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शनि से आईं चकित करने वाली तस्वीरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शनि ग्रह तक पहँचने वाले पहले अंतरिक्ष यान कैसिनी ह्यूगन्स ने कई कई तस्वीरें और आँकड़े भेजे हैं जिससे शनि के वलय के जन्म की कहानी खुल सकती है. तस्वीरों से पता चलता है कि शनि का वलय कई जगह से उबड़-खाबड़ है और कई जगह से वक्राकार है. इस यान ने आंकड़े भेजे हैं जिससे पता चलता है कि शनि का यह वलय किन चीज़ों से बना है. कैसिनी ने शनि के चंद्रमाओं में से दो की तस्वीरें भी भेजी हैं. कैसिनी शनि के जो वलयों के बीच था और उसने जो तस्वीरें भेजी हैं वे चकित करने वाली हैं. कैसिनी के उपकरण बताते हैं कि शनि के वलय मुख्य रुप से बर्फ़ से बने हुए हैं लेकिन इनमें से कुछ गहरे रंग के दिखाई देते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये सिर्फ़ धूल है. यह वही पदार्थ दिखाई देता है, जो बाहरी चंद्रमा फ़ोबे के बाहरी वातावरण में भी दिखाई देता है. इससे उस सिद्धांत को बल मिलता है कि शनि के वलय उसके पुराने चंद्रमाओं के नष्ट होने से बने हैं. चंद्रमा
कैसिनी ने घने बादलों के बीच से जो तस्वीरें ली हैं उससे पता चलता है कि वहाँ बर्फ़ है और कुछ लकीरें हैं, जो किसी अज्ञात पदार्थ से बनी हुई हैं. टाइटन और फ़ोबे की जो तस्वीरें कैसिनी ने भेजी हैं उसे देखकर पृथ्वी और उसके चंद्रमा की उन पुरानी तस्वीरों की तरह लगता है, जो दशकों पहले अंतरिक्ष अभियानों के दौरान लिए गए थे. सहसा भरोसा ही नहीं होता कि ये तस्वीरें पंद्रह लाख किलोमीटर दूर से आ रही हैं. |
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