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दसवाँ ग्रह मिला, नाम दिया सेडना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों ने सौर मंडल के दसवें ग्रह को खोजने का दावा किया है. नया ग्रह प्लूटो से भी आगे अवस्थित है. इसे समुद्र की देवी सेडना का नाम दिया गया है. कोई 74 साल के बाद सौर मंडल के किसी नए ग्रह का पता चला है. उल्लेखनीय है कि प्लूटो की खोज 1930 में हुई थी. यह खोज एक नए टेलीस्कोप स्पिटज़र से हुई है जिसे हाल ही में अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था. हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन ने भी नए ग्रह को देखा है. महत्वपूर्ण खोज शुरुआती जानकारी के अनुसार नया ग्रह 2000 किलोमीटर आकार का है, लेकिन खगोलविदों के अनुसार प्लूटो के आकार 2250 किलोमीटर से भी बड़ा हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार इस बात को लेकर बहस हो सकती है कि खोजा गया सौर पिंड वास्तव में ग्रह की परिभाषा में आता है. दरअसल अब भी खगोलविदों का एक वर्ग प्लूटो को एक सामान्य सौर पिंड मात्र मानता है, कोई ग्रह नहीं. हालाँकि कई खगोलविद अभी से ही नई खोज को सौर मंडल के दायरे के पुनर्सीमन के रूप में देख रहे हैं. शुरुआती गणना से लगता है कि नया ग्रह धरती से 10 अरब किलोमीटर दूर सौर मंडल के उस हिस्से में है जिसे कुइपर बेल्ट के नाम से जाना जाता है. सौर पिंडों की इस अंधेरी पट्टी में कई खोजें हुई हैं, और खगोलविदों को मानना है कि वहाँ अभी बहुत कुछ मिल सकता है. सेडना की खोज कैलीफ़ोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के डॉ. माइकल ब्राउन की टीम ने अपने अंतरिक्षीय सर्वे कार्यक्रम के दौरान की. अभी तीन वर्षीय सर्वे की आधी अवधि ही बीती है. |
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