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सोशल: दिवाली की बधाई देने पर भी घिरे डोनल्ड ट्रंप
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में दिवाली समारोह की मेज़बानी की. लेकिन अपने ट्विटर अकाउंट पर दिवाली के बधाई संदेश में उन्होंने कुछ ग़लतियां कर दीं जिसकी वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा.
दिवाली को हिंदुओं का प्रमुख त्योहार बताने के लिए उन्हें दो कोशिशें करनी पड़ीं. मंगलवार को उन्होंने दो ट्वीट किए, जिसमें दूसरे ट्वीट में ही उन्होंने हिंदुओं का ज़िक्र किया.
पहला ट्वीट
इस ट्वीट में ट्रंप ने दिवाली को बौद्धों, सिखों और जैनों का त्योहार बताया और हिंदुओं का ज़िक्र नहीं किया. उन्होंने लिखा, "आज हम दिवाली के लिए जमा हुए हैं जिसे अमरीका और दुनिया भर में बौद्धों, सिखों और जैनों की ओर से मनाया जाता है. लाखों लोग परिवार और दोस्तों के साथ दिया जलाकर नए साल की शुरुआत करने के लिए जमा हुए हैं."
दूसरा ट्वीट
इसके 17 मिनट बाद अमरीकी राष्ट्रपति ने अगला ट्वीट किया, जिसमें हिंदुओं का ज़िक्र किया. उन्होंने लिखा, "मुझे व्हाइट हाउस के रूज़वेल्ट रूम में दिवाली समारोह की मेज़बानी का सौभाग्य मिला. बहुत, बहुत ख़ास लोग!"
अमरीकी राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल पर हुई इस ग़फ़लत को ट्विटर यूजर्स ने पकड़ लिया और और उस पर चुटकियां लेना शुरू कर दिया.
सीएनएन के पत्रकार मनु राजू का कहना है कि ट्रंप ने दिवाली की बधाई देने के लिए दो नहीं, तीन कोशिशें की थीं, जिनमें से शुरुआती दो नाकाम रहीं. उन्होंने लिखा, "इससे पहले भी ट्रंप ने दिवाली की शुभकामनाओं वाला एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने हिंदुओं का ज़िक्र नहीं किया था. लेकिन वह ट्वीट उन्होंने डिलीट कर लिया. फिर उन्होंने एक और ट्वीट किया और उसमें भी हिंदुओं का ज़िक्र नहीं किया."
ट्विटर पर माकिन पन कैली लिखते हैं, "मुझे पक्का पता है कि उन्हें लगता है कि बौद्ध और हिंदू एक ही हैं."
ग्रेग लिखते हैं कि ये हिंदुओं के अवकाश वाला दिन है और वो एक बार फिर इसका ज़िक्र करने से चूक गए.
'हिंदू अगेंस्ट ट्रंप' के एक पेज ने ट्रंप के ट्वीट को शेयर कर लिखा है कि जिस व्यक्ति ने ट्रंप के लिए ये ट्वीट लिखा है, उसका शुक्रिया.
लिसा जे यार्डे लिखती हैं, "कोई इन्हें बताएं कि दिवाली हिंदुओं का त्योहार है और इन्होंने उन्हीं का ज़िक्र नहीं किया. ये बिल्कुल वैसा ही है जैसे बिना ईसाइयों के क्रिसमस, अब समझे?"
जे कुमार लिखते हैं कि आपने अरबों हिंदुओं का अपमान किया है जिनके लिए ये एक धार्मिक अवकाश का दिन है. क्या व्हाइट हाउस में किसी के पास थोड़ा भी दिमाग है? विडंबना ये है कि अज्ञानता पर ज्ञान की जीत का जश्न मनाया जाता है.
इसी तरह दिवाली पर हिंदुओं का ज़िक्र न करने से कई लोगों ने आपत्तियां जताई हैं. बौद्ध, सिख और जैन दिवाली को मनाते ज़रूर है लेकिन यह हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है. प्यू के सर्वे के मुताबिक, अमरीका में बीस लाख से भी ज़्यादा हिंदू हैं और 2020 तक उनकी संख्या बढ़कर 25 लाख तक पहुंच सकती है.
मोल-भाव में माहिर हैं भारतीय
दिवाली समारोह के दौरान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत और अमरीका के रिश्तों को भी ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "हम भारत के साथ बेहतर ट्रेड समझौते करना चाहते हैं लेकिन वो मोल-भाव में माहिर हैं. यक़ीनन वे इसमें सबसे अच्छे हैं. इसलिए हमें मेहनत करनी पड़ रही है, लेकिन कोशिश जारी है."
अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने प्रशासन के क़रीब दो दर्जन भारतीय मूल के अमरीकी अधिकारियों को भी न्योता दिया था. इनमें अमरीका में भारतीय राजदूत नवतेज सिंह सारना और उनकी पत्नी डॉ. अविना सारना भी शामिल थीं.
व्हाइट हाउस में साल 2003 में पहली बार दिवाली समारोह हुआ था. तब जॉर्ज डब्ल्यू बुश अमरीका के राष्ट्रपति थे. लेकिन वह कभी ख़ुद इस समारोह में शामिल नहीं हुए. साल 2009 में बराक ओबामा अमरीका के पहले ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्होंने ख़ुद व्हाइट हाउस में दिवाली समारोह में हिस्सा लिया.
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