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BUDGET 2019: पीयूष गोयल के बजट में मिडिल क्लास, किसान और मजदूरों के लिए क्या है?
मोदी सरकार का अंतरिम बजट अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज लोकसभा में पेश कर दिया. इस बजट में नौकरी पेशा, किसानों और महिलाओं के लिए कई ऐलान किए गए.
सबसे अहम ऐलान आयकर में छूट को लेकर किया गया है. अब 5 लाख रुपये तक की सैलरी पाने वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बेहतर बजट पेश करने के लिए पीयूष गोयल और अरुण जेटली की टीम को बधाई दी.
उन्होंने कहा, "गरीब को शक्ति देगा, किसान को मज़बूती देगा, श्रमिकों को सम्मान देगा, मिडिल क्लास के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार टैक्सपेयर का गौरवगान करेगा, ट्रेडर्स को सशक्त करेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को गति देगा, अर्थव्यवस्था को बल देगा, देश का विश्वास मज़बूत करेगा."
"ये बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी है, सर्वोत्कर्ष को समर्पित है."
जानिए और क्या रहा इस बजट में ख़ास.
टैक्स में क्या फ़ायदा मिला?
• मीडिल क्लास को लुभाने लिए टैक्स स्लैब में बदलाव किए गए हैं. पांच लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर टैक्स नहीं देना होगा. 1.5 लाख रुपये तक निवेश करने पर टैक्स नहीं लगेगा. टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 5 लाख रुपये होने का सबसे बड़ा फ़ायदा मिडिल क्लास को मिलेगा.
• स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा भी बढ़ा दी गई है. इसे अब 40 हज़ार रुपये से बढ़ाकर 50 हज़ार रुपये कर दिया गया है और इसके अलावा अब फिक्स्ड डिपॉजिट पर 40 हजार रूपये का ब्याज होगा तो कोई टैक्स नहीं होगा.
• अब नौकरी-पेशा लोग दो घरों के लिए एचआरए का आवेदन कर सकते हैं. एचआरए पर टैक्स छूट 1.80 लाख रुपये से बढ़कर 2.40 लाख कर दी है.
• अगर आप अधिकतम निवेश 1.5 लाख तक करते हैं और आपकी कमाई सात लाख है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा.
• अगर आपने होम लोन भी लिया है तो नौ लाख तक की सालाना कमाई पर टैक्स भरने से बच सकते हैं.
• टैक्स रिफंड के लिए अब ऑफ़िस नहीं जाना पड़ेगा. ऑनलाइन ही रिफंड मिलने की व्यवस्था होगी.
किसान-मजदूरों के लिए बजट में क्या है?
• दो हेक्टेयर तक ज़मीन वाले किसानों को सालाना छह हज़ार रुपये दिये जाएंगे. ये छह हज़ार 2-2 हजार के तीन किस्त में आएंगे.
• इससे 12 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा. पहली दिसंबर 2018 से इस योजना को लागू किया जाएगा. जल्द ही सूचियां बना कर उनके खाते में इसकी पहली किस्त भेजी जाएंगी. इसके लिए सरकार पर 75 हज़ार करोड़ का बजट रखा है.
• मानधन श्रमधन योजना का ऐलान. मजदूरों को कम से कम तीन हज़ार रुपये महीने का पेंशन मिलेगा. 10 करोड़ मजदूरों को पहुंचेगा पेंशन का लाभ.
• 21 हज़ार तक के वेतन वाले लोगों को 7 हज़ार रुपये तक का बोनस मिलेगा. श्रमिक की मौत होने पर मुआवजा अब बढ़ा कर छह लाख रुपये किया गया है.
अंतरिम बजट में पीयूष गोयल ने ये सारे प्रावधान वित्तीय साल 2019-20 के लिए किए गए हैं.
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