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अस्तित्व नहीं है उड़नतश्तरियों का | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी रक्षा मंत्रालय की एक गोपनीय रिपोर्ट में कहा गया है कि उड़नतश्तरियों या धरती पर दूसरे ग्रह के जीवों की मौज़ूदगी के कोई सबूत नहीं हैं. वर्ष 2006 में पूरा हुए एक अध्ययन की इस रिपोर्ट को सूचना के अधिकार संबंधी क़ानून के तहत सार्वजनिक किया गया है. इस रिपोर्ट के लेखक का नाम गुप्त रखा गया है. चार साल तक चले इस अध्ययन में ब्रिटेन में आकाश में दिखने वाली अबूझ चीज़ों को विषय बनाया गया था. रिपोर्ट 400 पृष्ठों की है और इसमें दोटूक शब्दों में कहा गया है कि नैसर्गिक बलों से प्रेरित घटनाओं के अलावा किसी अन्य तरह की घटना के सबूत नहीं मिले हैं. नैसर्गिक घटनाएँ रिपोर्ट में इस बात को भी ख़ारिज़ कर दिया गया है कि आकाश में ऐसी ठोस चीज़ें तैर रही हैं जिनसे कि टक्कर लगने का डर हो. आसमान में जलती चीज़ों को देखे जाने के पीछे रिपोर्ट में नैसर्गिक कारणों का हाथ बताया गया है. इन कारणों में उल्कापिंड के अलावा वायुमंडल में होने वाली भौतिक, वैद्युत और चुंबकीय प्रतिक्रियाओं के नाम गिनाए गए हैं. उड़नतश्तरियों की बात पर भरोसा करने वाले सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि वो इस बात को स्वीकार नहीं करना चाहती कि कोई चीज़ उसके नियंत्रण से बाहर है. दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय के अध्ययन में स्पष्ट कर दिया गया है कि उड़नतश्तरियों या पराग्रहीय जीवन की बात पूरी तरह कपोल-कल्पना पर आधारित है. रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा है कि आगे इस तरह के किसी अध्ययन की कोई योजना नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अंतरिक्षवासियों' का सम्मान?12 मार्च, 2003 | पहला पन्ना अपहरण की कल्पना और सच17 फ़रवरी, 2003 | विज्ञान शटल कार्यक्रम बंद नहीं होगा07 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान स्टारडस्ट ने धूल के कण धरती पर भेजे15 जनवरी, 2006 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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