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पहले मुस्लिम ऑस्कर विजेता एक्टर से पाकिस्तान को क्यों है परहेज?
द अकेडमी अवॉर्ड्स 2017 में महेरशेला अली ऑस्कर पाने वाले पहले मुस्लिम अभिनेता बन गए हैं.
महेरशेला को फ़िल्म 'मूनलाइट' के लिए सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता का अवॉर्ड मिला है. महेरशेला को पूरी दुनिया से बधाई दी जा रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी भी महेरशेला को बधाई देने वालों में शामिल रहीं. लेकिन मलीहा ने अपना बधाई वाला ट्वीट जल्द ही डिलीट कर दिया.
दरअसल, महेरशेला अहमदिया मुसलमान हैं. पाकिस्तान में अहमदिया को आधिकारिक तौर पर मुस्लिम नहीं माना जाता है. ऐसे में मलीहा के ट्वीट डिलीट करने की सोशल मीडिया पर भी चर्चा है.
सईद एहसान लिखते हैं, ''संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी राजदूत को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा. क्योंकि लोगों ने ट्विटर पर ये बताने लगे कि महेरशेला अली अहमदिया मुस्लिम हैं.''
लुकमान ने ट्वीट किया, ''संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी राजदूत ने महेरशेला को लेकर किया ट्वीट डिलीट कर दिया. क्योंकि वो गैर-मुस्लिम हैं.''
शाज़िया रियाज़ ने लिखा, ''मलीहा, आपने महेरशेला को लेकर ट्वीट क्यों डिलीट किया. क्या पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों को लेकर सोच बड़ी नहीं रख सकता?''
@thoughsob ने ट्वीट किया, ''हम जानते हैं कि आपने ये ट्वीट क्यों डिलीट किया. सिर्फ इसलिए क्योंकि वो मुस्लिम है पर आपके हिसाब से 'अच्छे वाले' मुस्लिम नहीं हैं.''
@InfoSgleeson ने लिखा, ''एक मुस्लिम के ऑस्कर जीतने पर खुशी हो रही है. इस बात पर ज्यादा खुशी है कि वो अहमदिया है.''
कौन होते हैं अहमदिया मुसलमान?
हनफ़ी इस्लामिक क़ानून का पालन करने वाले मुसलमानों का एक समुदाय अपने आप को अहमदिया कहता है. इस समुदाय की स्थापना भारतीय पंजाब के क़ादियान में मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद ने की थी.
इस पंथ के अनुयायियों का मानना है कि मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद ख़ुद नबी का ही एक अवतार थे.
उनके मुताबिक़ वे खुद कोई नई शरीयत नहीं लाए बल्कि पैग़म्बर मोहम्मद की शरीयत का ही पालन कर रहे हैं लेकिन वे नबी का दर्जा रखते हैं. मुसलमानों के लगभग सभी संप्रदाय इस बात पर सहमत हैं कि मोहम्मद साहब के बाद अल्लाह की तरफ़ से दुनिया में भेजे गए दूतों का सिलसिला ख़त्म हो गया है.
लेकिन अहमदियों का मानना है कि मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद ऐसे धर्म सुधारक थे जो नबी का दर्जा रखते हैं.
बस इसी बात पर मतभेद इतने गंभीर हैं कि मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग अहमदियों को मुसलमान ही नहीं मानता. हालांकि भारत, पाकिस्तान और ब्रिटेन में अहमदियों की अच्छी ख़ासी संख्या है.
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