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सोशल- 'रघुराम राजन की किताब में क्या पर्दे के पीछे की बातें होंगी?'
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने पद छोड़ने के एक साल बाद नोटबंदी पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
रघुराम राजन की नई किताब 'आई डू व्हाट आई डू' आने वाली है. जिसके चलते रघुराम पिछले कुछ दिनों से ही चर्चा में बने हुए हैं.
राजन की यह किताब 4 सितंबर को रिलीज़ होगी. हार्पर कॉलिन्स इंडिया पब्लिकेशन के तहत छपी इस किताब में राजन ने नोटबंदी जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है.
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि नोटबंदी के पीछे की सोच अच्छी थी लेकिन अब निश्चित रूप से कोई ये तो नहीं कह सकता है कि यह आर्थिक रूप से सफ़ल रहा, फिर भी मैं दोबारा यह कहूंगा कि समय बताएगा.
राजन की किताब आने वाली है और उनके इस साक्षात्कार के बाद सोशल मीडिया पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई उन्हें देशहित में सोचने वाला गवर्नर बता रहा है तो कोई उनकी आलोचना कर रहा है.
शीतल ने ट्वीट किया है कि किताब रिलीज़ के लिए तैयार है. यही मौका है जब मुझे ख़बरों में होना चाहिए.
रीता ने भी कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया दी है.
हालांकि प्रियंका का कहना है कि सभी जानते हैं कि बीजेपी पूर्व गवर्नर को पसंद क्यों नहीं करती थी. वो नोटबंदी के पक्ष में नहीं थे.
कुणाल ने रघुराम राजन को एकबार फिर से आरबीआई के गवर्नर का पदभार संभालने के लिए कहा है.
वहीं रैंडमवॉक्स नामक ट्वीटर हैंडल पर किताब के बारे में पूछा गया है. उन्होंने पूछा है कि क्या इस किताब में पर्दे के पीछे की भी बातें होंगी?
असलम ने लिखा है कि अगर राजन होते तो जितना नुकसान हमने उठाया है, शायद उतना नहीं उठाना पड़ता.
वहीं एक अन्य हैंडल ने भी राजन की जमकर तारीफ़ की है.