इंटरनेट पर अब कुत्तों का है ज़माना!

    • Author, डेव ली
    • पदनाम, उत्तर अमरीका टेक्नोलॉजी रिपोर्टर

बीबीसी संवाददाता होने के नाते पहले की तरह आपके लिए एक ख़बर लाया हूं, ये ख़बर है एक तख्तापलट की.

शायद एक बेहद अलग तरह का तख्तापलट, जो हुआ है इंटरनेट पर.

इंटरनेट पर बिल्लियों का राज ख़त्म. चीज़बर्गर्ज़ को भी इंटरनेट पर अब नहीं पूछा जा रहा.

कई सालों तक इंटरनेट यूज़र्स ने 'ग्रम्पी कैट' जैसी कई बिल्लियों पर प्यार बरसाया लेकिन अब शायद इंटरनेट यूज़र्स इंसानों के सबसे वफ़ादार साथियों का प्यार खोजने लगे हैं.

मेरे पास ये साबित करने के लिए भरपूर डेटा भी है.

ट्रेंडिंग की बात करें

सोशल मीडिया वेबसाइट रेड्डिट में r/aww subreddit में अब तक की तीन टॉप पोस्ट कुत्तों के बारे में हैं.

सोशल बेकर्स नाम की एक कंपनी है जो सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड पर निगरानी रखती है और इंटरनेट पर लोकप्रिय हो रहे विषयों से जुड़े आंकड़े जुटाती है.

जब मैंने उनसे संपर्क किया तो उनका जवाब मेरे इस दावे की पुष्टि करता था.

फ़ेसबुक पर आजकल सबसे मशहूर अगर कोई जानवर है तो वो है 'बू' नाम का एक कुत्ता.

बू के फ़ेसबुक पेज को 1 करोड़ 75 लाख से ज़्यादा लाइक्स मिले हैं. ये संख्या 'ग्रंपी कैट' से पेज पर मिले लाइक्स से दोगुना से भी ज़्यादा है.

सोशल मीडिया पर जानवरों की इस होड़ में बू और ग्रंपी कैट सबसे आगे हैं.

तीसरे स्थान पर आती है नियेन कैट, वैसे ये एक असली बिल्ली नहीं है. ये एक ग्राफ़िकल कैट है जिसके 47 हज़ार 62 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं.

हालांकि तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म इंस्टग्राम पर एक बिल्ली ही टॉप सेलिब्रिटी है. लेकिन दूसरा, तीसरा और चौथा नंबर कुत्तों का है. इंट्साग्राम पर #allgooddogs भी है.

अब सर्च इंजन गूगल पर खोजने की बात है तो इसमें कुत्तों ने बिल्लियों को मात दे दी है.

ये मोड़ आया था 3 जनवरी 2016 के दिन जब पहली बार दुनिया भर में 'क्यूट डॉग्ज़' को सर्च करने वालों की संख्या 'फ़नी कैट्स' यानी बिल्लियों की मज़ाकिया तस्वीरें ढूंढ़ने वालों को पार कर गई.

मुझे लगता है कि इससे साबित हो जाता है कि इंटरनेट पर कुत्तों ने बिल्लियों का ताज हथिया लिया है.

सोशल मीडिया यूज़र्स की एक नई शब्दावली भी है, इंटरनेट पर मशहूर कुत्तों के लिए नए नए शब्द वायरल हो रहे हैं.

अगर आप भी इंटरनेट पर राज करने वालों में शामिल होना चाहते हैं तो इन शब्दों से वाकिफ़ हो लीजिए.

कुत्ते यानी डॉग्स, अब इंटरनेट पर 'डॉगोज़' के नाम से जाने जाते हैं, कुत्ते के पिल्ले जिन्हें अंग्रेजी में पपी कहा जाता वो अब 'पपर्स' के नाम से जाने जाते हैं.

भौंकने वाले कुत्तों को 'वूफ़र्स' कहते हैं. तो किसी प्यारे से कुत्ते की नाक हल्के से पुचकारने का मन करे तो उसे कहते हैं 'बूप अ डॉगोज़ स्नूट'

अगर कुत्ता कुछ परेशान दिखे तो उसे कहते हैं 'हेकिन' और कुत्ते की जीभ लटकी दिखे तो 'ब्लेप'.

