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गूगल ने मानी भारत की बात | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की नंबर वन इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल ने भारत से जुड़ी कुछ तस्वीरों को गूगलअर्थ पर धुँधला करने का फ़ैसला किया है. भारत सरकार और गूगल के बीच बातचीत के बाद ये सहमति बन पाई. भारत ने सुरक्षा संबंधी चिंताएँ ज़ाहिर की थीं और कहा था कि कुछ तस्वीरों को धुंधला कर दिखाया जाए. भारत सरकार ऐसी जगहों की एक सूची तैयार कर रही है जिन्हें संवेदनशील माना जा रहा है. इसमें सैनिक अड्डे और सरकारी इमारतें शामिल हैं. कई अन्य देशों की सरकारों के अनुरोध के बाद पहले भी गूगलअर्थ से कुछ जगहों की तस्वीरें धुँधली की जा चुकी हैं या फिर अब उन्हें देखना संभव नहीं है. इनमें परमाणु केंद्र, सरकारी और सुरक्षा सेवाओं से जुड़ी इमारतें शामिल हैं. एक भारतीय अख़बार में छपी रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने कहा था कि इमारतों की विस्तृत तस्वीरों और सही नक्शों की मदद से चरमपंथी आसानी से हमले कर सकते हैं. वर्ष 2005 में गूगलअर्थ शुरू होने के बाद ही भारत सरकार ने गूगल को अपनी चिंताओं से अवगत करवा दिया था. गूगलअर्थ एक ऐसा प्रोग्राम है जिसे डाउनलोड किया जा सकता है और लोग सैटेलाइट तस्वीरों के डाटाबेस में जाकर उन्हें देख सकते हैं. इनमें कुछ तस्वीरों को 3-डी फ़ॉर्मेट में भी देखा जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें गूगल पता लगाएगा बीमारियों के बारे में10 नवंबर, 2006 | विज्ञान गूगल पर 200 साल पुरानी ख़बरें मिलेंगी06 सितंबर, 2006 | विज्ञान गूगल के चित्रों से इसरो को चिंता08 जुलाई, 2006 | विज्ञान अब गूगल का वेब कैलेंडर भी14 अप्रैल, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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