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शनिवार, 10 सितंबर, 2005 को 14:31 GMT तक के समाचार
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सिर से जुड़ी बहनों का ऑपरेशन
जुड़वाँ बहनें सबा और फरहा
सिर से जुड़ी बहनों को अलग करने की कोशिश चल रही है
सिर से एक-दूसरे से जुड़ी दो बहनों को अलग करने की कोशिश दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में की जा रही है.

डॉक्टरों का कहना है कि दस वर्षीय सबा और फ़रहा को पटना से दिल्ली लाया गया है और उनके परीक्षण चल रहे हैं जिनके बाद यह तय होगा कि उनका ऑपरेशन किया जाए या नहीं.

इन जुड़वाँ बहनों के इलाज का ख़र्च अबू धाबी के युवराज शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नहयान उठा रहे हैं.

अस्पताल के अनुसार उन्हें जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इलाज का सारा ख़र्च उठाने की पेशकश की.

जुड़वाँ बच्चियों के पिता शकील अहमद का कहना था, "मुझे अल्लाह पर पूरा भरोसा है."

हालाँकि डॉक्टरों का कहना है कि अभी परीक्षणों का दौर चल रहा है और उसके बाद ही फ़ैसला लिया जाएगा.

यदि यह ऑपरेशन हुआ तो इसमें 70 डॉक्टरों का दल लगेगा. इस दल के सदस्य डॉक्टर मुकुल वर्मा ने बताया कि एक समस्या है कि इन दोनों में से एक ही बच्ची के गुरदे हैं.

डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का कहना था कि अगर इन दोनों को अलग किया गया तो एक बच्ची को गुरदा भी प्रत्यारोपित किया जाएगा.

सलमान की फ़ैन

डॉक्टरों ने दिलचस्प बात बताई कि दोनों बहने सलमान ख़ान की फ़ैन हैं और दोनों को कैरम खेलना पसंद है. पर दोनों स्कूल जाना पसंद नहीं करती हैं. लेकिन दोनों बहनों के भले ही सिर जुड़े हों लेकिन दोनों सोचती अलग तरह से हैं.

डॉक्टरों का कहना था कि शुक्रवार को जब बारिश हुई तो दोनों बहनों से पूछा गया कि क्या वे बाहर जाना पसंद करेंगी तो एक बहन ने बारिश में बाहर जाने की इच्छा जताई तो दूसरे ने अनिच्छा प्रकट की.

जटिल

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन काफ़ी जटिल होते हैं और ऑपरेशन करके दोनों के दिमाग़ और उसके तंतुओं को अलग करना पड़ता है.

जब ये बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं तो उनके व्यवहार से पता चलता है कि उनका दिमाग़ सामान्य तरीक़े से काम कर रहा है या नहीं.

इस तरह सिर से जुड़े बच्चे एक करोड़ में एक होते हैं. इसके पहले ऐसे कुछ ऑपरेशन तो सफल रहे हैं लेकिन कुछ में दोनों जुडवाँ की मौत भी हो गई है.

सिंगापुर में ईरानी जुड़वाँ बहनों को अलग करने के लिए ऑपरेशन किया गया था जिसमें उन दोनों की मौत हो गई थी.

लादन और लालेह बिजानी नाम की ये दोनों बहनें 29 साल से जुड़े सिर के साथ ही रह रही थीं.

लेकिन ऑपरेशन के दौरान लादन बिजानी की मौत हो गई और बाद में दूसरी बहन लालेह की भी मृत्यु हो गई थी.

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