फ़ेसबुक पर कूल डॉग ग्रुप में कुत्तों के तस्वीरें, वीडियो शेयर किए जाते हैं और चर्चा भी कुत्तों पर ही होती है.

फ़ेसबुक की न्यूज़फ़ीड पहले लोगों की सेल्फ़ी, शादी, पार्टी की तस्वीरों या फिर बच्चों की तस्वीरों से भरी रहती थी, लेकिन वहां कुत्तों ने अपनी जगह बना ली है.

फ़ेसबुक की न्यूज़ फ़ीड में नया मेहमान है 'इगोर'.

इंटरनेट पर कुत्तों को सराहने और उनकी रेटिंग को लेकर भी काफ़ी चर्चा है.

20 साल के मैट नेसलन इसमें काफ़ी आगे निकल चुके हैं. वॉशिंगटन पोस्ट ने उन्हें इंटरनेट पर कुत्तों को रेटिंग देने वाला सबसे मशहूर व्यक्ति क़रार दिया है.

नेलसन ट्विटर पर 'वीरेटडॉग्ज़' नाम का अकाउंट चलाते हैं. लोग अपने कुत्तों को रेटिंग दिलवाने के लिए उनकी तस्वीर भेजते हैं जिसके आधार पर नेलसन कुत्ते को 10 में से अंक देते हैं.

हाल ही में नेलसन ने हर्क्यूलीज़ नाम के कुत्ते को 10 में से 12, डचेस को 13 और सनडेंस को 14 अंक दिए.

सनडेंस का एक वीडियो पोस्ट किया गया था जिसमें वो ड्रम बजा रहा था.

कुत्तों की रेटिंग तब ज़्यादा चर्चा में आई जब पिछले साल के अंत में ब्रान्त नाम के एक यूज़र ने सवाल उठाए कि कुत्तों को इतनी ज़्यादा रेटिंग क्यों दी जा रही है.

इस पर नेलसन ने लिखा," दे आर गुड डॉग्ज़, ब्रेन्ट (ये अच्छे कुत्ते हैं, ब्रेन्ट)"

उनका जवाब इंटरनेट पर मानो एक नए युग की शुरुआत थी, अब आपको 'दे आर गुड डॉग्ज़, ब्रेन्ट' लिखे हुए मग्ज़ और टी शर्ट भी मिल जाएंगे.

बस इसके बाद से नेलसन के ट्विटर पर लाखों फ़ोलोअर्स बन गए हैं.

मैट नेलसन कहते हैं कि अब उन्होंने एक ईकॉमर्स स्टोर भी खोल लिया है क्योंकि बहुत सी ऐसी चीज़ें थी जो सिर्फ़ एक ट्विटर अकाउंट के सहारे संभव नहीं थीं.

हालांकि मैं इस बात से सहमत हूं कि अब भी बहुत कुछ इंटरनेट पर ये इशारा करता है कि बिल्लियां अब भी इंटरनेट यूज़र्स की पसंद बनी हुई हैं. लेकिन फिर भी कुत्तों को लेकर अपनी कहानी को आगे बढ़ाता हूं.

गिज़मोडो ने 2015 में एक लेख प्रकाशित किया था जिसमें ये कहा गया था कि इस बात के वैज्ञानिक सबूत हैं कि क्यों बिल्लियों की तस्वीरों और वीडियो इंटरनेट पर पसंद किए जाते हैं. हालांकि मैं इसे सही नहीं मानता.

क्योंकि अब इंटरनेट काफ़ी बदल चुका है. अब असल ज़िंदगी के थेरेपी डॉग्ज़ की तरह इंटरनेट डॉगोज़ भी आधुनिक सोशल मीडिया के बोझिलपन से हटकर कुछ अलग देते हैं.

मैट नेलसन कहते हैं, " कुत्ते बहुत निर्दोष होते हैं. वो बिना शर्त प्यार कर सकते हैं और अब लोगों को यही चाहिए''

मैट मानते हैं कि उनका अकाउंट इंटरनेट की बोझिलता से बचने के लिए एक अच्छी जगह है.

बिल्लयों की बहुत चली पर, लेकिन माफ़ करना अब और नहीं.

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