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जंगलों में मिला विशालकाय कॉकरोच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों का कहना है कि इंडोनेशिया में बोर्नियो के जंगलों में एक विशालकाय तिलचट्टा खोज निकाला है. नेचर कंज़रवेंसी के नेतृत्व में गुफाओं और कंदराओं की खोज कर रहे एक दल को न केवल ये नई तरह के तिलचट्टे ही नहीं मिले हैं बल्कि मछली और पौधों की नयी प्रजातियां भी मिली हैं. कंज़रवेसी दल के सदस्य स्कॉट स्टान्ले ने कहा " सिर्फ पांच हफ्तों में खोजी दल को कई नई प्रजातियां मिली हैं जिनके बारे में वैज्ञानिकों को कोई जानकारी नहीं धी. " उन्होंने कहा " क्या पता वहां और क्या क्या मिले. " स्टान्ले ने अपील की इन इलाकों का ठीक ढंग से संरक्षण किया जाए. उनका कहना था " अगर इन इलाकों को संरक्षित नहीं किया गया चो दर्ज़नों प्रजातियों का पता नहीं चल सकेगा और वो नष्ट हो जाएंगी. " पेड़ पौधों और जैव विविधता के मामले में बोर्नियो दुनिया का धनी क्षेत्र माना जाता है लेकिन इस क्षेत्र को किसी प्रकार का विशेष दर्ज़ा नहीं दिया गया है. इलाक़े में अवैध खनन कार्य होता रहता है. खोजी दल को चूना पत्थर की पहाड़ियां, गुफाएं और कई अनोखी चीजें मिली हैं. यह इलाक़ा इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से 1200 किलोमीटर दूर स्थित है. यहां जो विशालकाय तिलचट्टा मिला है उसकी लंबाई 10 सेंटीमीटर है जिसे दुनिया का सबसे बड़ा तिलचट्टा माना जा रहा है. तिलचट्टे के अलावा दल को सफेद केकड़े की एक प्रजाति, बेगोनिया और घोंघे के साथ साथ मछलियों की कई नई किस्में भी मिली हैं. |
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