट किया, "बजट में उड़ी फ़िल्म की बात हो रही है. पीयूष गोयल कह रहे हैं कि उन्हें फ़िल्म देखकर मज़ा आया. ये हो क्या रहा है?"
आम बजट पर क्या है आम राय?
कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट में कई बड़े ऐलान किए. इनमें आयकर सीमा को पांच लाख रुपये तक करना सबसे अहम रहा.
इस बजट को ज़्यादातर लोग चुनावी बजट कह रहे हैं. यही सवाल हमने कहासुनी के ज़रिए बीबीसी हिंदी के पाठकों से पूछा. इस सवाल पर हमें सैकड़ों प्रतिक्रियाएं मिलीं.
ज़्यादातर लोगों ने इस बजट को 100 में से 100 नंबर दिए. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने इस बजट को ज़ीरो दिया.
सौरभ चौहान ने लिखा, "प्रधानमंत्री किसान सम्मान के नाम पर किसानों को प्रति वर्ष 6000 रुपये देने की घोषणा की गई. यानी अगर 5 लोगों का परिवार है तो प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 3.33 रूपये. मोदी जी आप चाय पर चर्चा कराने में माहिर हैं. कम से कम चाय का तो दाम दे देते."
ललित राजेल लिखते हैं, "ये बजट नहीं चुनावी भाषण था. मिडिल क्लास और किसानों को लुभाने की कोशिश है. फिसकल डेफिसिट बढ़ेगा जो अर्थव्यवस्था के लिए घातक होगा. नौवजवान और बेरोज़गारों के लिए कुछ नहीं है. दस में से पाँच नंबर ही दिया जा सकता है."
देवेश देव ने लिखा, "शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए कुछ ख़ास नहीं है. साथ ही न्यूनतम मज़दूरी पर भी सरकार ने कुछ नहीं किया."
टैक्स मामलों के जानकार चार्टेड अकाउंटेंट डीके मिश्रा ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए इस बजट को 10 में से 9 नंबर दिए.
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट किया, "देश के संसाधनों पर ग़रीबों का पहला हक़ है. कांग्रेस के इस ऐलान की नक़ल करने के लिए शुक्रिया अंतरिम वित्त मंत्री."
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "ये बजट चुनाव मेनिफ़ेस्टो है और चुनाव से पहले भाजपा वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रही है"
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ट्विटर पर लिखते हैं, "गौ माता का सनातन संस्कृति और भारतवर्ष से अटूट रिश्ता है. मोदी सरकार की ओर से 750 करोड़ रुपये से इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए 'राष्ट्रीय कामधेनु आयोग' एक अभूतपूर्व क़दम है."
अमरीका में इलाज करवा रहे अरुण जेटली ने ट्वीट किया, "साल 2014 से लेकर 2019 तक हर बजट से मध्यम वर्ग को राहत मिली है."
केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने ट्वीट किया, "मैं पीएम मोदी और पीयूष गोयल को बधाई देती हूं कि उन्होंने किसानों, ग़रीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को राहत पहुंचाने वाला बजट पेश किया."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)