| मादा तिलचट्टे की गंध, नर की मौत! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों ने ख़तरनाक तिलचट्टे यानी कॉक्रॉच को जाल में फाँसने का एक नायाब तरीक़ा निकाला है जो जितना दिलचस्प है उतना ही असरदार भी. दरअसल नर तिलचट्टा मादा से निकलने वाली एक ऐसी गंध के प्रति आकर्षित होता है जो उसे यौन क्रिया के लिए प्रेरित करती है और यह गंध इतनी तीखी होती है कि नर तिलचट्टा ख़ुद को उसकी तरफ़ जाने से रोक नहीं पाता. अब वैज्ञानिकों ने मादा तिलचट्टे से निकलने वाली इसी गंध की पहचान करके उसे एक रसायन के रूप में तैयार किया है और बस यही है नुस्ख़ा यानी जब नर तिलचट्टे इस गंध की तरफ़ चलेगा तो वह वहीं मौत के चंगुल में फँस जाएगा. वैज्ञानिक कई वर्षों से मादा तिलचट्टे से निकलने वाली इस गंध की पहचान करने की कोशिश कर रहे थे, अब साइंस पत्रिका ने लिखा है कि अमरीका के कुछ वैज्ञानिकों को इसमें कामयाबी मिल गई है. इस गंध या रसायन का नाम फ़ेरोमोन है और इसी के ज़रिए तिलचट्टे को पकड़ने का नुस्ख़ा बनाया जा रहा है. यौन संबंधों का भूखा नर तिलचट्टा जब इस गंध या कृत्रिम रसायन के संपर्क में आएगा तो उसमें यह ज़हर भर जाएगा और जब वह अन्य तिलचट्टों के संपर्क में आएगा तो यह उनमें भी चला जाएगा, इस तरह बड़े पैमाने पर तिलचट्टों को मारा जा सकेगा. गंध की ताक़त न्यूयॉर्क में कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक वेंडेल रोएलॉफ़्स कहते हैं, "हम उम्मीद करते हैं कि इस प्रक्रिया से तिलचट्टों को इस गंध के जाल की तरफ़ आकर्षित किया जा सकेगा और यह नुस्ख़ा अंततः उन्हें मौत की गोद में सुला देगा."
तिलचट्टों को पकड़ने या मारने के लिए इस तरह के रसायन के प्रयोग का विचार नया नहीं है. इस पर काफ़ी समय से शोध चल रहा है लेकिन किसी असरदार नुस्ख़े की तलाश रही है. सेक्स फ़ेरोमोन्स यानी यौन रसायन मादा जानवरों में से तब निकलता है जब उनमें यौन क्रिया की इच्छा प्रबल होती है और यह ऐसी गंध होती है जिसे नर जानवर नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते. वैज्ञानिकों ने कुछ समय पहले तिलचटों की कुछ प्रजातियों से निकले वाली यौन गंध की पहचान करने और उसे बनाने में भी सफलता हासिल की थी लेकिन सबसे ख़तरनाक जर्मन प्रजाति के तिलचटों को जाल में फाँसने में कामयाबी नहीं मिल रही थी. वेंडेल रोएलॉफ़्स बताते हैं कि जर्मन तिलचट्टा पूरी दुनिया में सबसे ख़तरनाक कीड़ा है और मुश्किल ये थी कि यह पता नहीं लग पा रहा था कि मादा तिलचट्टे में से वह गंध कहाँ से निकलती है. अब वैज्ञानिकों ने इसका पता लगा लिया है कि यह गंध आख़िर निकलती कहाँ से है. लेकिन वैज्ञानिक यह भी भली-भाँति जानते हैं कि इस माया जाल में सिर्फ़ नर तिलचट्टे ही फँसेंगे क्योंकि यह गंध मादा तिलचट्टे को आकर्षित नहीं करती. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||