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समुद्री पानी है जीवाणुओं का घर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताज़ा शोध के मुताबिक एक लीटर समुद्री पानी में अलग-अलग प्रजाति के बीस हज़ार से अधिक बैक्टीरिया मिल सकते हैं. पहले हुए शोधों में कभी भी समुद्री पानी में इतनी संख्या में जीवाणु पाए जाने की बात सामने नहीं आई थी. इससे पता चलता है कि जीवाणु विविधता का दायरा बहुत बड़ा है. समुद्र में पाए जाने वाले सभी तरह के जीव जंतुओं का पता लगाने के लिए शुरु की गई अंतरराष्ट्रीय परियोजना से ये निष्कर्ष निकला है. यह शोध विज्ञान पत्रिका 'जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' में छपा है. समुद्री सूक्ष्म जीवों का पता लगाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया. इसके तहत डीएनए परीक्षण के जरिए बनावट या आकार के आधार पर सूक्ष्म जीवों की विविधता आँकी गई. अमरीका में मेसाचुसेट्स के मरीन बायोलॉजिकल लैबोरेटरी के डॉ मिशेल सॉगिन कहते हैं, "ये सूक्ष्म जीव या जीवाणु समुद्र में बहुतायत में पाए जाते हैं और जीवमंडल में इनकी अहम भूमिका है." डॉ सॉगिन की टीम ने एटलांटिक और प्रशांत महासागर में आठ जगहों पर 550 से 4100 मीटर की गहराई में जाकर सूक्ष्मजीवों के अस्तित्व का अध्ययन किया. शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि एक लीटर पानी में ज़्यादा से ज्यादा 2000 अलग-अलग तरह के जीव मिलेंगे लेकिन इससे दसगुना अधिक जीवाणुओं की उपस्थिति ने उन्हें भी अचंभित कर दिया. नई खोज के आधार पर डॉ. सॉगिन का कहना है कि समुद्रों में बैक्टीरिया के अलग अलग प्रजातियों की संख्या 50 लाख से एक करोड़ के बीच हो सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें कछुए अंडे देने के लिए पहुँचे मगर...26 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान 'लुप्प्त हो सकती हैं कई प्रजातियाँ' 19 मई, 2006 | विज्ञान पहाड़ियों से दूरी चाहते हैं अफ़्रीकी हाथी30 जुलाई, 2006 | विज्ञान लेबनान में लड़ाई से पर्यावरण संकट02 अगस्त, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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