सोशल: शशि थरूर की अंग्रेजी समझ आए तो हमें भी समझा देना!

कहने की जरूरत नहीं है कि भारतीय समाज में अंग्रेजी बोलने वालों को इज्ज़त की नज़रों से देखा जाता है. यह कहना भी ग़लत नहीं होगा कि अंग्रेजी दो तरह की होती है. एक वो जो आम भारतीय बोलते हैं और दूसरी वो जो शशि थरूर बोलते हैं.

थरूर ने 8 मई को एक ट्वीट किया और सोशल मीडिया यूजर्स को चक्कर आ गया. उन्होंने ट्वीट किया था,''Exasperating farrago of distortions, misrepresentations & outright lies being broadcast by an unprincipled showman masquerading as a journalst.''

पहले तो लोग चकराए, बाद में डिक्शनरी ढूंढकर एक-एक शब्द का मतलब निकाला और चुटकुले बनाने लगे. एक ट्विटर यूजर ने लिखा,''ये फ़रैगो क्या होता है?''

आशीष त्रिवेदी ने लिखा,''भाई मेरे लिए कोई पूरा ट्रांसलेट कर दो. यूपी बोर्ड के हिंदी मीडियम से पढ़ाई की है, पूरा ऊपर से गया.''

एक ने फ़िल्म 'हाफ़ गर्लफ्रेंड' की एक तस्वीर शेयर की और लिखा,''सर, मायसेल्फ कमिंग फ्रॉम विलेज एरिया.''

एक महाशय को 'तनु वेड्स मनु' के पप्पी जी याद आ गए और अक्षय को 'थ्री इडियट्स' वाले दादाजी यानी वो टीचर जो रैंचो (आमिर ख़ान) को क्लास से निकाल देता है.

एक दूसरे ट्विटर यूजर को तो रोना ही आ गया. उन्होंने लिखा, 'इतनी वीभत्स अंग्रेजी मारी है फेंक के, मैं तो ऐसे ही क्लीन चिट दे रहा हूं.''

सोनाली ने लिखा,'सर, प्लीज. इंग्लिश में समझा दीजिए.'' आलम ये था कि ट्विटर पर #farrago ट्रेंड करने लगा. फेसबुक पर भी लोग इस बारे में लिख रहे थे. तृप्ति शुक्ला ने लिखा,''शशि थरूर के ट्वीट में मुझे कई शब्दों का मतलब पता है. जैसे- of, by, an...इत्यादि.''

खैर, चलिए अब थरूर के ट्वीट का मतलब समझने की कोशिश करते हैं. संदर्भ के लिए जान लेते हैं कि उन्होंने यह ट्वीट सुनंदा पुष्कर की मृत्यु के बारे में अर्नब गोस्वामी के चैनल रिपब्लिक द्वारा किए गए आरोपों पर किया था.

अग़र शब्दों पर गौर करें तो:

Exasperating- very irritating यानी बुरी तरह चिड़चिड़ा देने वाला

farrago- a confused mixture यानी तथ्यों और कल्पना की ऐसी मिली-जुली बातें जो आपको कंफ्यूज़ कर दें

distortions-तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाना

masquerading- pretending to be someone you are not- अपने आप को वैसा दिखाना जैसा आप असल में नहीं हैं.

यानी आसान शब्दों में कहें तो थरूर के कहने का मतलब था,''ये दावे तोड़-मरोड़ कर पेश किए गए हैं. वे कंफ्यूज करने वाले, पूरी तरह झूठे और गुस्सा दिलाने वाले हैं और इन्हें पेश करने वाला शख्स खुद को पत्रकार बताता है लेकिन वह ऐसे शख्स हैं जिसका कोई उसूल नहीं है.''

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