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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ये 5 काम डेमोक्रेट्स के बिना नहीं कर पाएंगे
अमरीका में मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा यानी अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स पर कब्जा कर लिया है.
इन नतीजों से कई समीकरण बदलकर रख दिए हैं. अभी तक राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का दोनों सदनों (सीनेट और हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स) में बहुमत था.
अमरीकी कांग्रेस में प्रतिनिधि सभा की कुल 435 सीटों में से 218 के बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी ने 245 के क़रीब सीटें जीती हैं.
हालांकि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा बरकरार है. रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट में कुल 100 सीटों में से 51 के बजाए अब 54 सीटें मिल गई हैं.
आठ वर्षों के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा में फिर से बहुमत हासिल किया है. डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता नेनसी पलोसी, जो अब प्रतिनिधि सभा में स्पीकर का पद भी संभाल सकती हैं, ने कहा कि अब डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन पर लगाम लगाएंगे.
इन नतीजों से ट्रंप के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. राष्ट्रपति चुनाव में रूस की दखलअंदाज़ी के मामले की जांच भी आगे बढ़ सकती है और ट्रंप पर महाभियोग चलाने का माहौल भी बन सकता है.
नतीजों के मायने
इन नतीजों विश्लेषण कई पैमानों पर किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि ये परिणाम यूएस में सत्ता का संतुलन स्थापित कर सकते हैं. क्योंकि 2016 में चुनाव के बाद से ट्रंप दोनों सदनों में बहुमत में थे और किसी तरह के क़ानून को पास कराने में उन्हें कोई रोकने-टोकने वाला नहीं था.
अब डेमोक्रेट्स इस स्थिति में पहुंच गए हैं कि वह ऐसे क़ानून को रोक सकते हैं. अब से दो महीने बाद जब नया सदन डेमोक्रेट्स के नियंत्रण में होगा तो हालात बदले हुए होंगे. डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता नेनसी पलोसी प्रतिनिधि सभा में स्पीकर का पद संभाल सकती हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप को अभी जो चिंता सता रही होगी वो ये कि डेमोक्रेट्स उनके प्रशासनिक कामकाज की छानबीन करने की तैयारी में हैं. प्रतिनिधि सभा की खुफिया समिति 2016 के चुनावों में रूस के कथित हस्तक्षेप की जाँच कर रही है और इसकी कमान ट्रंप के धुर विरोधी माने जाने वाले एडम शिफ़ के हाथों में है. उन्होंने बार-बार दोहराया है कि वो इस जाँच को अंजाम तक पहुँचाएंगे और राष्ट्रपति ट्रंप के विदेशों में लेन-देन की भी गहन जाँच करेंगे.
ट्रंप ही नहीं, उनकी सरकार के दूसरे सदस्यों पर भी डेमोक्रेट्स की नज़रें होंगी. सबसे पहले गृह मंत्री रेयान ज़िंके पर शिकंजा कस सकता है. उन पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने कारोबारी हितों के लिए सरकार में अपनी स्थिति का लाभ उठाया.
एक नज़र उन पाँच चीज़ों पर जो अब ट्रंप के लिए मुश्किल होंगी
रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत गंवा देने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को अपना राजनीतिक एजेंडा बढ़ाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. अगले साल जनवरी से उनके लिए कई चीजों के लिए डेमोक्रेट्स की मंज़ूरी ज़रूरी होगी.
1-मेक्सिको की सीमा पर दीवार: 2016 के चुनावी अभियान ने ट्रंप ने वादा किया था कि वो मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाएंगे. अरबों डॉलर के इस प्रोजेक्ट को संसद से पास कराना ज़रूरी होगा. हालाँकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ट्रंप बातचीत के ज़रिये इसके लिए राशि जुटा सकते हैं. वो कुछ रियायतों के बदले ऐसा कर सकते हैं. लेकिन प्रतिनिधि सभा में बहुमत नहीं होने से ट्रंप के लिए ऐसा करना मुश्किल होगा.
2-रद्द नहीं होगा ओबामाकेयर: सदन में बदले हुए समीकरणों के बाद रिपब्लिकन पार्टी के लिए अब इसे रद्द करना मुश्किल हो जाएगा. प्रतिनिधि सभा में अब डेमोक्रेट्स बहुमत में हैं. मध्यावधि चुनावों के दौरान डेमोक्रेट्स ने ओबामाकेयर के पक्ष में अभियान चलाया था. इसलिए ये मानने की कोई वजह नहीं है कि इसे रद्द करने के किसी भी कदम का अब ये सांसद विरोध करेंगे.
3-आप्रवासी सुधार: वीज़ा लॉटरी को ख़त्म करने, आप्रवासियों को उनके देश भेजने जैसे कुछ प्रस्ताव हैं जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने पिछले दो साल में लागू करने का प्रयास किया है, हालाँकि इन कोशिशों में वे पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए हैं. अब डेमोक्रेट्स के अधिक ताक़तवर होने से इन प्रस्तावों के आगे बढ़ने की संभावना बहुत कम हो गई है.
4-जन्म के आधार पर नागरिकता: अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमरीका के जन्मजात या जन्मसिद्ध नागरिकता संबंधी क़ानून को ख़त्म करने के लिए एक विशेष अध्यादेश लाने की बात कही है. यह क़ानून कहता है कि जो अमरीका में पैदा हो, उसे अमरीकी नागरिक माना जाए. इस कानून को पारित कराना भी आसान नहीं है और इसके लिए ट्रंप को संसद के दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत होगी.
अभी इस कानून के तहत जो अमरीका में पैदा हो उसे अमरीकी नागरिक माना जाता है, चाहे बच्चे के जन्म के समय बच्चे के माता-पिता अवैध रूप से ही अमरीका में क्यों न रह रहे हों.
5-टैक्स में और कटौती: नागरिकों के लिए आयकर कम करने के लिए 2017 के आखिर में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने व्हाइट हाउस पर दबाव बनाया था. इस प्रस्ताव के पारित होने का डेमोक्रेट्स ने ज़ोरदार विरोध किया था.
इसके अलावा, ट्रंप को एक और ख़तरा है और वो है महाभियोग है. राष्ट्रपति तो हटाने के लिए शुरू की जाने वाली इस प्रक्रिया का पहला कदम उठाने के लिए सामान्य बहुमत की ज़रूरत है और डेमोक्रेट्स अब इस ताक़त में हैं.
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